X Headquarters Raid: एलन मस्क के पेरिस ऑफिस पर पुलिस का छापा, बाल शोषण और डेटा हेरफेर के लगे गंभीर आरोप

X Headquarters Raid: एलन मस्क के लिए 2026 की सबसे बुरी खबर फ्रांस से आई है। पेरिस अभियोजक कार्यालय और यूरोपोल ने 'X' के मुख्यालय पर छापा मारकर डेटा और सर्वर जब्त कर लिए हैं। आरोप है कि मस्क का प्लेटफॉर्म बाल शोषण और भ्रामक एल्गोरिदम का केंद्र बन गया है। क्या मस्क को 20 अप्रैल को पेरिस की अदालत में पेश होना पड़ेगा?

X Headquarters Raid

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

फ़रवरी 3, 2026

X Headquarters Raid:  दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति एलन मस्क और उनके सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी कानूनी मुसीबत खड़ी हो गई है। मंगलवार को फ्रांस की राजधानी पेरिस में स्थित ‘X’ के मुख्यालय पर फ्रांसीसी साइबर अपराध इकाई ने एक औचक और बड़ी छापेमारी की। इस कार्रवाई की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें पेरिस अभियोजक कार्यालय की साइबर इकाई के साथ-साथ राष्ट्रीय पुलिस और यूरोपीय संघ की कानून प्रवर्तन एजेंसी ‘यूरोपोल’ के अधिकारी भी शामिल रहे। घंटों चली इस छापेमारी के दौरान कंपनी के सर्वर और महत्वपूर्ण दस्तावेजों की गहन जांच की गई।

एलन मस्क और लिंडा याकारिनो को समन: पूछताछ के लिए बुलावा

जांचकर्ताओं ने केवल कार्यालय की तलाशी ही नहीं ली, बल्कि कंपनी के सर्वेसर्वा एलन मस्क और पूर्व मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) लिंडा याकारिनो को भी पूछताछ के लिए आधिकारिक समन भेजा है। पेरिस अभियोजक कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि इन दोनों को उस समय की घटनाओं के लिए जवाबदेह माना जा रहा है जब वे प्लेटफॉर्म के ‘वास्तविक और कानूनी प्रबंधक’ के रूप में कार्यरत थे। गौरतलब है कि लिंडा याकारिनो ने पिछले साल जुलाई में अपने पद से इस्तीफा दे दिया था, लेकिन जांच का दायरा उनके कार्यकाल के दौरान हुए कथित अपराधों तक फैला हुआ है।

गंभीर आरोपों का अंबार: बाल शोषण और डीपफेक जांच के केंद्र में

फ्रांसीसी अधिकारियों द्वारा की जा रही यह जांच कई संवेदनशील और गंभीर आपराधिक आरोपों पर आधारित है। अभियोजक कार्यालय के अनुसार, मुख्य जांच प्लेटफॉर्म पर बाल शोषण सामग्री और यौन रूप से स्पष्ट ‘डीपफेक’ वीडियो के अनियंत्रित प्रसार के इर्द-गिर्द घूम रही है। इसके अलावा, कंपनी पर मानवता के विरुद्ध हुए अपराधों (जैसे होलोकॉस्ट) को नकारने वाली सामग्री को बढ़ावा देने और एक संगठित समूह के रूप में स्वचालित डेटा प्रोसेसिंग सिस्टम के साथ छेड़छाड़ करने में ‘कथित मिलीभगत’ का भी संगीन आरोप है।

जांच की पृष्ठभूमि: एल्गोरिदम में बदलाव और एआई चैटबॉट ‘ग्रोक’

इस कानूनी कार्रवाई की नींव पिछले साल जनवरी में रखी गई थी, जब फ्रांसीसी सांसद एरिक बोथरेल ने एक औपचारिक शिकायत दर्ज कराई थी। सांसद का आरोप था कि 2022 में एलन मस्क द्वारा कंपनी खरीदने के बाद ‘X’ के एल्गोरिदम में किए गए बदलाव पक्षपाती हैं और वे डेटा के साथ हेरफेर कर रहे हैं। जांच का दायरा तब और बढ़ गया जब मस्क के एआई चैटबॉट ‘ग्रोक’ द्वारा आपत्तिजनक डीपफेक प्रसारित करने और ऐतिहासिक तथ्यों को नकारने की खबरें आईं। अधिकारियों का मानना है कि प्लेटफॉर्म का कंटेंट रिकमेंडेशन सिस्टम जानबूझकर भ्रामक और हानिकारक सूचनाओं को बढ़ावा दे रहा है।

अभिव्यक्ति की आजादी बनाम कानूनी मर्यादा: ‘X’ का पलटवार

हालांकि इस छापेमारी पर ‘X’ की ओर से अभी तक कोई ताजा आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन कंपनी अतीत में इस पूरी प्रक्रिया को “राजनीतिक रूप से प्रेरित” बता चुकी है। एलन मस्क और उनकी टीम का तर्क है कि यह जांच अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता (Freedom of Speech) को दबाने की एक कोशिश है और फ्रांसीसी कानून का इस्तेमाल राजनीतिक एजेंडा साधने के लिए किया जा रहा है। कंपनी ने डेटा हेरफेर और धोखाधड़ी के आरोपों को सिरे से खारिज किया है।

कूटनीतिक तनाव और भविष्य की राह: पेरिस अभियोजक कार्यालय का बहिष्कार

इस विवाद ने ‘X’ और फ्रांसीसी प्रशासन के बीच कड़वाहट को चरम पर पहुँचा दिया है। पेरिस अभियोजक कार्यालय ने एक प्रतीकात्मक विरोध के रूप में घोषणा की है कि वह अब इस सोशल नेटवर्क पर अपनी कोई भी जानकारी या प्रेस विज्ञप्ति प्रकाशित नहीं करेगा। यह कार्रवाई संकेत देती है कि यूरोपीय देश अब बिग टेक कंपनियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाने के लिए तैयार हैं। आने वाले समय में एलन मस्क की पूछताछ और यूरोपोल की रिपोर्ट यह तय करेगी कि ‘X’ को फ्रांस में अपने परिचालन के लिए किन चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा।

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