
Jan Mahabhiyog Proposal: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने एक मॉक पार्लियामेंट (प्रतीकात्मक संसद) के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने के लिए ‘जन-महाभियोग’ प्रस्ताव पेश किया है। इस दौरान खरगे ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर लोकतंत्र व मतदान अधिकारों से खिलवाड़ करने के गंभीर आरोप लगाए। दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कांग्रेस पर तीखा पलटवार किया है और पूर्व प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू पर निशाना साधा है।
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खरगे के 6 बड़े आरोप: वोट चोरी और मतदाता सूची में गड़बड़ी का दावा

अपने संबोधन की शुरुआत देश के पहले गृह मंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल और पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को नमन करते हुए करते हुए, मल्लिकार्जुन खरगे ने चुनाव आयोग और एनडीए सरकार पर कई बड़े हमले किए। उन्होंने चुनाव आयोग के कामकाज पर सवाल उठाते हुए छह प्रमुख आरोप लगाए। खरगे ने आरोप लगाया कि देश में सोची-समझी साजिश के तहत चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित किया जा रहा है। दावा किया गया कि 13.2 करोड़ मतदाताओं के नाम सूची से डिलीट कर दिए गए हैं। संसद की जानकारी या सहमति के बिना ‘फॉर्म-6’ में बदलाव किए गए हैं।

ईसीआईनेट के जरिए मतदाता सूचियों पर नियंत्रण और कब्जा करने का प्रयास किया गया है। मुख्य चुनाव आयुक्त द्वारा अन्य चुनाव आयुक्तों को पूरी प्रक्रिया से दूर रखा गया। चुनाव आयोग सीधे तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के इशारे पर काम कर रहा है।
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि संविधान ने देश के हर नागरिक को समानता और मतदान का अधिकार दिया है, लेकिन वर्तमान में यह अधिकार गंभीर खतरे में है। उन्होंने महाराष्ट्र और कर्नाटक चुनावों का हवाला देते हुए कहा कि मतदाता सूचियों में हेराफेरी कर चुनाव परिणामों को प्रभावित किया गया है। साथ ही, उन्होंने 2023 के चुनाव आयोग से जुड़े कानून को रद्द करने और मुख्य चुनाव आयुक्त को तुरंत पद से हटाने की मांग की।

बीजेपी का पलटवार: संबित पात्रा बोले- “पहली वोट चोरी नेहरू जी ने की थी”

कांग्रेस के इन तीखे हमलों पर बीजेपी ने जोरदार पलटवार किया है। बीजेपी नेता संबित पात्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। पात्रा ने कहा कि कांग्रेस पार्टी और उसके नेता आज लोकतंत्र और चुनाव आयोग पर सवाल उठा रहे हैं, जबकि इतिहास गवाह है कि देश में पहली वोट चोरी किसने की थी।
संबित पात्रा ने दावा किया कि जब देश के पहले प्रधानमंत्री के चुनाव के समय सरदार वल्लभभाई पटेल के पक्ष में सबसे अधिक मत पड़े थे, तब पंडित जवाहरलाल नेहरू ने उन वोटों की अनदेखी या हेराफेरी कर खुद को प्रधानमंत्री बनाया था। बीजेपी ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी अपनी राजनीतिक जमीन खिसकती देख संवैधानिक संस्थाओं पर अनर्गल आरोप लगा रही है और जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रही है।
इस प्रकार, एक तरफ जहां विपक्ष चुनावी पारदर्शिता और निष्पक्षता को लेकर आक्रामक तेवर अपनाए हुए है, वहीं सत्ता पक्ष इसे विपक्ष की राजनीतिक बौखलाहट करार दे रहा है।
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