बिहार में मत्स्य उत्पादन बढ़ाने की योजना तेज, 2 हजार पंचायतों में सहायकों की तैनाती का प्रस्ताव कैबिनेट को भेजा गया

पटना बिहार के पंचायतों में दो हजार मत्स्य सहायक की नियुक्ति होगी। फिलहाल दो हजार पंचायतों में मत्स्य सहायकों की नियुक्ति की जाएगी। इससे मछली उत्पादक किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ लेने से लेकर तालाब और मत्स्य पालन संबंधी समस्याओं के समाधान तक समय पर सहायता मिल सकेगी। साथ ही, राज्य में मछली उत्पादन बढ़ाने में भी मदद मिलेगी। मत्स्य सहायक के पदों के लिए डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग ने प्रस्ताव तैयार कर वित्त विभाग की प्रशासी पदवर्ग समिति को भेज दिया है। प्रशासी पदवर्ग समिति से हरी झंडी मिलने के बाद विभाग इसे कैबिनेट की स्वीकृति

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Published On :

जून 27, 2026

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पटना
बिहार के पंचायतों में दो हजार मत्स्य सहायक की नियुक्ति होगी। फिलहाल दो हजार पंचायतों में मत्स्य सहायकों की नियुक्ति की जाएगी। इससे मछली उत्पादक किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ लेने से लेकर तालाब और मत्स्य पालन संबंधी समस्याओं के समाधान तक समय पर सहायता मिल सकेगी। साथ ही, राज्य में मछली उत्पादन बढ़ाने में भी मदद मिलेगी।

मत्स्य सहायक के पदों के लिए डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग ने प्रस्ताव तैयार कर वित्त विभाग की प्रशासी पदवर्ग समिति को भेज दिया है। प्रशासी पदवर्ग समिति से हरी झंडी मिलने के बाद विभाग इसे कैबिनेट की स्वीकृति के लिए भेजेगा। कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद इन पदों पर नियुक्ति तकनीकी सेवा आयोग के माध्यम से की जाएगी। पहले मत्स्य सहायकों की नियुक्ति संविदा के आधार पर करने की तैयारी थी, लेकिन अब इन्हें नियमित आधार पर नियुक्त करने का निर्णय लिया गया है।

योग्यता और वेतन
फिशरीज (मात्स्यिकी) में स्नातक या समकक्ष डिग्री अथवा इससे उच्च डिग्री रखने वाले अभ्यर्थी इस पद के लिए पात्र होंगे। वेतन एवं अन्य भत्ते कृषि विभाग के कृषि समन्वयक के समान होंगे। कृषि समन्वयक का पे ग्रेड 2800 रुपये है तथा मूल वेतन 5200 से 20200 रुपये है।

क्यों है जरूरत
राज्य सरकार ने अगले तीन वर्षों में सालाना 25 लाख टन मछली उत्पादन का लक्ष्य रखा है। वर्तमान में राज्य में मछली उत्पादन 10 लाख 28 हजार टन है। आवश्यकता की पूर्ति के लिए अभी आंध्रप्रदेश सहित अन्य राज्यों से मछली मंगानी पड़ती है।

पिछले दिनों मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने डेयरी, फिशरीज एवं पशु संसाधन विभाग की समीक्षा बैठक में मछली उत्पादन बढ़ाने का लक्ष्य दिया था। वर्तमान में पंचायत स्तर पर मत्स्य अधिकारी नहीं होने के कारण मछली उत्पादक किसानों को समय पर उचित सलाह नहीं मिल पाती। मत्स्य सहायकों की नियुक्ति होने पर वे किसानों को समेकित खेती के तहत तालाब निर्माण और मछली पालन के लिए प्रोत्साहित करेंगे।

बिहार में फिलहाल दो हजार पंचायतों में मत्स्य सहायकों की नियुक्ति की जाएगी। इससे मछली उत्पादक किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ लेने से लेकर तालाब और मत्स्य पालन संबंधी समस्याओं के समाधान तक समय पर सहायता मिल सकेगी। साथ ही, राज्य में मछली उत्पादन बढ़ाने में भी मदद मिलेगी।

कैबिनेट से मंजूरी का इंतजार
मत्स्य सहायक के पदों के लिए डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग ने प्रस्ताव तैयार कर वित्त विभाग की प्रशासी पदवर्ग समिति को भेज दिया है। प्रशासी पदवर्ग समिति से हरी झंडी मिलने के बाद विभाग इसे कैबिनेट की स्वीकृति के लिए भेजेगा। कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद इन पदों पर नियुक्ति तकनीकी सेवा आयोग के माध्यम से की जाएगी। पहले मत्स्य सहायकों की नियुक्ति संविदा के आधार पर करने की तैयारी थी, लेकिन अब इन्हें नियमित आधार पर नियुक्त करने का निर्णय लिया गया है।

फिशरीज (मात्स्यिकी) में स्नातक या समकक्ष डिग्री अथवा इससे उच्च डिग्री रखने वाले अभ्यर्थी इस पद के लिए पात्र होंगे। वेतन एवं अन्य भत्ते कृषि विभाग के कृषि समन्वयक के समान होंगे। कृषि समन्वयक का पे ग्रेड 2800 रुपये है तथा मूल वेतन 5200 से 20200 रुपये है। आयोग द्वारा आयोजित लिखित परीक्षा के आधार पर अभ्यर्थियों का चयन किया जाएगा।

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