Panchkula MC Election: पंचकूला नगर निगम चुनाव के बाद अब चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नया विवाद सामने आया है। आरोप लगाया गया है कि जिस स्ट्रॉन्ग रूम में ईवीएम और चुनाव सामग्री को सुरक्षित रखा गया है, वहां लगे कुछ सीसीटीवी कैमरे बंद पाए गए। इस घटना के बाद राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है और चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
विपक्षी दलों और उम्मीदवारों ने इस मामले को गंभीर बताते हुए प्रशासन और चुनाव आयोग से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि स्ट्रॉन्ग रूम की निगरानी में किसी भी प्रकार की लापरवाही लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर लोगों के विश्वास को प्रभावित कर सकती है।
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आम आदमी पार्टी और INLD ने उठाए सवाल
इस पूरे मामले को सबसे पहले वार्ड नंबर 13 से आम आदमी पार्टी (AAP) के उम्मीदवार विशाल भारद्वाज ने उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि स्ट्रॉन्ग रूम की निगरानी व्यवस्था में गंभीर खामियां हैं और बंद पड़े सीसीटीवी कैमरे चुनाव प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करते हैं। वहीं इंडियन नेशनल लोकदल (INLD) के मेयर उम्मीदवार मनोज अग्रवाल ने भी इस मामले को लेकर राज्य चुनाव आयोग को औपचारिक शिकायत भेजी है। उन्होंने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। मनोज अग्रवाल ने अपनी शिकायत में कहा कि स्ट्रॉन्ग रूम में लगे कैमरों का बंद होना बेहद गंभीर मामला है। इससे चुनाव सामग्री और ईवीएम की सुरक्षा को लेकर संदेह पैदा होता है।
“जानबूझकर बंद रखे गए CCTV” का आरोप
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि कुछ CCTV कैमरों को जानबूझकर खराब या बंद रखा गया ताकि निगरानी व्यवस्था कमजोर हो सके। शिकायतकर्ताओं ने आशंका जताई कि इस स्थिति का फायदा किसी विशेष उम्मीदवार को पहुंचाने की कोशिश हो सकती है।
हालांकि अभी तक इस संबंध में कोई ठोस सबूत सामने नहीं आए हैं, लेकिन विपक्षी दलों ने मामले को गंभीर बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि यदि निगरानी व्यवस्था में कोई तकनीकी खराबी थी, तो उसे तुरंत ठीक किया जाना चाहिए था।
चुनाव आयोग से की गई ये मांगें
INLD उम्मीदवार मनोज अग्रवाल ने चुनाव आयोग से कई अहम मांगें रखी हैं। उन्होंने कहा कि मामले की तुरंत जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। इसके अलावा उन्होंने कंट्रोल रूम लॉग, तकनीकी रिकॉर्ड और उपलब्ध CCTV फुटेज को सुरक्षित रखने की भी मांग की है ताकि जांच के दौरान किसी प्रकार की जानकारी नष्ट न हो। उन्होंने यह भी मांग की कि स्ट्रॉन्ग रूम की निगरानी प्रत्याशियों या उनके प्रतिनिधियों की मौजूदगी में सुनिश्चित की जाए, ताकि सभी दलों का भरोसा बना रहे।
लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर असर की आशंका
शिकायत में कहा गया है कि चुनाव आयोग की संवैधानिक जिम्मेदारी स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव कराना है। ऐसे में स्ट्रॉन्ग रूम जैसे संवेदनशील स्थान पर निगरानी व्यवस्था में किसी भी तरह की चूक बेहद गंभीर मानी जाएगी। राजनीतिक दलों का कहना है कि यदि इस तरह की घटनाओं पर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो इससे जनता का चुनावी प्रक्रिया पर भरोसा कमजोर हो सकता है।
अभी तक नहीं आया आधिकारिक बयान
फिलहाल इस मामले में प्रशासन या राज्य चुनाव आयोग की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि राजनीतिक दल लगातार इस मुद्दे को उठा रहे हैं और आने वाले दिनों में विवाद और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। पंचकूला नगर निगम चुनाव के बाद उठे इस विवाद ने एक बार फिर चुनावी पारदर्शिता और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बहस तेज कर दी है। अब सभी की नजर चुनाव आयोग की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है।










