Parliament Ruckus: राहुल गांधी बयान पर संसद में हंगामा, चीन सीमा मुद्दे पर सरकार का तीखा जवाब

संसद के बजट सत्र में उस वक्त सन्नाटा पसर गया जब राहुल गांधी ने पूर्व सेना प्रमुख की एक अप्रकाशित किताब का हवाला देकर चीन सीमा पर गंभीर आरोप लगाए। क्या वाकई भारतीय सीमा में चीनी टैंक मौजूद हैं? राजनाथ सिंह के तीखे पलटवार और अमित शाह की आपत्ति ने इस बहस को नया मोड़ दे दिया है।

Parliament Ruckus

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

फ़रवरी 2, 2026

Parliament Ruckus: संसद के बजट सत्र के दौरान सोमवार को लोकसभा में उस समय भारी हंगामा देखने को मिला, जब राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा चल रही थी। इस चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के एक बयान ने सदन का माहौल गरमा दिया। राहुल गांधी द्वारा चीन और भारत की सीमा से जुड़े मुद्दे पर दिए गए वक्तव्य को लेकर सत्ता पक्ष ने कड़ा विरोध दर्ज कराया, जिसके बाद सदन में शोर-शराबा और आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया।

राहुल गांधी के बयान से शुरू हुआ विवाद

राहुल गांधी ने अपने भाषण में भारतीय सेना के पूर्व प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे से जुड़ी एक मैगजीन का हवाला दिया। उन्होंने दावा किया कि उस स्रोत के अनुसार चीनी सेना भारतीय सीमा में घुसपैठ कर रही थी। राहुल गांधी ने कहा कि चीन के टैंक भारतीय क्षेत्र की ओर बढ़े और कैलाश रिज तक पहुंचने की कोशिश की गई। उनके इस बयान को लेकर सत्तापक्ष ने तुरंत आपत्ति जताई और इसे सदन को गुमराह करने वाला बताया।

अप्रकाशित स्रोत पर सवाल

विवाद की मुख्य वजह यह रही कि राहुल गांधी ने जिस मैगजीन और कथित उद्धरण का उल्लेख किया, वह आधिकारिक रूप से प्रकाशित नहीं बताए गए। राहुल गांधी का कहना था कि उनका स्रोत पूरी तरह प्रामाणिक है और उसमें पूर्व सेना प्रमुख के अप्रकाशित संस्मरणों से जुड़े अंश शामिल हैं। हालांकि, सरकार का तर्क था कि सदन के नियमों के अनुसार किसी अप्रकाशित या अप्रमाणित सामग्री का हवाला देना संसदीय मर्यादाओं के खिलाफ है।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की कड़ी प्रतिक्रिया

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लोकसभा में राहुल गांधी के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेता को बिना पुख्ता तथ्यों के इस तरह के संवेदनशील मुद्दों पर बयान नहीं देना चाहिए। राजनाथ सिंह ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जिस पुस्तक या दस्तावेज़ का हवाला दिया जा रहा है, वह सदन के समक्ष प्रस्तुत किया जाए, क्योंकि वह अभी तक प्रकाशित नहीं हुई है। उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष से आग्रह किया कि सदन को गुमराह करने वाले बयानों की अनुमति न दी जाए।

अमित शाह ने भी जताई आपत्ति

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी इस मुद्दे पर हस्तक्षेप किया। उन्होंने राहुल गांधी को टोका और कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे गंभीर विषयों पर बोलते समय प्रामाणिकता बेहद जरूरी है। अमित शाह ने कहा कि बिना सत्यापित तथ्यों के ऐसे बयान न केवल भ्रम पैदा करते हैं, बल्कि देश की सुरक्षा से जुड़े मामलों को राजनीतिक रंग देने का प्रयास भी करते हैं।

राजनीतिक माहौल और आगे की स्थिति

इस पूरे घटनाक्रम के बाद सदन में कुछ समय तक कार्यवाही बाधित रही। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली। यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है, जब सीमा सुरक्षा और चीन से जुड़े मुद्दे पहले से ही राजनीतिक बहस के केंद्र में हैं। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर और चर्चा होने की संभावना जताई जा रही है, जबकि सरकार ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों में वह किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेगी।