Patna Coaching Dispute : बिहार की राजधानी पटना में एक बार फिर कोचिंग संस्थानों के बीच आपसी वर्चस्व की लड़ाई का मामला बेहद गर्म हो चुका है। बीती रात पटना के सबसे चर्चित और देश भर में लोकप्रिय शिक्षक ‘खान सर’ (Khan Sir) के कोचिंग संस्थान को निशाना बनाते हुए असामाजिक तत्वों द्वारा भीषण हमला किया गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, उपद्रवियों ने खान सर के संस्थान पर जमकर पथराव किया, खिड़की-दरवाजों में तोड़फोड़ की और संस्थान के बाहर लगे तमाम बड़े-बड़े पोस्टरों को फाड़ दिया। इस हिंसक घटना के बाद इलाके में भारी तनाव फैल गया। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पटना के ही एक अन्य प्रसिद्ध कोचिंग संस्थान ‘ज्ञान बिंदु जीएस अकादमी’ के संचालक रोशन आनंद समेत तीन लोगों को मौके से गिरफ्तार कर लिया है।
रोशन आनंद कौन हैं?
इस सनसनीखेज हमले के बाद अब शिक्षा जगत और आम जनता के बीच यह बड़ा सवाल उठ रहा है कि आखिर यह रोशन आनंद कौन हैं, जिन्होंने पूरे भारत में अपनी अनूठी पहचान रखने वाले खान सर से सीधे पंगा लेने की जहमत उठाई है। पटना पुलिस की शुरुआती जांच और स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, रोशन आनंद का अपना कोचिंग संस्थान ‘ज्ञान बिंदु जीएस अकादमी’ भी पटना के प्रतियोगी परीक्षा के क्षेत्र में काफी प्रसिद्ध और चर्चा में रहता है। शिक्षाविदों और छात्रों के बीच रोशन आनंद को एक बेहद कड़क और रणनीतिक शिक्षक के रूप में देखा जाता है। खान सर जैसे बड़े नाम के संस्थान पर हमले की साजिश में उनका नाम आने से पटना के पूरे शिक्षा बाजार में हड़कंप मच गया है।
‘दारोगा की फैक्ट्री’ और ‘दारोगा गुरु’ के नाम से मशहूर हैं शिक्षक रोशन आनंद
पटना के शिक्षा जगत से जुड़े विशेषज्ञों के अनुसार, ज्ञान बिंदु कोचिंग संस्थान के संचालक रोशन आनंद को छात्र और स्थानीय लोग ‘दारोगा की फैक्ट्री’ के नाम से भी जानते हैं। रोशन आनंद पटना के ज्ञान बिंदु जीएस अकादमी के संस्थापक होने के साथ-साथ सोशल मीडिया और ऑफलाइन कक्षाओं में एक बेहद लोकप्रिय शिक्षक हैं। उनका यह संस्थान मुख्य रूप से बिहार पुलिस सब-इंस्पेक्टर (Daroga SI), कांस्टेबल और अन्य राज्य स्तरीय प्रतियोगी परीक्षाओं की अचूक तैयारी कराने के लिए जाना जाता है। उनके संस्थान से हर साल बड़ी संख्या में छात्र बिहार पुलिस की परीक्षाओं में सफलता प्राप्त करते हैं, यही वजह है कि उन्हें लोग आदर से ‘दारोगा गुरु’ भी कहते हैं।
पटना में पहचान बनाने का सफर
रोशन आनंद के निजी जीवन की बात करें तो उनका शुरुआती जीवन संघर्षों से भरा रहा है। वह बिहार के बेहद पिछड़े माने जाने वाले सहरसा जिले के धमसेना गांव के रहने वाले हैं और उनका जन्म एक अत्यंत गरीब किसान परिवार में हुआ था। घर की आर्थिक स्थिति ठीक न होने के कारण, वह महज 15 से 16 वर्ष की छोटी उम्र में ही अपना घर-बार छोड़कर अपने भविष्य और आजीविका की तलाश में बाहर निकल गए थे। उन्होंने खुद एक अदद सरकारी नौकरी पाने के लिए सालों तक पटना की गलियों में रहकर बेहद कठिन और कड़ा संघर्ष किया था, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था।
बिहार पुलिस के फिजिकल टेस्ट में हुए थे फेल
आज हजारों युवाओं को दारोगा बनाने वाले रोशन आनंद को खुद कभी सरकारी नौकरी के दौर में असफलताओं का स्वाद चखना पड़ा था। साल 2014 में उन्होंने बिहार पुलिस की लिखित परीक्षा भारी अंकों के साथ पास कर ली थी, लेकिन वह अंतिम दौर के कड़े फिजिकल टेस्ट (शारीरिक परीक्षा) में सफल नहीं हो सके। इसके बाद उन्होंने हार नहीं मानी और बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की परीक्षा दी, जहाँ वे इंटरव्यू (साक्षात्कार) तक पहुंचे, लेकिन अंतिम चयन सूची में उनका नाम नहीं आ सका। इन लगातार असफलताओं से सीख लेते हुए उन्होंने 1 सितंबर 2017 को पटना में ‘ज्ञान बिंदु जीएस अकादमी’ की नींव रखी। शुरुआत में उनके पास पढ़ने के लिए सिर्फ 5 से 6 छात्र ही आते थे, लेकिन अपनी कड़ी मेहनत के दम पर आज वे पटना के सबसे सफल और अमीर कोचिंग संचालकों में गिने जाते हैं, जो अब विवादों के घेरे में हैं।
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