खाने में मिलावट पर संसद में हंगामा: राघव चड्ढा ने उठाए कड़े सवाल, सरकार से मांगा जवाब

नई दिल्ली आम आदमी पार्टी (आप) के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने बुधवार को सदन में देश में खाने में मिलावट जैसे गंभीर मुद्दे को उठाया। उन्होंने इसे एक बड़ा स्वास्थ्य संकट बताया जो खासकर बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं के लिए गंभीर खतरा पैदा करता जा रहा है। आप सांसद राघव चड्ढा ने संसद में बोलते हुए कंपनियों पर सेहतमंद और एनर्जी बढ़ाने वाले झूठे दावों के तहत हानिकारक उत्पाद बेचने का आरोप लगाया। उन्होंने विस्तार से बताया कि कैसे रोजमर्रा की जरूरी चीजों में खतरनाक पदार्थ मिलाए जाते हैं। उन्होंने बताया कि दूध खरीदिए, उसमें यूरिया मिलता है,

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Published On :

फ़रवरी 4, 2026

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नई दिल्ली
आम आदमी पार्टी (आप) के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने बुधवार को सदन में देश में खाने में मिलावट जैसे गंभीर मुद्दे को उठाया। उन्होंने इसे एक बड़ा स्वास्थ्य संकट बताया जो खासकर बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं के लिए गंभीर खतरा पैदा करता जा रहा है। आप सांसद राघव चड्ढा ने संसद में बोलते हुए कंपनियों पर सेहतमंद और एनर्जी बढ़ाने वाले झूठे दावों के तहत हानिकारक उत्पाद बेचने का आरोप लगाया।

उन्होंने विस्तार से बताया कि कैसे रोजमर्रा की जरूरी चीजों में खतरनाक पदार्थ मिलाए जाते हैं। उन्होंने बताया कि दूध खरीदिए, उसमें यूरिया मिलता है, सब्जियों में ऑक्सीटोसिन है, पनीर में स्टार्च और कास्टिक सोडा होता है, आइसक्रीम में डिटर्जेंट पाउडर मिलता है, फलों के जूस में सिंथेटिक फ्लेवर और आर्टिफिशियल रंग होते हैं, खाने के तेल में मशीन का तेल मिलाया जाता है, मसालों में ईंट का पाउडर और लकड़ी का बुरादा होता है, चाय में सिंथेटिक रंग मिलाए जाते हैं और पोल्ट्री उत्पादों में एनाबॉलिक स्टेरॉयड मिलाए जाते हैं। यहां तक ​​कि देशी घी में जो मिठाइयां बनानी चाहिए, वो भी वनस्पति तेल और डालडा से बनाया जाता है।

आप सांसद राघव चड्ढा ने आगे बताया कि एक मां अपने बच्चे को दूध का गिलास देती है, ये सोचकर कि उसके सेहत के लिए कैल्शियम और प्रोटीन मिलेगा और मेरा बच्चा दुरुस्त बनेगा। लेकिन उसे इस बात का जरा भी अंदाजा नहीं है कि वह अपने बच्चे को यूरिया और डिटर्जेंट मिला हुआ दूध पिला रही है। उन्होंने एक रिसर्च स्टडी का हवाला दिया, जिसमें दिखाया गया कि दूध के सैंपल में 71 प्रतिशत यूरिया और 64 प्रतिशत में न्यूट्रलाइजर जैसे सोडियम बाइकार्बोनेट पाए गए।

उन्होंने कहा कि देश में दूध का इतना उत्पादन नहीं है, जितना बेचा जा रहा है। सब्जियां जिन्हें हम सेहत का खजाना समझकर खरीदते हैं, उनमें ऑक्सीटोसिन का इंजेक्शन लगाकर फ्रेश करके बेचा जाता है। ऑक्सीटोसिन वह खतरनाक केमिकल है, जिससे चक्कर आना, सिरदर्द, हार्ट फेलियर, बांझपन और कैंसर जैसी बीमारियां होती हैं। उन्होंने बताया कि 2014-15 और 2025-26 के बीच जितने भी सैंपल की जांच हुई, उनमें से 25 प्रतिशत सैंपल में मिलावट पाई गई, जिसका मतलब है कि हर चार में से एक सैंपल में मिलावट पाई गई। उन्होंने आगे कहा कि जो प्रोडक्ट भारत में बनते हैं, लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बैन हो गए हैं, दो बड़ी भारतीय मसाला कंपनियों के उत्पादों पर कैंसर पैदा करने वाले कीटनाशकों के कारण यूके और पूरे यूरोप में बैन लगा दिया गया था, फिर भी वही उत्पाद भारत में खुलेआम बेचे जा रहे हैं।

उन्होंने दुख जताया कि जो चीजें विदेशों में पालतू जानवरों के लिए भी ठीक नहीं हैं, उनका यहां बिना सोचे-समझे सेवन किया जा रहा है। उन्होंने भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) को पर्याप्त कर्मचारियों और प्रयोगशाला सुविधाओं के साथ मजबूत करने, उल्लंघन करने वालों पर वित्तीय जुर्माना बढ़ाने, मिलावटी उत्पादों का नाम बताने और उन्हें शर्मिंदा करने के लिए एक सार्वजनिक रिकॉल सिस्टम शुरू करने और विज्ञापनों में गुमराह करने वाले स्वास्थ्य दावों पर बैन लगाने का प्रस्ताव दिया।

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