पीएचईडी की बड़ी कार्रवाई की चेतावनी, असफल अभियंताओं पर CRS की गाज गिरने के संकेत

पटना   बिहार में ‘हर घर नल का जल’ योजना में काम कर रहे अभियंता सरकार के दिए गए टारगेट को पूरा करने में अयोग्य निकले तो लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (पीएचईडी) इंजीनियर को जबरन रिटायर करके उनकी नौकरी का कनेक्शन ही काट देगा। मंगलवार को विभाग के मुंगेर, लखीसराय और जमुई प्रमंडल में हर घर नल का जल योजना की प्रगति और संचालन की पीएचईडी विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल ने पटना में गहन समीक्षा की। बैठक में सचिव पंकज पाल ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि योजना के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त

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Published On :

अप्रैल 29, 2026

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पटना  

बिहार में ‘हर घर नल का जल’ योजना में काम कर रहे अभियंता सरकार के दिए गए टारगेट को पूरा करने में अयोग्य निकले तो लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (पीएचईडी) इंजीनियर को जबरन रिटायर करके उनकी नौकरी का कनेक्शन ही काट देगा। मंगलवार को विभाग के मुंगेर, लखीसराय और जमुई प्रमंडल में हर घर नल का जल योजना की प्रगति और संचालन की पीएचईडी विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल ने पटना में गहन समीक्षा की। बैठक में सचिव पंकज पाल ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि योजना के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सचिव ने लापरवाह अफसरों को चेतावनी देते हुए दो टूक कह दिया कि जो अभियंता कार्य निष्पादन में असमर्थ या उदासीन पाए जाएंगे, उनको अनिवार्य सेवानिवृत्ति (सीआरएस) दे दी जाएगी। इससे विभाग में हड़कंप मच गया है।

सचिव पंकज पाल ने मुंगेर प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता को विशेष रूप से निर्देशित किया कि काम में तेजी लाते हुए लंबित योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्रता से पूर्ण करें। साथ ही CGRC (केंद्रीकृत शिकायत निवारण केंद्र) पर लंबित शिकायतों का त्वरित निष्पादन भी सुनिश्चित करने को कहा गया है। सचिव ने यह भी निर्देश दिया कि जिन योजनाओं में किसी भी प्रकार की बाधा उत्पन्न हो रही है, उसे अविलंब दूर कर कार्य को सुचारू रूप से संचालित करें, ताकि आम लोगों को निर्बाध जलापूर्ति सुनिश्चित हो सके। लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के प्रति नाराजगी जताते हुए आवश्यक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

समीक्षा बैठक के दौरान यह बात भी सामने आई कि मुख्यालय से निरीक्षण के लिए नामित सहायक अभियंता फील्ड विजिट पर गए ही नहीं। इस पर विभागीय सचिव ने गंभीर असंतोष व्यक्त करते हुए ऐसे सहायक अभियंता के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया। लखीसराय और मुंगेर के कार्यपालक अभियंता को नियमित रूप से क्षेत्र भ्रमण कर योजनाओं की जमीनी स्थिति की निगरानी करने का निर्देश दिया गया है। सचिव ने स्पष्ट किया कि जो अभियंता कार्य निष्पादन में असमर्थ या उदासीन पाए जाएंगे, उनके विरुद्ध CRS (अनिवार्य सेवानिवृत) की कार्रवाई हो जाएगी।

सचिव ने कहा कि सभी पदाधिकारी कार्यप्रणाली में सुधार लाएं और सरकार की योजनाओं को आम जनता तक पहुंचाएं। अभियंताओं को निदेशित किया गया कि क्षतिग्रस्त पाइपलाइन, लीकेज आदि को तुरंत ठीक कराया जाए। अधीक्षण अभियंता को भी नियमित रूप से फील्ड विजिट पर जाने का निदेश दिया गया है। बैठक में मुख्यालय के वरीय पदाधिकारी एवं संबंधित प्रमंडलों के कार्यपालक अभियंता उपस्थित रहे।

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