Patna University Bomb Blast : पटना विश्वविद्यालय परिसर में शिक्षक दिवस पर देसी बम धमाका, कैंपस में मची सनसनी

शिक्षक दिवस पर पटना विश्वविद्यालय में उस वक्त सनसनी फैल गई, जब भूगोल विभाग की पार्किंग में अचानक देसी बम धमाका हुआ। रिपोर्ट के मुताबिक बम डबल-डेकर पुल की ओर से फेंका गया था। गनीमत रही कि कोई घायल नहीं हुआ। अब बड़ा सवाल है कि बम किसने और क्यों फेंका?

Patna University Blast

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

सितम्बर 5, 2026

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Patna University Bomb Blast : बिहार की राजधानी पटना स्थित प्रतिष्ठित पटना विश्वविद्यालय में शिक्षक दिवस के मौके पर उस समय अफरातफरी मच गई, जब भूगोल विभाग की पार्किंग में अचानक एक जोरदार धमाका हुआ। विश्वविद्यालय के भीतर जहां एक तरफ शिक्षक दिवस का जश्न चल रहा था और छात्र व शिक्षक समारोह में व्यस्त थे, वहीं पार्किंग क्षेत्र में हुए कथित देसी बम विस्फोट ने पूरे कैंपस को हिलाकर रख दिया। धमाके की तेज आवाज सुनते ही आसपास मौजूद लोगों में भारी दहशत फैल गई।

जोरदार आवाज से कैंपस में अफरातफरी

शुरुआती जानकारी के अनुसार, यह धमाका ज्योग्राफी डिपार्टमेंट यानी भूगोल विभाग की पार्किंग में हुआ। विस्फोट इतना तेज था कि इसकी आवाज विश्वविद्यालय परिसर के दूर-दूर के हिस्सों तक सुनाई दी। धमाके के बाद छात्रों और शिक्षकों के बीच कुछ समय के लिए भगदड़ और अफरातफरी का माहौल बन गया। हालांकि, इस घटना में राहत की सबसे बड़ी बात यह रही कि विस्फोट के समय पार्किंग क्षेत्र में कोई भी छात्र या कर्मचारी मौजूद नहीं था।

पुल के ऊपर से बम फेंके जाने का दावा

प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि विश्वविद्यालय परिसर के पास से गुजर रहे नए डबल डेकर पुल के ऊपर से किसी अज्ञात असामाजिक तत्व ने पार्किंग की दिशा में बम फेंका था। इसके बाद वह बम सीधे पार्किंग क्षेत्र में गिरा और उसमें जोरदार विस्फोट हुआ। फिलहाल स्थानीय पुलिस ने इस सनसनीखेज घटना को लेकर गहन जांच शुरू कर दी है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि वारदात के पीछे किस व्यक्ति का हाथ था।

पुलिस ने मौके पर पहुंचकर संभाला मोर्चा

धमाके की सूचना मिलते ही स्थानीय पीरबहोर थाना पुलिस की टीम तुरंत हरकत में आई और विश्वविद्यालय परिसर पहुंच गई। पुलिस ने बिना देर किए घटनास्थल को अपने कब्जे में लिया और आसपास के पूरे इलाके को सील कर दिया। सुरक्षा के लिहाज से मौके पर जांच पूरी होने तक लोगों की आवाजाही को नियंत्रित किया गया। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर विस्फोट से जुड़े तमाम साक्ष्य जुटाए।

FSL टीम ने जुटाए बम के अवशेष

मामले की गंभीरता को देखते हुए फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी यानी FSL की विशेष टीम को भी तुरंत घटनास्थल पर बुलाया गया। फॉरेंसिक विशेषज्ञों ने विस्फोट वाली जगह से बम के अवशेष और अन्य जरूरी नमूने एकत्र किए। इन नमूनों की वैज्ञानिक जांच के जरिए पुलिस यह पुख्ता करने की कोशिश कर रही है कि इस विस्फोट में आखिर किस तरह के विस्फोटक पदार्थों या सामग्री का इस्तेमाल किया गया था।

CCTV फुटेज से आरोपी की तलाश

पुलिस विश्वविद्यालय परिसर के अंदर और उसके आसपास लगे तमाम सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगालने में जुटी है। अधिकारियों को पूरी उम्मीद है कि कैमरों में पुल के ऊपर या आसपास कोई संदिग्ध गतिविधि जरूर कैद हुई होगी। पुलिस के अनुसार, शुरुआती छानबीन में कुछ ऐसे सीसीटीवी फुटेज हाथ लगे हैं, जो यह संकेत देते हैं कि बम वाकई पुल के ऊपर से विश्वविद्यालय परिसर की तरफ फेंका गया था।

असिस्टेंट प्रॉक्टर की सख्त चेतावनी

पटना विश्वविद्यालय के असिस्टेंट प्रॉक्टर प्रोफेसर उदय शंकर ने जानकारी दी कि घटना के समय भूगोल विभाग में शिक्षक दिवस का कार्यक्रम बेहद शांतिपूर्वक चल रहा था। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस धमाके में किसी भी छात्र, शिक्षक या अन्य कर्मचारी के घायल होने की कोई सूचना नहीं मिली है। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि यदि पुलिस जांच में विश्वविद्यालय के किसी छात्र की संलिप्तता पाई जाती है, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी और उसे विश्वविद्यालय से बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा।

पुलिस ने जल्द गिरफ्तारी का जताया भरोसा

पीरबहोर थाना प्रभारी राजकुमार ने बताया कि पुलिस के हाथ घटना से जुड़े कुछ अहम सीसीटीवी फुटेज लगे हैं। शुरुआती जांच में बम के पुल के ऊपर से फेंके जाने की बात पुख्ता हुई है। पुलिस अब इन फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर संदिग्ध की पहचान करने में तेजी से जुटी है। अधिकारियों ने पूरा भरोसा जताया है कि इस नापाक हरकत में शामिल लोगों की पहचान करके उन्हें बहुत जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

सुरक्षा व्यवस्था पर खड़े हुए गंभीर सवाल

शिक्षक दिवस जैसे महत्वपूर्ण और गरिमापूर्ण अवसर पर विश्वविद्यालय परिसर के भीतर इस तरह की बम धमाके की घटना ने कैंपस की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े और गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि गनीमत यह रही कि इस हादसे में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है, लेकिन यदि भीड़भाड़ वाले विश्वविद्यालय परिसर में पार्किंग क्षेत्र में उस वक्त छात्र या कर्मचारी मौजूद होते, तो स्थिति बेहद भयावह हो सकती थी। पुलिस की अंतिम जांच रिपोर्ट आने के बाद ही इस घटना के पीछे की असली वजह साफ हो पाएगी।

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