Patna-Gaya Rail News: पटना-गया रेलखंड में हाईटेंशन तार चोरी, 3 घंटे तक थमी ट्रेनों की रफ्तार

पटना-गया रेल मार्ग पर 25 हजार वोल्ट के हाईटेंशन ओवरहेड तार चोरी होने से रेल संचालन बुरी तरह प्रभावित हो गया। करीब तीन घंटे तक कई ट्रेनों की रफ्तार थमी रही और यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। आखिर यह घटना कैसे हुई, रेलवे ने क्या कार्रवाई की और सेवा कब बहाल हुई, पूरी रिपोर्ट में जानिए।

Patna-Gaya Rail News

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

जुलाई 9, 2026

Patna-Gaya Rail News:  बिहार के जहानाबाद जिले से रेल सुरक्षा को चुनौती देने वाली एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है। पटना-गया रेल खंड पर स्थित मदारपुर रेलवे गुमटी के समीप चोरों ने आरपीएफ (RPF) और जीआरपी (GRP) की सुरक्षा व्यवस्था को धता बताते हुए 25 हजार वोल्ट के करीब 35 मीटर लंबे हाई-टेंशन (OHE) तार को काट लिया। इस दुस्साहसिक वारदात ने न केवल रेल महकमे में हड़कंप मचा दिया है, बल्कि सुरक्षा एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना की जानकारी मिलते ही रेलवे के आला अधिकारियों और तकनीकी टीम में खलबली मच गई, जिसके बाद युद्ध स्तर पर मरम्मत कार्य शुरू किया गया।

परिचालन पर पड़ा बुरा असर: तीन घंटे तक ठप रही रेल सेवा

तार चोरी की इस वारदात का सीधा असर ट्रेनों के परिचालन पर पड़ा। जैसे ही चोरों ने ‘लार्ज स्पिन वायर’ को काटा, दानापुर रेल मंडल का पूरा सिग्नल सिस्टम और ओएचई लाइन तत्काल प्रभाव से फेल हो गई। परिणामस्वरूप, डाउन लाइन पर ट्रेनों का परिचालन करीब तीन घंटे तक पूरी तरह ठप रहा। इस दौरान पलामू एक्सप्रेस और हटिया-पटना एक्सप्रेस जैसी प्रमुख ट्रेनें अलग-अलग स्टेशनों पर फंसी रहीं, जिससे सैकड़ों यात्रियों को भारी फजीहत और मुश्किलों का सामना करना पड़ा। रेलवे की तकनीकी टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद क्षतिग्रस्त वायर को बदलकर परिचालन को दोबारा बहाल किया। राहत की बात यह रही कि आरपीएफ की तत्परता से कटा हुआ वायर पास के ही एक पईन से बरामद कर लिया गया, जिससे किसी बड़ी अनहोनी की आशंका कम हो गई।

स्थानीय सुरक्षा पर सवाल और पुलिस की तफ्तीश

स्थानीय लोगों का आरोप है कि मदारपुर रेलवे गुमटी के पास रात के समय पुलिस की गश्त न होने के कारण चोरों के हौसले बुलंद हैं। पुलिस की इसी लापरवाही का फायदा उठाकर अपराधियों ने इस बड़ी चोरी को अंजाम दिया। रेल विभाग के सीनियर टेक्नीशियन के अनुसार, तड़के करीब 3:30 बजे दानापुर रेल मंडल से तार कटने और सिग्नल फेल होने की सूचना मिली थी, जिसके बाद राहत टीम तुरंत मौके पर पहुंची। फिलहाल, स्थानीय पुलिस और आरपीएफ की टीम इलाके में लगे सीसीटीवी फुटेज को बारीकी से खंगाल रही है ताकि इस गिरोह तक पहुंचा जा सके। यह घटना स्पष्ट करती है कि रेलवे की संपत्ति की सुरक्षा के लिए अब और अधिक सख्त निगरानी की आवश्यकता है।

भविष्य की सुरक्षा के लिए सबक

इस चोरी ने एक बार फिर रेलवे ट्रैक के आसपास सुरक्षा व्यवस्था के दावों की पोल खोल दी है। 25 हजार वोल्ट के हाई-टेंशन तार के साथ छेड़छाड़ करना न केवल एक बड़ा अपराध है, बल्कि यह चोरों के लिए भी जानलेवा साबित हो सकता था। रेलवे प्रशासन अब इस मामले में दोषियों की धरपकड़ के लिए निरंतर प्रयास कर रहा है। सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए संवेदनशील क्षेत्रों में गश्त बढ़ाई जाएगी और तकनीकी निगरानी को और अधिक मजबूत किया जाएगा। यात्रियों की सुरक्षा और समय पर परिचालन सुनिश्चित करना अब रेलवे के लिए सबसे बड़ी प्राथमिकता बन गया है।

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