Pappu Yadav News: बृजभूषण शरण सिंह के समर्थन में उतरे पप्पू यादव, सीएम योगी को दी नसीहत

पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने सीएम योगी आदित्यनाथ और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के रिश्तों पर तीखी टिप्पणी की है। यादव ने कहा कि योगी जी भाजपा की कृपा पर टिके हैं, जबकि पार्टी बृजभूषण के दम पर खड़ी है। बृजभूषण की 'उपयोगिता' वाले बयान के बाद पप्पू यादव के इस समर्थन ने यूपी की राजनीति में नया उबाल ला दिया है।

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

अप्रैल 26, 2026

Advertisements
728x90 Uttar Pradesh Police Mission Shakti Digital.jpg

Pappu Yadav News: बिहार के पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में हलचल मचाते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के रिश्तों पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। रविवार (26 अप्रैल, 2026) को दिल्ली में एक समाचार एजेंसी से बात करते हुए उन्होंने भाजपा के आंतरिक समीकरणों पर सवाल उठाए।

योगी और बृजभूषण की राजनीतिक हैसियत की तुलना

बताते चले कि, पप्पू यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधते हुए कहा कि कैसरगंज के पूर्व बाहुबली नेता की उपेक्षा करना सीएम को भारी पड़ सकता है। पप्पू यादव ने तंज कसते हुए कहा, “योगी जी गोरखपुर के दादा या नाना होंगे, लेकिन बृजभूषण शरण सिंह भी अपने क्षेत्र के कद्दावर नेता हैं।” उन्होंने तर्क दिया कि जहां योगी आदित्यनाथ आज भाजपा के शीर्ष नेतृत्व की कृपा पर पद पर बने हुए हैं, वहीं बृजभूषण शरण सिंह जैसे नेताओं के दम पर ही भाजपा उत्तर प्रदेश में खड़ी हुई है। पप्पू यादव के अनुसार, जब योगी आदित्यनाथ का राजनीति में वर्चस्व नहीं था, तब से बृजभूषण चुनावी राजनीति के बड़े खिलाड़ी रहे हैं।

भाजपा और कद्दावर नेताओं के बीच बढ़ती खाई

सांसद पप्पू यादव ने इस दौरान सत्तारूढ़ दल के भीतर चल रहे अंतर्विरोधों को उजागर किया। उन्होंने दावा किया कि बृजभूषण शरण सिंह लंबे समय तक मुलायम सिंह यादव और गृह मंत्री अमित शाह के करीबी रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि अब मुख्यमंत्री योगी उन्हें उचित सम्मान या ‘भाव’ नहीं दे रहे हैं, तो यह सरासर गलत है। पप्पू यादव का मानना है कि बृजभूषण भाजपा की कृपा के मोहताज नहीं हैं, बल्कि उनकी अपनी स्वतंत्र जमीन है। इस बयान को उत्तर प्रदेश की राजनीति में ठाकुर बनाम अन्य के बीच चल रही कथित खींचतान से जोड़कर देखा जा रहा है।

बृजभूषण शरण सिंह की ‘इस्तीफा’ वाली चेतावनी

इस पूरे विवाद की जड़ कैसरगंज के पूर्व सांसद का हालिया बयान है। बीते गुरुवार को बिहार के भागलपुर में एक कार्यक्रम के दौरान बृजभूषण शरण सिंह ने अपनी ही पार्टी को चुनौती भरे लहजे में कहा था कि अगर उन्हें लगता है कि वे अब संगठन पर भार बन गए हैं, तो पार्टी नेतृत्व बस एक बार कह दे। उन्होंने साफ किया कि 2027 के विधानसभा चुनाव हों या 2029 का लोकसभा चुनाव, वे अपनी उपयोगिता साबित करने के लिए तैयार हैं। उनके इस बागी तेवर ने यूपी भाजपा के भीतर चल रही गुटबाजी को हवा दे दी है।

पप्पू यादव की विवादित छवि और बयानों का असर

पप्पू यादव अपनी बेबाक और अक्सर विवादित बयानबाजी के लिए जाने जाते हैं। निर्दलीय सांसद की इस टिप्पणी से बिहार और उत्तर प्रदेश दोनों राज्यों का सियासी पारा चढ़ गया है। हाल ही में महिलाओं पर दिए गए एक बयान के कारण वे पहले ही चर्चा में थे, और अब योगी आदित्यनाथ जैसे कद्दावर नेता पर टिप्पणी कर उन्होंने नए मोर्चे खोल दिए हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पप्पू यादव का यह बयान विपक्षी एकता या अन्य समीकरणों को साधने की एक सोची-समझी कोशिश हो सकती है।

2