Pappu Yadav on Sanatan: पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सनातन, भगवा वस्त्र और राम मंदिर से जुड़े विवादों पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि उन्हें भी भगवा वस्त्र पहनने का पूरा अधिकार है और यह किसी एक दल या संगठन की पहचान नहीं है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि क्या वह सनातनी नहीं हैं और क्या उन्हें अपनी आस्था के अनुसार भगवा पहनने का अधिकार नहीं मिलना चाहिए। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि उनकी दृष्टि में भगवा त्याग, सेवा और सनातन संस्कृति का प्रतीक है।
भगवा वस्त्र और सनातन को लेकर रखी अपनी बात
पप्पू यादव ने कहा कि भगवा रंग किसी व्यक्ति या राजनीतिक दल की निजी संपत्ति नहीं है। उन्होंने दावा किया कि वह भगवा पहनकर सनातन परंपरा और उसके मूल्यों के प्रति अपना सम्मान व्यक्त कर रहे हैं। साथ ही उन्होंने कुछ लोगों पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि धार्मिक आस्था के नाम पर कथित अनियमितताओं को स्वीकार नहीं किया जा सकता। हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित पक्षों की ओर से अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आती रही हैं और मामले विभिन्न स्तरों पर चर्चा का विषय बने हुए हैं।
एफआईआर पर दी प्रतिक्रिया और चुनौती भी दी
अपने खिलाफ विभिन्न राज्यों में दर्ज एफआईआर के सवाल पर पप्पू यादव ने कहा कि वह कानूनी प्रक्रिया से घबराने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि यदि विपक्ष के अन्य वरिष्ठ नेता भी कानूनी मामलों का सामना कर सकते हैं, तो वह भी कानून के दायरे में अपनी बात रखने के लिए तैयार हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वह दिल्ली जाएंगे और अपने राजनीतिक विरोधियों को खुले तौर पर चुनौती देते हुए कहा कि वह किसी भी दबाव में आने वाले नहीं हैं। यह बयान राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया।
बच्चों और सनातन की रक्षा को लेकर कही बात
प्रेस वार्ता के दौरान पप्पू यादव ने कहा कि यदि सनातन की रक्षा के लिए संघर्ष करना पड़े तो वह उसके लिए भी तैयार हैं। उन्होंने यह भी कहा कि बच्चों से जुड़े मुद्दों पर वह किसी भी कीमत पर समझौता नहीं करेंगे। उनके अनुसार युवाओं और बच्चों के भविष्य से जुड़े विषयों पर समाज और सरकार दोनों को गंभीरता से काम करना चाहिए। उन्होंने अपने बयान में सामाजिक जिम्मेदारी और संवेदनशीलता पर भी जोर दिया।
राम मंदिर ट्रस्ट को लेकर उठाई जांच की मांग
पप्पू यादव ने राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े वित्तीय मामलों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने मांग की कि ट्रस्ट से जुड़े कुछ मामलों की निष्पक्ष जांच कराई जाए। उन्होंने कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच किसी उच्च न्यायालय या सर्वोच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त अथवा वर्तमान न्यायाधीश की निगरानी में कराने की मांग रखी। साथ ही उन्होंने संबंधित वित्तीय रिकॉर्ड और उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज की भी जांच कराने की बात कही। इन आरोपों की पुष्टि किसी सक्षम जांच एजेंसी द्वारा नहीं की गई है और संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया भी महत्वपूर्ण मानी जाएगी।
वाराणसी में दर्ज हुई एफआईआर
इसी बीच वाराणसी पुलिस ने सांसद पप्पू यादव, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और सांसद अवधेश प्रसाद के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। यह मामला संसद परिसर के बाहर राम मंदिर में कथित चंदा चोरी के मुद्दे पर किए गए एक सांकेतिक प्रदर्शन से जुड़ा बताया गया है। पुलिस के अनुसार शिकायत मिलने के बाद संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू की गई है। मामले की जांच जारी है।
धार्मिक भावनाएं आहत करने का आरोप
पुलिस में दर्ज शिकायत के अनुसार, पातालपुरी मठ के प्रमुख जगद्गुरु बालक दास सहित अन्य संतों ने आरोप लगाया कि संसद परिसर के बाहर किया गया प्रदर्शन धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाला था। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि यह कार्यक्रम जानबूझकर धार्मिक आस्था को ठेस पहुंचाने के उद्देश्य से किया गया। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले में अंतिम निष्कर्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही सामने आएगा।
अन्य शिकायतें और आगे की कानूनी प्रक्रिया
इस मामले में सूर्य मैथिल नामक शिकायतकर्ता ने भी पुलिस से कार्रवाई की मांग की। शिकायत में आरोप लगाया गया कि संसद परिसर के बाहर हुए प्रदर्शन में भगवा वस्त्रों और धार्मिक प्रतीकों का अनुचित उपयोग किया गया तथा अन्य विपक्षी नेताओं ने भी उसका समर्थन किया। फिलहाल पुलिस सभी शिकायतों और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच कर रही है। इस पूरे प्रकरण में संबंधित पक्षों के बयान, जांच एजेंसियों की रिपोर्ट और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।
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