सावन के आखिरी सोमवार शाम करें ये 5 उपाय, बरसेगी महादेव की विशेष कृपा

आज सावन का आखिरी सोमवार है. सावन के सोमवार पर भगवान शिव की विशेष पूजा की जाती है. वहीं, ज्योतिषियों के मुताबिक, सावन का अंतिम सोमवार महादेव की कृपा पाने और मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए अत्यंत पवित्र और फलदायी माना जाता है. इस विशेष दिन शिवलिंग का सही विधि से पूजन करने से जीवन की परेशानियां दूर होती हैं. इसके अलावा, सावन के सोमवार की संध्या (प्रदोष काल) भगवान शिव की विशेष कृपा पाने के लिए अत्यंत शुभ मानी जाती है. मान्यता है कि शाम के समय भोलेनाथ अपने भक्तों पर शीघ्र प्रसन्न होते हैं. तो आइए जानते हैं

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Published On :

अगस्त 24, 2026

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आज सावन का आखिरी सोमवार है. सावन के सोमवार पर भगवान शिव की विशेष पूजा की जाती है. वहीं, ज्योतिषियों के मुताबिक, सावन का अंतिम सोमवार महादेव की कृपा पाने और मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए अत्यंत पवित्र और फलदायी माना जाता है. इस विशेष दिन शिवलिंग का सही विधि से पूजन करने से जीवन की परेशानियां दूर होती हैं. इसके अलावा, सावन के सोमवार की संध्या (प्रदोष काल) भगवान शिव की विशेष कृपा पाने के लिए अत्यंत शुभ मानी जाती है. मान्यता है कि शाम के समय भोलेनाथ अपने भक्तों पर शीघ्र प्रसन्न होते हैं. तो आइए जानते हैं सावन के आखिरी सोमवार की शाम कौन से कार्य करना शुभ रहेगा l

शाम को कच्चा दूध और जल अर्पित करें
सावन सोमवार पर आज शाम शिव मंदिर जाएं और तांबे के लोटे में जल, थोड़ा सा कच्चा दूध और काले तिल मिलाकर शिवलिंग पर अर्पित करें. जल चढ़ाते समय ऊं नम: शिवाय मंत्र का उच्चारण करें l

बेलपत्र पर चंदन से लिखें राम-नाम
इसके अलावा, शाम के समय 108 बेलपत्र लें और उन पर सफेद चंदन से 'राम' लिखें. शाम की पूजा के समय अपनी मनोकामना का ध्यान करते हुए ये बेलपत्र एक-एक करके शिवलिंग पर चढ़ाएं l

गाय के घी का दीपक जलाएं
मंदिर में जाकर या घर के ईशान कोण (उत्तर-पूर्व दिशा) और मुख्य द्वार पर गाय के शुद्ध घी का दीपक जलाएं. दीपक के तेल में एक चुटकी काला तिल डाल दें. इससे आर्थिक परेशानियां और ग्रह दोष दूर होते हैं l

शमी पत्र और शहद अर्पित करें
अगर व्यापार, नौकरी या धन से जुड़ी कोई बाधा आ रही है, तो शिवलिंग पर शहद और शमी के पत्ते अर्पित करें. इससे आरोग्य और उन्नति की प्राप्ति होती है l

महामृत्युंजय मंत्र का जप
शाम की आरती के बाद शिव प्रतिमा के समक्ष बैठकर कम से कम 108 बार महामृत्युंजय मंत्र का जप करें. यह उपाय हर प्रकार के रोग, भय और कष्टों को दूर करता है l

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