Parama Ekadashi 2026: कब है परमा एकादशी? जानें दिन तारीख और शुभ मुहूर्त

पंचांग के अनुसार, हर महीने के कृष्ण और शुक्ल पक्ष में एकादशी व्रत रखा जाता है। आमतौर पर साल में 24 एकाधशियाँ होती हैं, लेकिन इस साल अधिकमास (मलमास) होने के कारण दो अतिरिक्त एकादशी जुड़ गई हैं।

Parama Ekadashi 2026

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

मई 21, 2026

Parama Ekadashi 2026: सनातन धर्म में कई सारे व्रत त्योहार पड़ते हैं और सभी का अपना महत्व होता है। लेकिन एकादशी व्रत को बेहद ही खास माना गया है, जो कि हर माह में दो बार पड़ती है। ऐसे साल में कुल 24 एकादशी व्रत किए जाते हैं, जो कि भगवान विष्णु की साधना आराधना को समर्पित होते हैं। इस दिन भक्त जगत के पालनहार भगवान विष्णु की विधिवत पूजा करते हैं और व्रत आदि भी रखते हैं माना जाता है कि ऐसा करने से प्रभु की असीम कृपा बरसती है और कष्टों का निवारण हो जाता है।

पंचांग के अनुसार हर माह के कृष्ण और शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि पर यह व्रत किया जाता है। अधिकमास में दो एकादशी व्रत और बढ़ गए है, ऐसे में अधिकमास के कारण इस साल 26 एकादशी व्रत किए जाएंगे। इस दौरान श्री हरि विष्णु और माता लक्ष्मी की विधिवत पूजा की जाती है और दिनभर उपवास भी रखा जाता है। ऐसे में हम आपको अपने इस लेख द्वारा एकादशी की तारीख और इससे जुड़ी जानकारी प्रदान कर रहे हैं, तो आइए जानते हैं।

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परमा एकादशी की तारीख

पंचांग के अनुसार इस बार अधिकमास की कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि का आरंभ 11 जून की सुबह 12 बजकर 57 मिनट पर हो जाएगा। इस तिथि का समापन 11 जून की रात 10 बजकर 36 मिनट पर होगा। वही उदया तिथि के अनुसार इस बार 11 जून दिन गुरुवार को परमा एकादशी का व्रत किया जाएगा।

एकादशी पूजा का शुभ मुहूर्त

परमा एकादशी के दिन ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4 बजकर 2 मिनट से लेकर सुबह 4 बजकर 42 मिनट तक रहेगा। इसके अलावा अभिजीत मुहूर्त सुबह 11 बजकर 53 मिनट से लेकर दोपहर 12 बजकर 49 मिनट तक रहेगा। गोधूलि मुहूर्त शाम को 7 बजकर 18 मिनट से लेकर शाम 7 बजकर 38 मिनट तक रहेगा।

एकादशी पूजा की सरल विधि

आपको बता दें कि परमा एकादशी के पावन दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान आदि करें। इसके बाद व्रत पूजा का संकल्प करें। फिर पूजा वाली जगह पर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी जी की प्रतिमा स्थापित करें। इसके बाद भगवान विष्णु को चंदन या हल्दी का तिलक लगाएं। फल, पुष्प, मेवा, तुलसी, धूप, दीपक जलाकर विधिवत भगवान की पूजा करें। फिर भोग में केला व तुलसी चढ़ाएं। व्रत कथा का पाठ करें, भगवान विष्णु के मंत्रों का जाप करें। पूजा के बाद आरती करके प्रसाद का वितरण करें।

व्रत पारण का समय

परमा एकादशी व्रत का पारण द्वादशी तिथि यानी की 12 जून दिन शुक्रवार को करना उचित होगा। इस दिन सुबह 5 बजकर 23 मिनट से सुबह 8 बजकर 10 मिनट के बीच आप व्रत का पारण कर सकते हैं यह समय पारण के लिए बेहद ही शुभ माना जा रहा है।

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Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां पौराणिक कथाओं,धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं इसका कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। खबर में दी जानकारी पर विश्वास व्यक्ति की अपनी सूझ-बूझ और विवेक पर निर्भर करता है। प्राइम टीवी इंडिया इस पर दावा नहीं करता है ना ही किसी बात पर सत्यता का प्रमाण देता है।