Parliament Budget Session: संसद का बजट सत्र सोमवार से दूसरे चरण में प्रवेश कर रहा है और इस बार का सत्र राजनीतिक हलचल और गरमागरमी से भरा होने वाला है। प्रमुख चर्चा का विषय लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ विपक्ष द्वारा प्रस्तुत अविश्वास प्रस्ताव होगा। विपक्ष ने सत्र के पहले चरण में ही बिरला पर सदन की कार्यवाही में पक्षपात और अन्य आरोप लगाते हुए यह प्रस्ताव दिया था।
Politics: खरगे ने मोदी पर साधा निशाना, कहा ट्रंप के दबाव में चल रही भारत की नीति
अविश्वास प्रस्ताव से शुरू होगी चर्चा

लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा सत्र की पहली बड़ी राजनीतिक घटना होगी। विपक्ष के 118 सांसदों ने इस प्रस्ताव पर हस्ताक्षर किए हैं। हालांकि तृणमूल कांग्रेस ने पहले इस प्रस्ताव का विरोध नहीं किया था, लेकिन सत्र के शुरू होने से पहले उसने बिरला के खिलाफ समर्थन देने की घोषणा की है। स्पीकर बिरला ने अब तक सदन की कार्यवाही में इस प्रस्ताव के दौरान सीधे भाग नहीं लिया, लेकिन दूसरे सत्र की शुरुआत अविश्वास प्रस्ताव की चर्चा के साथ ही होगी।
अमेरिका-इजरायल-ईरान युद्ध के बीच तेल नीति चर्चा में
विपक्ष का ध्यान केवल स्पीकर पर ही नहीं है। अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रहे तनाव और रूस से तेल खरीदने की भारत को अमेरिका द्वारा दी गई अनुमति भी सत्र में गरमागरमी का विषय बनेगी। विपक्षी दल इस एलान को देश की रणनीतिक स्वतंत्रता के खिलाफ मानते हैं और इसे संसद में उठाने की तैयारी में हैं।
एसआईआर और वोटर लिस्ट विवाद
सत्र में एसआईआर (विशेष सघन पुनरीक्षण) के मुद्दे पर भी जोरदार बहस होने की संभावना है। पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में चुनाव आयोग के विवादित कदमों के दौरान लाखों वोटरों के नाम वोटर लिस्ट से काटे जाने का मामला विपक्ष के लिए अहम है। तृणमूल कांग्रेस और द्रमुक ने भाजपा पर आरोप लगाया है कि चुनाव आयोग उनके इशारे पर लाखों नाम काट रहा है।
सत्तापक्ष और विपक्ष की तैयारी
अविश्वास प्रस्ताव के अलावा बजट सत्र के दूसरे चरण में सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों ने सांसदों को सदन में उपस्थित रहने का व्हिप जारी किया है। कांग्रेस अपने सभी सांसदों से सक्रिय भागीदारी की उम्मीद कर रही है, जबकि भाजपा भी अपने सदस्यों को सदन में मौजूद रहने के लिए निर्देश दे रही है।
सत्र की शुरुआत सुबह 11 से 12 बजे तक लोकसभा सांसद रिकी सिंगकोन के निधन पर श्रद्धांजलि देने के साथ स्थगित रहेगी। इसके बाद अविश्वास प्रस्ताव, तेल नीति, एसआईआर और बंगाल चुनाव से जुड़े प्रोटोकॉल उल्लंघन के मामलों पर बहस शुरू होगी। विपक्ष खासकर तृणमूल कांग्रेस पर हमलावर रहेगी, जबकि सत्तापक्ष भी अपनी रणनीति के तहत मुद्दों को उठाएगी।
दूसरे चरण के बजट सत्र में अविश्वास प्रस्ताव, अमेरिका की विदेश नीति और एसआईआर जैसे संवेदनशील मुद्दे चर्चा का केंद्र बने रहेंगे। राजनीतिक दलों की तैयारी और रणनीति इस सत्र को पिछले चरणों से कहीं ज्यादा संघर्षपूर्ण और रोचक बनाने वाली है। संसद के भीतर और बाहर राजनीतिक हलचल तेज होने की संभावना है, जिससे देश की राजनीतिक दिशा पर भी असर पड़ सकता है।
नवा रायपुर तहसील बनाने अधिसूचना जारी, 39 गांवों के लोगों नहीं लगाएंगे शहर के चक्कर










