Petrol Diesel Price: आज शनिवार, 25 अप्रैल 2026 को वैश्विक तेल बाजार में भारी अस्थिरता देखी जा रही है, जिसका सीधा असर दुनिया भर की अर्थव्यवस्थाओं पर पड़ रहा है। पश्चिम एशिया में जारी तनाव और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में बढ़ते विवाद के चलते कच्चे तेल की आपूर्ति प्रभावित हुई है। इसी कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत बढ़कर 106 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई है।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस स्थिति का मुख्य कारण ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ता तनाव और समुद्री मार्गों पर अस्थिरता है। दुनिया के कुल तेल व्यापार का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से होकर गुजरता है, ऐसे में यहां किसी भी तरह की बाधा वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला को प्रभावित करती है।
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भारत में पेट्रोल-डीजल के दामों की स्थिति

वैश्विक बाजार में उथल-पुथल के बावजूद भारत के प्रमुख महानगरों में आज पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बड़ा बदलाव नहीं देखा गया है। हालांकि कुछ छोटे शहरों में हल्की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
देश के प्रमुख शहरों में आज के पेट्रोल और डीजल के दाम इस प्रकार हैं— दिल्ली में पेट्रोल ₹94.77 और डीजल ₹87.67 प्रति लीटर दर्ज किया गया है। मुंबई में पेट्रोल ₹103.54 और डीजल ₹90.03 है। कोलकाता में पेट्रोल ₹105.41 और डीजल ₹92.02 प्रति लीटर बिक रहा है, जबकि चेन्नई में पेट्रोल ₹101.06 और डीजल ₹92.61 है।
अन्य शहरों की बात करें तो गुड़गांव में पेट्रोल ₹95.65 और डीजल ₹88.10 है। नोएडा में पेट्रोल ₹94.85 और डीजल ₹87.98 दर्ज किया गया है। बेंगलुरु में पेट्रोल ₹102.96 और डीजल ₹90.99 है। इसी तरह हैदराबाद में पेट्रोल ₹107.50 और डीजल ₹95.70 तक पहुंच गया है, जो प्रमुख शहरों में सबसे अधिक दरों में से एक है। जयपुर, लखनऊ, पटना और तिरुवनंतपुरम जैसे शहरों में भी ईंधन की कीमतें अपेक्षाकृत ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं।
वैश्विक संकट और तेल आपूर्ति पर असर
ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव और कथित ‘दोहरी नाकाबंदी’ के कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तेल टैंकरों की आवाजाही बाधित हो रही है। इससे वैश्विक आपूर्ति पर गंभीर असर पड़ा है और कई देशों को कच्चे तेल की उपलब्धता में कमी का सामना करना पड़ रहा है। भारत की रिफाइनरियों को वर्तमान में लगभग 108.55 डॉलर प्रति बैरल की दर से कच्चा तेल खरीदना पड़ रहा है, जिससे उत्पादन लागत बढ़ गई है।
तेल कंपनियों पर दबाव और संभावित असर
भारत की प्रमुख तेल कंपनियां जैसे इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम फिलहाल पेट्रोल पर करीब ₹20 और डीजल पर ₹100 प्रति लीटर तक का घाटा झेल रही हैं। इसके बावजूद सरकार ने उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए कीमतों को स्थिर बनाए रखने का निर्णय लिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव कम नहीं हुआ, तो आने वाले समय में ईंधन की कीमतों में और बढ़ोतरी हो सकती है।
शांति वार्ता पर टिकी उम्मीदें
इस बीच, दुनिया की नजरें अमेरिका और ईरान के बीच संभावित शांति वार्ता पर टिकी हैं, जो पाकिस्तान में होने की संभावना है। यदि इस वार्ता से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में स्थिरता लौटती है और तेल आपूर्ति सामान्य होती है, तो कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आ सकती है। ऐसी स्थिति में भारतीय उपभोक्ताओं को भी पेट्रोल और डीजल की कीमतों में राहत मिलने की उम्मीद है।
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