अमेरिका में पिया डांडिया की ऐतिहासिक जीत, राजस्थान से क्या है उनका खास रिश्ता?

जयपुर अंतरराष्ट्रीय मंच पर राजस्थान और जयपुर का नाम एक बार फिर गर्व से ऊंचा हुआ है। अमेरिका में हुए मिडटर्म चुनाव में भारतीय मूल की पिया डांडिया ने फ्लोरिडा के पुनर्गठित 22वें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट से यूएस हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स (US House of Representatives) का चुनाव जीतकर नया इतिहास रच दिया है। डेमोक्रेटिक पार्टी की प्रत्याशी 39 वर्षीय पिया डांडिया ने कड़े मुकाबले में रिपब्लिकन उम्मीदवार और मरीन वेटरन केसी असकर को मात दी। पिया को 51.9% वोट मिले, जबकि प्रतिद्वंद्वी असकर 49.1% वोटों पर सिमट गए। इस जीत के साथ ही पिया डांडिया फ्लोरिडा से अमेरिकी संसद में पहुंचने

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Published On :

नवम्बर 4, 2026

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जयपुर
अंतरराष्ट्रीय मंच पर राजस्थान और जयपुर का नाम एक बार फिर गर्व से ऊंचा हुआ है। अमेरिका में हुए मिडटर्म चुनाव में भारतीय मूल की पिया डांडिया ने फ्लोरिडा के पुनर्गठित 22वें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट से यूएस हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स (US House of Representatives) का चुनाव जीतकर नया इतिहास रच दिया है। डेमोक्रेटिक पार्टी की प्रत्याशी 39 वर्षीय पिया डांडिया ने कड़े मुकाबले में रिपब्लिकन उम्मीदवार और मरीन वेटरन केसी असकर को मात दी। पिया को 51.9% वोट मिले, जबकि प्रतिद्वंद्वी असकर 49.1% वोटों पर सिमट गए। इस जीत के साथ ही पिया डांडिया फ्लोरिडा से अमेरिकी संसद में पहुंचने वाली पहली भारतीय-अमेरिकी और यूएस हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में चुनी जाने वाली दूसरी भारतीय-अमेरिकी महिला बन गई हैं।

उनकी इस ऐतिहासिक जीत के बाद जहां अमेरिका में भारतीय समुदाय में जश्न का माहौल है, वहीं जयपुर में भी खुशी की लहर दौड़ गई है, क्योंकि पिया डांडिया का परिवार मूल रूप से जयपुर की माटी और संस्कृति से गहराई से जुड़ा हुआ है।

जयपुर से अटूट जुड़ाव: माता-पिता और विरासत की कहानी
पिया डांडिया का जन्म और पालन-पोषण अमेरिका के फ्लोरिडा (पाम बीच काउंटी) में हुआ, लेकिन उनकी जड़ें गुलाबी नगरी जयपुर में गहराई से समाई हुई हैं। उनके माता-पिता 1980 के दशक में जयपुर से अमेरिका (फ्लोरिडा) जाकर बस गए थे:

पिता डॉ. रोहित डांडिया
पिया के पिता डॉ. रोहित डांडिया जयपुर के विख्यात चिकित्सक हैं। उन्होंने अपनी डॉक्टरी की पढ़ाई (MBBS) जयपुर के ऐतिहासिक सवाई मानसिंह (SMS) मेडिकल कॉलेज (1971 बैच) से पूरी की थी। इसके बाद वे उच्च चिकित्सा अभ्यास के लिए अमेरिका चले गए।

मां भारती डांडिया
पिया की मां भारती डांडिया (बबली) का जयपुर के शैक्षणिक और सांस्कृतिक ताने-बाने से गहरा ताल्लुक रहा है। उन्होंने जयपुर के कनोड़िया कॉलेज से ग्रेजुएशन किया और राजस्थान यूनिवर्सिटी (RU) से अंग्रेजी साहित्य में एम.ए. करते हुए यूनिवर्सिटी टॉप किया था। जयपुर में रहने के दौरान उन्होंने विश्वप्रसिद्ध ट्रेडिशनल ब्लॉक-प्रिंट ब्रांड 'अनोखी' के लिए बतौर फैशन डिजाइनर भी काम किया। अमेरिका जाने के बाद 40 वर्ष की उम्र में उन्होंने मोंटेसरी शिक्षा पद्धति पढ़ी और फ्लोरिडा में एक मशहूर मोंटेसरी स्कूल स्थापित किया।

SMS मेडिकल कॉलेज को दिया बड़ा योगदान
डांडिया परिवार का नाम जयपुर के चिकित्सा और खेल जगत में बेहद सम्मान से लिया जाता है। एसएमएस मेडिकल कॉलेज के पूर्व उप-प्राचार्य व प्रसिद्ध फार्माकोलॉजिस्ट रहे स्वर्गीय प्रोफेसर डॉ. पी.सी. डांडिया के नाम पर इस परिवार ने जयपुर एसएमएस मेडिकल कॉलेज परिसर में भव्य 'डॉ. पी.सी. डांडिया स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स' का निर्माण करवाया, जिसके लिए परिवार ने करीब आधा मिलियन डॉलर (करोड़ों रुपये) का योगदान दिया।

'जयपुर में कजिन्स के साथ बिताया बचपन'
पिया डांडिया ने अपने साक्षात्कारों में खुद स्वीकार किया है कि उनके माता-पिता बचपन में उन्हें अकेले जयपुर अपने चचेरे भाइयों और रिश्तेदारों के पास रहने भेजते थे। जयपुर की गलियों, रिश्तेदारों के प्रेम और राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत ने ही उनकी सोच और वैश्विक नजरिये की नींव रखी।

गुलाबी नगरी का नाम रोशन
पिया डांडिया का जयपुर से अमेरिकी संसद तक का यह प्रेरणादायक सफर यह साबित करता है कि राजस्थान की माटी और संस्कार दुनिया के किसी भी कोने में भारत का मान बढ़ा सकते हैं। फ्लोरिडा के 22वें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट से उनकी यह ऐतिहासिक जीत केवल अमेरिकी राजनीति में बदलाव की प्रतीक नहीं है, बल्कि राजस्थान की उस प्रतिभा का भी प्रमाण है जो वैश्विक पटल पर अमिट छाप छोड़ रही है।

कैसा रहा करियर और किन मुद्दों पर जीता दिल?
हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से स्नातक पिया डांडिया ने अपने सार्वजनिक जीवन की शुरुआत शिक्षा और समाज सेवा से की थी। वे 'टीच फॉर अमेरिका' में शिक्षिका रहीं, न्यू यॉर्क के हार्लेम क्षेत्र में देश की सबसे युवा हाई स्कूल फाउंडिंग प्रिंसिपल्स में शामिल हुईं, व्हाइट हाउस फेलो के रूप में कार्य किया और तकनीक दिग्गज कंपनी 'एप्पल' में पब्लिक-सेक्टर एग्जीक्यूटिव के तौर पर सेवाएं दीं।

उन्होंने मध्यम वर्ग के लिए सस्ती जीवन शैली, सार्वजनिक शिक्षा में सुधार, स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच और सोशल सिक्योरिटी की रक्षा जैसे धरातली मुद्दों पर चुनाव लड़ा और पूर्व में रिपब्लिकन रुझान वाले इस खुले क्षेत्र को बदलकर अपनी झोली में डाल लिया।

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