बिहार में ऊर्जा विस्तार की योजना: एनटीपीसी लगाएगी आधुनिक तकनीक वाली नई बिजली उत्पादन इकाई

पटना  बरौनी में आठ सौ मेगावाट क्षमता की नई अल्ट्रा सुपर क्रिटिकल तकनीक वाली थर्मल बिजली उत्पादन इकाई लगाने पर विचार किया जा रहा है। इसकी फिजिबिलिटी रिपोर्ट पर काम हो रहा है। ऊर्जा मंत्रालय की अनुमति के बाद यह काम रफ्तार पकड़ेगा। इस संबंध में मिली जानकारी के अनुसार नई यूनिट की स्थापना के लिए जमीन का कोई संकट नहीं है। जहां अल्ट्रा सुपर क्रिटिकल तकनीक वाली थर्मल यूनिट लगाए जाने की योजना है वहां पुरानी थर्मल पावर यूनिट जो अब बंद हो चुकी है, उसकी जमीन का इस्तेमाल होगा। साथ में बैट्री स्टोरेज यूनिट पर भी काम नई

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Published On :

जून 28, 2026

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पटना
 बरौनी में आठ सौ मेगावाट क्षमता की नई अल्ट्रा सुपर क्रिटिकल तकनीक वाली थर्मल बिजली उत्पादन इकाई लगाने पर विचार किया जा रहा है।

इसकी फिजिबिलिटी रिपोर्ट पर काम हो रहा है। ऊर्जा मंत्रालय की अनुमति के बाद यह काम रफ्तार पकड़ेगा। इस संबंध में मिली जानकारी के अनुसार नई यूनिट की स्थापना के लिए जमीन का कोई संकट नहीं है।

जहां अल्ट्रा सुपर क्रिटिकल तकनीक वाली थर्मल यूनिट लगाए जाने की योजना है वहां पुरानी थर्मल पावर यूनिट जो अब बंद हो चुकी है, उसकी जमीन का इस्तेमाल होगा।

साथ में बैट्री स्टोरेज यूनिट पर भी काम
नई थर्मल पावर यूनिट के साथ-साथ बैट्री स्टोरेज यूनिट भी बरौनी में लगाई जाएगी। इसके माध्यम से बिजली को इस तकनीक के माध्यम से पीक आवर की मांग के लिए रखा जा सकेगा।

एनटीपीसी बिहार में पहली बार बैट्री स्टोरेज सिस्टम पर काम करेगी। बिहार में अभी एनटीपीसी की आठ सौ मेगावाट क्षमता की केवल एक यूनिट है। यह यूनिट औरंगाबाद के नवीनगर में बीआरबीसीएल की स्टेज-2 यूनिट है।

अल्ट्रा क्रिटिकल यूनिट का फायदा
अल्ट्रा सुपर क्रिटिकल यूनिट का फायदा यह है कि इसमें कोयले की खपत कम होती है। मोटे तौर पर प्रति यूनिट बिजली उत्पादन में 10 से 15 प्रतिशत कम कोयला लगता है।

इस वजह से कार्बन डाइआक्साइड, सल्फर और नाइट्रोजन आक्साइड जैसे हानिकार गैसों का उत्सर्जन कम होता है। पानी की भी बचत हाेती है।

कहलगांव और कांटी स्थित थर्मल यूनिट पर भी विचार
एनटीपीसी सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कहलगांव और कांटी स्थित थर्मल यूनिट परिसर में भी 800 मेगावाट क्षमता वाली अल्ट्रा सुपर क्रिटिकल यूनिट की स्थापना संभव है।

वैसे अभी इसकी फिजिबिलिटी रिपोर्ट पर काम आरंभ नहीं हुआ है। कहलगांव में तीसरे चरण के तहत 800 मेगावाट क्षमता वाली यूनिट की स्थापना के लिए साइट सर्वे का काम पूरा हो चुका है। यहां भी जमीन उपलब्ध है।

बिहार में एनटीपीसी की थर्मल पावर उत्पादन इकाई
बिहार में अभी एनटीपीसी की छह थर्मल पावर यूनिट काम कर रही। इनकी कुल वाणिज्यिक क्षमता 9500 मेगावाट है। एनटीपीस की थर्मल पावर यूनिट बाढ़, औरंगाबाद, बरौनी, कांटी व कहलगांव में है।

 

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