Pariksha Pe Charcha 2026: पीएम मोदी ने छात्रों से की बातचीत, Pariksha Pe Charcha 2026 में साझा किए अनुभव

आज परीक्षा पे चर्चा के दूसरे एपिसोड में पीएम मोदी ने देशभर के छात्रों से संवाद कर उनके सवालों के जवाब दिए और अनुभव साझा किया।

Pariksha Pe Charcha 2026

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

फ़रवरी 9, 2026

Pariksha Pe Charcha 2026: परीक्षा पे चर्चा 2026 के दूसरे एपिसोड में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशभर के छात्रों से बातचीत की। उन्होंने कहा कि वह इस कार्यक्रम में सिखाने नहीं, बल्कि सीखने आते हैं। छात्रों की ऊर्जा और उत्साह ने उन्हें प्रभावित किया। पीएम ने बताया कि वह कई वर्षों से 10वीं और 12वीं के विद्यार्थियों से संवाद करते रहे हैं और इसे अपने लिए एक बड़ा सीखने का अवसर मानते हैं।

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स्टार्टअप और शिक्षा पर विचार

Pariksha Pe Charcha 2026
पीएम मोदी ने छात्रों से की बातचीत

एक छात्रा ने स्टार्टअप शुरू करने को लेकर सवाल किया। इस पर पीएम ने कहा कि स्टार्टअप किसी भी उम्र में किया जा सकता है। जरूरी है कि आप स्पष्ट करें कि आप क्या करना चाहते हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि स्टार्टअप चलाने वालों से मिलें और प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनाने की प्रक्रिया समझें।

पढ़ाई और पैशन में संतुलन

एक छात्र ने पढ़ाई और पैशन के बीच संतुलन बनाने पर सवाल किया। पीएम ने कहा कि दोनों ही महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि कला और विज्ञान को जोड़कर पढ़ाई को रोचक बनाया जा सकता है। कला थकान दूर करने और पढ़ाई को आसान बनाने में मदद करती है।

विकसित भारत का सपना

एक छात्रा ने पूछा कि 2047 तक भारत को विकसित देश बनाने में युवाओं की भूमिका क्या होगी। पीएम ने कहा कि बच्चों के मन में विकसित भारत का सपना देखकर उन्हें खुशी हुई। उन्होंने सिंगापुर का उदाहरण देते हुए कहा कि आदतों में सुधार करना जरूरी है—कचरा न फैलाना, ट्रैफिक नियमों का पालन करना और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देना।

टेक्नोलॉजी और AI पर विचार

AI के प्रभाव पर सवाल के जवाब में पीएम ने कहा कि हर युग में नई तकनीक पर चर्चा होती है। हमें डरना नहीं चाहिए बल्कि तकनीक को समझकर उसका उपयोग करना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि तकनीक का गुलाम नहीं बनना चाहिए, बल्कि उसे अपने विकास का साधन बनाना चाहिए।

छत्तीसगढ़ और गुजरात में संवाद

कोयंबटूर के बाद पीएम रायपुर पहुंचे और छात्रों से बातचीत की। उन्होंने कहा कि भारत की विविधता इतनी विशाल है कि इसे समझने के लिए एक जीवन भी कम पड़ सकता है। परीक्षा के समय तनाव को लेकर उन्होंने कहा कि पढ़ा हुआ ज्ञान दिमाग में कहीं न कहीं सुरक्षित रहता है। अच्छी तैयारी और नियमित अभ्यास से तनाव कम होता है।

गुजरात में आदिवासी छात्रों से बातचीत करते हुए पीएम ने बताया कि आदिवासी समाज के विकास के लिए विशेष योजनाएं बनाई गई हैं। उन्होंने शिक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर देने की बात कही। परीक्षा के दबाव पर उन्होंने कहा कि नियमित अभ्यास और अच्छी नींद तनाव को दूर करने में मदद करती है।

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