Patna News: बिहार की राजधानी पटना स्थित पाटलिपुत्र रेलवे स्टेशन पर रविवार को उस समय हंगामा खड़ा हो गया, जब मध निषेध विभाग की परीक्षा देने पहुंचे अभ्यर्थियों ने रेल व्यवस्था को लेकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। देखते ही देखते प्रदर्शन उग्र रूप ले बैठा और बड़ी संख्या में छात्र रेलवे ट्रैक पर उतर गए। इस दौरान स्टेशन परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और कुछ समय के लिए रेल परिचालन भी प्रभावित हुआ।
विशेष ट्रेन की मांग को लेकर शुरू हुआ विरोध
जानकारी के अनुसार बिहार के विभिन्न जिलों में आयोजित होने वाली मध निषेध विभाग की परीक्षा के लिए बड़ी संख्या में परीक्षार्थी पटना पहुंचे थे। देर रात स्टेशन पर मौजूद छात्रों ने आरोप लगाया कि परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने के लिए पर्याप्त ट्रेन व्यवस्था नहीं है। इसी मांग को लेकर करीब 200 से 250 छात्र रेलवे ट्रैक पर बैठ गए और विशेष ट्रेन चलाने की मांग करने लगे।
रेल अधिकारियों ने स्थिति को देखते हुए उच्च स्तर पर चर्चा की और छात्रों की सुविधा के लिए विशेष ट्रेन की व्यवस्था भी कर दी। रात करीब 2:30 बजे स्पेशल ट्रेन स्टेशन पर पहुंच गई, लेकिन इसके बावजूद प्रदर्शन समाप्त नहीं हुआ और कुछ प्रदर्शनकारी उग्र हो गए।
प्रदर्शन ने लिया हिंसक रूप
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार स्पेशल ट्रेन उपलब्ध कराए जाने के बाद भी कुछ छात्रों ने रेलवे संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया। इस दौरान पथराव की घटनाएं भी सामने आईं। हालात बिगड़ते देख रेलवे सुरक्षा बल (RPF), सरकारी रेलवे पुलिस (GRP) और जिला पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा।
उग्र भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने पहले समझाने का प्रयास किया, लेकिन जब स्थिति काबू से बाहर होने लगी तो बल प्रयोग करना पड़ा। पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज कर भीड़ को तितर-बितर किया। इसके बाद धीरे-धीरे स्थिति नियंत्रण में आई।
पुलिस और प्रशासन ने संभाला मोर्चा
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों ने ट्रेनों के संचालन में बाधा डालने की कोशिश की। इससे कई रेल सेवाएं प्रभावित हुईं। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए ट्रैक को खाली कराया और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की।
घटना के दौरान कुछ पुलिसकर्मियों और अधिकारियों को मामूली चोटें भी आईं। प्रशासन ने स्टेशन परिसर और आसपास के क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर दिए हैं ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।
आईजी ने बताई पूरी घटना
घटना पर जानकारी देते हुए आईजी जितेंद्र राणा ने कहा कि लगभग 200 से 250 छात्र रेलवे ट्रैक पर बैठकर ट्रेन संचालन रोक रहे थे। पुलिस, आरपीएफ और जीआरपी ने मिलकर उन्हें समझाने का प्रयास किया, लेकिन कुछ लोगों ने पथराव शुरू कर दिया। इसके बाद जनहानि और संपत्ति के नुकसान को रोकने के लिए आवश्यक कार्रवाई की गई। उन्होंने बताया कि अब ट्रैक पूरी तरह खाली करा लिया गया है और रेल सेवाएं सामान्य रूप से संचालित हो रही हैं।
पटना डीएम ने दी स्थिति की जानकारी
पटना के जिलाधिकारी डॉ. थियागराजन ने बताया कि प्रशासन को देर रात उपद्रव की सूचना मिली थी। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से शांतिपूर्ण व्यवहार करने और परीक्षा देने वाले अन्य छात्रों का सहयोग करने की अपील की थी। उन्होंने कहा कि दो विशेष ट्रेनें पहले से उपलब्ध थीं, इसके बावजूद कुछ असामाजिक तत्वों ने स्थिति को बिगाड़ने का प्रयास किया।
डीएम के अनुसार अब हालात पूरी तरह सामान्य हैं। परीक्षा देने वाले छात्रों के लिए उपलब्ध कराई गई ट्रेनें अपने गंतव्य के लिए रवाना हो चुकी हैं और रेलवे सेवाएं भी सुचारु रूप से संचालित हो रही हैं।
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सुरक्षा व्यवस्था की गई मजबूत
घटना के बाद स्टेशन परिसर में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कानून व्यवस्था भंग करने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल रेलवे स्टेशन और आसपास के क्षेत्रों में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।










