PM Modi In Somnath Swabhiman Parv: सोमनाथ मंदिर पर महमूद गजनवी के पहले आक्रमण (1026 ईस्वी) के 1000 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में देश के पहले ज्योतिर्लिंग सोमनाथ मंदिर में ‘स्मरणोत्सव स्वाभिमान पर्व’ का भव्य आयोजन किया गया। इस ऐतिहासिक क्षण का साक्षी बनने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं मंदिर परिसर में उपस्थित रहे। उन्होंने प्राचीन आस्था और आधुनिक तकनीक के अद्भुत संगम का नेतृत्व किया।
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ओंकार नाद और आध्यात्मिक ऊर्जा

इस पर्व का सबसे आध्यात्मिक क्षण वह था जब प्रधानमंत्री मोदी ने 1000 सेकंड तक चले ‘ओंकार नाद’ के सामूहिक उच्चारण में भाग लिया। उन्होंने कहा कि इस अनुभव से उनका अंतर्मन आनंदित हो गया है। हर-हर महादेव की गूंज और श्रद्धालुओं की आस्था ने पूरे वातावरण को शिवमय बना दिया।
ड्रोन शो की भव्यता
शनिवार की रात सोमनाथ मंदिर का आकाश आधुनिक तकनीक की रोशनी से जगमगा उठा। मंदिर परिसर में आयोजित मेगा ड्रोन शो ने उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस शो में भगवान शिव और शिवलिंग की विशाल आकृतियां, सोमनाथ मंदिर का 3D चित्रण और ऐतिहासिक घटनाओं की झलक दिखाई गई। शो में लगभग 3,000 ड्रोन शामिल थे। भगवान शिव की तस्वीर 280 मीटर लंबी और शिवलिंग 330 मीटर लंबा दिखाया गया। शो में वीर हमीरजी गोहिल और सरदार वल्लभभाई पटेल जैसी हस्तियों को भी श्रद्धांजलि दी गई। प्रधानमंत्री मोदी ने इस शो को ‘दिव्यता से भरा’ बताया और कहा कि यह प्राचीन आस्था और आधुनिक तकनीक का अद्भुत तालमेल है।
आयोजन की थीम और संदेश
ड्रोन शो को IIT दिल्ली की इनक्यूबेटेड टेक कंपनी बोटलैब ने तैयार किया। यह शो एक थीमैटिक एरियल कहानी के रूप में प्रस्तुत किया गया, जिसमें आध्यात्मिकता, इतिहास और राष्ट्रीय पहचान को मिलाया गया।
‘शिव तांडव’ के जरिए दिव्य ऊर्जा और संतुलन का संदेश दिया गया।
‘अखंड सोमनाथ, अखंड भारत’ की थीम ने सभ्यता की निरंतरता को दर्शाया।
शो में मंदिर के इतिहास से लेकर आज के भारत तक की यात्रा को दिखाया गया।
सोमनाथ मंदिर का पुनर्निर्माण

आज़ादी के बाद सोमनाथ मंदिर को पुनर्निर्मित करने की कोशिशें सरदार वल्लभभाई पटेल ने शुरू कीं। 1951 में मंदिर को ठीक कर भक्तों के लिए खोला गया, जिसमें तत्कालीन राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद भी मौजूद थे। PMO के बयान में कहा गया कि बार-बार तोड़ने की कोशिशों के बावजूद सोमनाथ मंदिर आज भी मजबूती, विश्वास और राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक है।
शहर की सजावट और उत्सव का माहौल
इस अवसर पर पूरे सोमनाथ शहर को दुल्हन की तरह सजाया गया। मंदिर की ओर जाने वाली मुख्य सड़क पर होर्डिंग्स, बैनर और पोस्टर लगाए गए। वीर हमीरजी गोहिल सर्कल तक सजावट की गई और बड़े-बड़े बैनरों पर ‘अखंड सोमनाथ, अखंड भारत’ लिखा गया।
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