Patna AISA Protest: बिहार में छात्र आंदोलन ने लिया हिंसक मोड़, BJP विधायक की गाड़ी पर अटैक

पटना के डाकबंगला चौराहे पर प्रदर्शन के दौरान बीजेपी विधायक विनय बिहारी छात्रों के आक्रोश का शिकार हो गए।

Patna AISA Protest

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

जुलाई 22, 2026

Patna AISA Protest: बिहार की राजधानी पटना में बुधवार (22 जुलाई, 2026) को छात्र संगठन आइसा (AISA) का प्रदर्शन उस समय हिंसक रूप अख्तियार कर गया, जब प्रदर्शनकारियों ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक विनय बिहारी की गाड़ी को निशाना बनाया। विधानसभा के मानसून सत्र की कार्यवाही में हिस्सा लेकर लौट रहे विधायक की कार को आक्रोशित छात्रों ने घेर लिया और उस पर हमला कर दिया। इस दौरान चौराहे पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और पुलिस को स्थिति नियंत्रित करने के लिए कड़ा रुख अपनाना पड़ा।

Bihar News: शिक्षकों के अवकाश नियमों में बदलाव, SOP जारी; निर्धारित फॉर्म के बिना नहीं मिलेगी छुट्टी

डाकबंगला चौराहे पर विधायक की गाड़ी घेरी, ‘मारो-मारो’ के लगे नारे

बुधवार को पटना के सबसे व्यस्त और संवेदनशील इलाकों में से एक डाकबंगला चौराहे पर सुरक्षा व्यवस्था की पोल खुल गई।

हमले का घटनाक्रम: बीजेपी विधायक विनय बिहारी आज विधानसभा के मानसून सत्र की बैठक में शामिल होने आए थे। सत्र समाप्त होने के बाद जब वे अपनी गाड़ी से डाकबंगला चौराहे से गुजर रहे थे, तभी प्रदर्शनकारी छात्रों के एक समूह ने उनकी गाड़ी को चारों तरफ से घेरने का प्रयास किया।

सुरक्षित निकले विधायक: छात्रों को आक्रामक होते देख चालक ने गाड़ी को रोकने के बजाय आगे बढ़ाना सही समझा। इससे नाराज होकर कुछ छात्रों ने विधायक की गाड़ी पर डंडे बरसाने और हमला करना शुरू कर दिया। इस दौरान भीड़ से ‘मार… मार!’ के हिंसक नारे भी सुनाई दिए। गनीमत यह रही कि विधायक विनय बिहारी गाड़ी के भीतर ही सुरक्षित बैठे थे, जिसके कारण उन्हें कोई शारीरिक चोट नहीं आई है, लेकिन उनकी गाड़ी को नुकसान पहुंचा है।

केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग

यह हिंसक प्रदर्शन छात्र संगठन आइसा (AISA) द्वारा आयोजित ‘लोकभवन मार्च’ के दौरान हुआ। छात्रों के इस उग्र आंदोलन के पीछे राष्ट्रीय और स्थानीय मुद्दे दोनों शामिल थे:

धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा: प्रदर्शनकारी छात्रों ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलनों के प्रति अपना पुरजोर समर्थन व्यक्त किया। इसके साथ ही उन्होंने नीट परीक्षा विवाद को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तत्काल इस्तीफे की मांग की।

बीजेपी के पोस्टरों पर गुस्सा: प्रदर्शन के दौरान छात्रों का गुस्सा सिर्फ सत्ता पक्ष के नेताओं पर ही नहीं, बल्कि पार्टी के विज्ञापनों पर भी उतरा। पटना की सड़कों पर लगे बीजेपी के कई राजनीतिक और प्रचार पोस्टरों को प्रदर्शनकारियों ने गुस्से में पूरी तरह फाड़ दिया और सरकार विरोधी नारेबाजी की।

लाठीचार्ज और वॉटर कैनन से खदेड़े गए छात्र

छात्रों के लोकभवन मार्च को रोकने के लिए पटना पुलिस ने पहले से ही व्यापक इंतजाम किए थे, लेकिन डाकबंगला चौराहे पर पहुंचते-पहुंचते स्थिति बेकाबू हो गई।

जब प्रदर्शनकारी बैरिकेडिंग तोड़कर आगे बढ़ने की कोशिश करने लगे, तो पुलिस ने उन्हें तितर-बितर करने के लिए कड़ा बल प्रयोग किया। पुलिसकर्मियों ने छात्रों पर लाठियां भांजीं और पानी की तेज बौछारें (वॉटर कैनन) छोड़ीं। पुलिस के इस कड़े एक्शन के बाद ही डाकबंगला चौराहे पर यातायात और कानून-व्यवस्था को दोबारा बहाल किया जा सका। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है और सुरक्षा एजेंसियां हमलावरों की पहचान करने में जुट गई हैं।

Bihar Politics : नामांकन के बाद तेज प्रताप की उम्मीदवार वीणा मानवी गिरफ्तार, जानिए कार्रवाई की वजह