Pakistan News : क्रिप्टो विवाद से जुड़ा अपहरण केस, इशाक डार के पोते पर गंभीर आरोप लगे

पाकिस्तान में एक हाई-प्रोफाइल अपहरण और गैंगरेप केस ने नया मोड़ ले लिया है, जिसमें क्रिप्टोकरेंसी विवाद का एंगल सामने आया है। जांच के अनुसार, पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री इशाक डार के रिश्तेदार रजा डार पर आरोप लगे हैं कि वे इस मामले से जुड़े हो सकते हैं। पुलिस ने कई आरोपियों को हिरासत में लिया है और जांच जारी है।

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Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

जुलाई 5, 2026

Pakistan News :  पाकिस्तान के लाहौर में दो विदेशी महिलाओं के कथित अपहरण और सामूहिक दुष्कर्म का मामला अब एक नए और हैरान करने वाले मोड़ पर पहुँच गया है। जांच एजेंसियां इस सनसनीखेज वारदात के पीछे करोड़ों डॉलर के क्रिप्टोकरेंसी विवाद की गहराई से पड़ताल कर रही हैं। इस मामले ने तब और तूल पकड़ लिया, जब इसमें पाकिस्तान के उप-प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार के कथित रिश्तेदार रजा डार का नाम सामने आया। रजा डार के साथ अन्य आरोपी हसन रजा, सिकंदर खान और साजिद अली को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। इस वीभत्स घटना ने न केवल पाकिस्तान की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि विदेशी नागरिकों की सुरक्षा को लेकर भी वैश्विक चिंताएं बढ़ा दी हैं।

जबरन वसूली और यौन उत्पीड़न का आरोप

पीड़ित महिलाओं में से एक, एस्ट्रिड गैब्रिएला रॉबिन्सन ब्राचो ने न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष अपना बयान दर्ज कराया है। पीड़िता का आरोप है कि लाहौर पहुँचने के कुछ ही समय बाद, हथियारबंद लोग उनके आवास में घुस आए और उन्हें बंधक बना लिया। आरोपियों ने उन पर एक कंप्यूटर में मौजूद क्रिप्टोकरेंसी एसेट्स तक पहुँचने के लिए भारी दबाव बनाया। पीड़िता ने रजा डार पर गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि वह लगातार उनसे पैसे और पासवर्ड की मांग कर रहा था। पीड़िता के अनुसार, उसे एक कमरे में ले जाकर दो लोगों ने शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया, जबकि तीसरा आरोपी हथियार लेकर पहरा दे रहा था। इस दौरान उसे जान से मारने की धमकियां भी दी गईं।

फिरौती की रकम और संदिग्ध ‘बॉस’ का इशारा

जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों ने पीड़िता के मोबाइल फोन का उपयोग करके उसके परिचितों से पैसे ऐंठने की कोशिश की। मामले को रफा-दफा करने के लिए दूसरी पीड़िता की मां ने किसी तरह एक लाख अमेरिकी डॉलर (लगभग 84 लाख रुपये) की व्यवस्था की। फिरौती की रकम मिलने के बाद ही आरोपियों ने महिलाओं के पासपोर्ट लौटाए और उन्हें एयरपोर्ट जाने दिया। पीड़िता ने पुलिस को बताया कि एयरपोर्ट जाते समय उसने एक आरोपी को फोन पर यह कहते सुना कि “बॉस के निर्देश अलग हैं,” जो इस पूरी साजिश के पीछे किसी बड़े हाथ की ओर इशारा करता है। यह बयान मामले में किसी उच्चस्तरीय रैकेट की संलिप्तता का संदेह पैदा करता है।

पुलिस हिरासत में आरोपी और जांच का दायरा

लाहौर की एक स्थानीय अदालत ने रजा डार समेत सभी चारों मुख्य आरोपियों को पांच दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है। जांच एजेंसियों का कहना है कि अभी तक वारदात में इस्तेमाल किए गए हथियार और जबरन वसूली गई क्रिप्टोकरेंसी व नकदी की बरामदगी बाकी है। अदालत ने पुलिस को निर्देश दिए हैं कि वे जांच पूरी कर जल्द से जल्द रिपोर्ट पेश करें। सभी आरोपियों को 8 जुलाई को पुनः अदालत के समक्ष पेश किया जाएगा। इस घटना ने यह स्पष्ट कर दिया है कि अपराध का यह स्वरूप कितना संगठित और डिजिटल था। अब पूरी दुनिया की नजरें पाकिस्तान की इस जांच प्रक्रिया पर टिकी हैं कि क्या रजा डार के रसूख के बावजूद कानून अपना काम निष्पक्ष रूप से कर पाएगा।

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