Panna Well Collapse Updates: मध्य प्रदेश के पन्ना में दर्दनाक हादसा, निर्माणाधीन कुआं धंसने से 5 मजदूरों की मौत

मध्य प्रदेश के पन्ना जिले के अजयगढ़ अंतर्गत बीहरपुरवा गांव में निर्माणाधीन कुएं की खुदाई के दौरान मिट्टी धंसने से एक बड़ा और दर्दनाक हादसा हो गया है।

Panna Well Collapse Updates

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

मई 26, 2026

Panna Well Collapse Updates: मध्य प्रदेश के पन्ना जिले से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाला हादसा सामने आया है। यहाँ अजयगढ़ जनपद के अंतर्गत आने वाले ग्राम बीहरपुरवा के नयापुरवा में एक निर्माणाधीन कुएं की खुदाई के दौरान मिट्टी धंसने से बड़ा हादसा हो गया। इस मलबे में दबने के कारण पांच मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई है, जबकि दो मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है।

यह दुखद घटना मंगलवार (26 मई, 2026) सुबह करीब 11 बजे की है। बिन्नू अहिरवार नामक व्यक्ति के खेत में पिछले 10 दिनों से सात मजदूर कुएं की खुदाई के काम में लगे हुए थे, लेकिन मंगलवार की सुबह यह पूरा घटनाक्रम अचानक मातम में बदल गया। पन्ना जिले के जनसंपर्क अधिकारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना की पुष्टि की है।

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बाल-बाल बचे दो मजदूर

प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय प्रशासन से मिली जानकारी के मुताबिक, मंगलवार सुबह कुएं के भीतर गहरी खुदाई का काम चल रहा था। इसी दौरान दो मजदूर कुएं से बाहर पानी पीने के लिए ऊपर आए थे। वे ऊपर पहुंचे ही थे कि अचानक कुएं के चारों तरफ की मिट्टी भरभराकर नीचे धंस गई। कुएं के अंदर गहराई में काम कर रहे बाकी के मजदूर टनों वजनी मलबे के नीचे पूरी तरह दब गए।

हादसे का शिकार हुए और मलबे में दबे मजदूरों की पहचान चुन्नू यादव, राजकुमार यादव, आशीष यादव और चुनवाद पाल के रूप में हुई है। घटना के तुरंत बाद शुरू किए गए रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान राजकुमार यादव का शव मलबे से बाहर निकाल लिया गया था, जबकि अन्य को बचाने और ढूंढने की कोशिशें जारी रहीं।

कमजोर मिट्टी में खुदाई बनी काल

इस दर्दनाक हादसे ने निर्माण कार्यों में सुरक्षा मानकों को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय ग्रामीणों और जानकारों के अनुसार, जिस जगह पर इस कुएं की खुदाई की जा रही थी, वहां की मिट्टी बेहद भुरभुरी, रेतीली और कमजोर थी।

तकनीकी विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी कमजोर और ढीली मिट्टी वाले स्थानों पर बिना किसी सुरक्षा घेरे (जैसे कंक्रीट रींग या लकड़ी की दीवार) के इतनी गहरी खुदाई करना सीधे तौर पर हादसे को न्योता देना है। खुदाई के दौरान सुरक्षा के कोई पुख्ता इंतजाम न होना ही इन गरीब मजदूरों के लिए काल बन गया।

प्रशासनिक जांच पर टिकी नजरें

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस प्रशासन, राजस्व विभाग की टीम और भारी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। जेसीबी मशीनों की मदद से राहत एवं बचाव कार्य (Rescue Operation) युद्ध स्तर पर शुरू किया गया।

अब इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि आखिर यह खुदाई किस आधार पर और किसकी देखरेख में कराई जा रही थी? क्या यह कुआं किसी व्यक्तिगत लाभ के लिए बिना अनुमति खोदा जा रहा था या फिर यह ग्राम पंचायत की किसी शासकीय योजना (जैसे मनरेगा) के तहत निर्माणाधीन था? यदि यह सरकारी काम था, तो तकनीकी निरीक्षण करने वाले इंजीनियर और जिम्मेदार अधिकारियों ने इस जोखिम को नजरअंदाज क्यों किया? पन्ना जिला प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं और अब देखना होगा कि इस घोर लापरवाही के लिए किन जिम्मेदारों पर गाज गिरती है।

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