Pakistan: पड़ोसी देश पाकिस्तान में सुरक्षा हालात लगातार बदतर होते जा रहे हैं। पाकिस्तान के अशांत खैबर पख्तूनख्वा (KP) प्रांत के बन्नू जिले से एक बेहद खौफनाक और दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। यहाँ आतंकवादियों ने एक के बाद एक (बैक-टू-बैक) दो भीषण आईईडी (IED) ब्लास्ट कर पूरे इलाके को थर्रा दिया है। रिमोट कंट्रोल के जरिए किए गए इन दो आत्मघाती और कायरतापूर्ण हमलों में कम से कम 7 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई है, जबकि कई अन्य लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। स्थानीय पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने इस दोहरे धमाके को ‘कायराना आतंकी हमला’ करार देते हुए पूरे क्षेत्र में हाई अलर्ट घोषित कर दिया है।
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पहाड़ी इलाके में गाड़ियों को बनाया निशाना
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह भीषण आतंकी हमला बन्नू जिले के वजीर सब-डिवीजन के अंतर्गत आने वाले अर्ध-जनजातीय और दुर्गम पहाड़ी इलाके ‘मरका बेरा’ में घटित हुआ। बन्नू के डिस्ट्रिक्ट पुलिस ऑफिसर (DPO) यासिर अफरीदी ने इस हमले की आधिकारिक पुष्टि करते हुए बताया कि इन रिमोट कंट्रोल धमाकों में अब तक सात निर्दोष लोगों की जान जा चुकी है और तीन लोग गंभीर रूप से जख्मी हैं।
पाकिस्तानी मीडिया आउटलेट ‘डॉन’ की रिपोर्ट के मुताबिक, आतंकवादियों ने फांग मूसा खेल इलाके में पहले से प्लांट किए गए बारूद को उस समय रिमोट से एक्टिवेट किया, जब वहां से गाड़ियां गुजर रही थीं। आतंकियों का मुख्य निशाना वहां से गुजर रहे दो वाहन थे। पहला धमाका उस वक्त हुआ जब डैटसन कंपनी की एक निजी गाड़ी आम यात्रियों को लेकर डोमेल क्षेत्र की तरफ आगे बढ़ रही थी। धमाका इतना जोरदार था कि गाड़ी के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार 5 यात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई।
घायलों को बचाने के दौरान दूसरा धमाका
इस घटना में आतंकवादियों की क्रूरता का सबसे वीभत्स रूप तब देखने को मिला जब घटनास्थल पर मौजूद लोग और बचावकर्मी पहले ब्लास्ट में घायल हुए तड़पते लोगों को अस्पताल ले जाने की कोशिश कर रहे थे। पहले धमाके के ठीक बाद, घटनास्थल से महज एक किलोमीटर की दूरी पर आतंकवादियों ने दूसरा जोरदार ब्लास्ट कर दिया। इस दूसरे विस्फोट की चपेट में एक और गाड़ी आ गई, जिसके टुकड़े-टुकड़े हो गए और इसमें 2 अन्य लोगों ने दम तोड़ दिया। आतंकियों ने जानबूझकर दूसरा धमाका राहत कार्य को बाधित करने और ज्यादा से ज्यादा नुकसान पहुंचाने के लिए किया था।
बड़े पैमाने पर रेस्क्यू और सर्च ऑपरेशन
हमले की सूचना मिलते ही ‘रेस्क्यू 1122’ की आपातकालीन टीमें और पाकिस्तानी सेना के जवान मौके पर पहुंचे। राहत कर्मियों ने भारी मशक्कत के बाद क्षत-विक्षत हो चुके शवों और लहूलुहान घायलों को मलबे से बाहर निकाला। सभी घायलों को तुरंत नजदीकी डोमेल रूरल हेल्थ सेंटर और खलीफा गुल नवाज टीचिंग अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां कई की हालत नाजुक बनी हुई है। सेना और पुलिस के संयुक्त बलों ने पूरे मरका बेरा इलाके की घेराबंदी कर दी है। अधिकारियों को अंदेशा है कि आतंकियों ने बन्नू के इन पहाड़ी रास्तों में और भी कई खतरनाक विस्फोटक (IEDs) छिपा रखे हैं, जिसके चलते चप्पे-चप्पे पर सघन तलाशी अभियान (Search Operation) चलाया जा रहा है। इस बीच, पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए इसे देश की स्थिरता पर हमला बताया है।
बन्नू में गहराया सुरक्षा संकट
यह ताजा दोहरा धमाका बन्नू और खैबर पख्तूनख्वा के सीमावर्ती इलाकों में पैर पसारते आतंकवाद की गंभीर चुनौती को बयां करता है। हाल के महीनों में इस पूरे बेल्ट में आतंकी गतिविधियों में बेतहाशा बढ़ोतरी देखी गई है। इस घटना से ठीक एक सप्ताह पहले भी आतंकियों ने मिर्यान रोड पर स्थित ‘तेरी राम ब्रिज’ को उड़ाने की साजिश रची थी, जिससे पुल क्षतिग्रस्त हो गया था। इसके अलावा 12 जून को भी बन्नू में दो पुलिसकर्मियों की टारगेट किलिंग की गई थी। पिछले महीने भी यहाँ सुरक्षा बलों और आतंकवादियों के बीच हुई एक भीषण मुठभेड़ में 25 आतंकवादी मारे गए थे, जिसमें दो जवानों को भी शहादत देनी पड़ी थी। इस लगातार हो रही हिंसा से स्थानीय नागरिकों में भारी खौफ और सरकार के खिलाफ आक्रोश का माहौल है।
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