Pakistan Airstrike: “हम टूटेंगे नहीं, फिर उठेंगे…” काबुल में 400 मौतों के बाद छलका राशिद खान का दर्द

काबुल में पाकिस्तान की एयरस्ट्राइक से कम से कम 400 नागरिकों की मौत हुई और 250 लोग घायल हुए। अफगान क्रिकेटर्स राशिद खान और मोहम्मद नबी ने सोशल मीडिया पर गहरा दुख व्यक्त किया। राशिद ने कहा- “यह युद्ध अपराध है, लेकिन हम टूटेंगे नहीं, फिर उठेंगे।”

Pakistan Airstrike

Wrriten By :

Neha Mishra

Published On :

मार्च 17, 2026

Pakistan Airstrike: अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में सोमवार रात लगभग 9 बजे पाकिस्तान की वायुसेना द्वारा हमला किया गया, जिसने भारी तबाही मचा दी। इस एयरस्ट्राइक में एक अस्पताल को निशाना बनाया गया, जिसमें कम से कम 400 लोगों की मौत हुई और लगभग 250 लोग घायल हो गए। स्थानीय मीडिया और तालीबान के प्रवक्ता के अनुसार घायलों को आसपास के अस्पतालों में भर्ती कराया गया। यह हमला न केवल मानव जीवन के लिए खतरनाक था, बल्कि इसके कारण स्वास्थ्य और शैक्षणिक ढांचे भी प्रभावित हुए। इससे स्पष्ट होता है कि एयरस्ट्राइक का प्रभाव आम नागरिकों पर भारी पड़ा है और यह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गंभीर चिंता का विषय बन गया है।

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राशिद खान ने जताया गहरा दुख

अफगानिस्तान के स्टार क्रिकेटर राशिद खान ने इस घटना पर सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म X पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने लिखा कि काबुल में एयरस्ट्राइक से नागरिकों की मौतें अत्यंत दुखद हैं।राशिद ने स्पष्ट किया कि किसी भी नागरिक का घर, अस्पताल या स्कूल को निशाना बनाना चाहे जानबूझकर हो या गलती से, यह युद्ध अपराध की श्रेणी में आता है। उन्होंने कहा कि यह मानव जीवन के प्रति घोर अनदेखी है, खासकर रमज़ान के पवित्र महीने में, और इससे समाज में नफरत और विभाजन बढ़ सकता है। राशिद ने संयुक्त राष्ट्र और अन्य मानवाधिकार संगठनों से इस घटना की जांच की मांग की और जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराने पर जोर दिया। उन्होंने अपने पोस्ट में अफगान जनता के प्रति समर्थन व्यक्त किया और भरोसा जताया कि देश इस त्रासदी से उबर कर फिर खड़ा होगा।

मोहम्मद नबी ने अस्पताल हमले का बताया दर्द

मोहम्मद नबी ने अस्पताल हमले का बताया दर्द
मोहम्मद नबी ने अस्पताल हमले का बताया दर्द

दूसरे अफगानी क्रिकेट स्टार मोहम्मद नबी ने भी इस हमले पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि एयरस्ट्राइक ने अस्पताल में इलाज कराने आए युवाओं की जिंदगी छीन ली। नबी ने लिखा कि अस्पताल के बाहर माताएँ अपने बेटों के नाम पुकारती रहीं, लेकिन उन्हें वापस नहीं मिला। इस हमले की रमज़ान की 28वीं रात को हुई घटनाओं ने उम्मीदों को खत्म कर दिया और इसे बेहद दर्दनाक बताया। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं न केवल पीड़ित परिवारों के लिए बल्कि पूरे समाज के लिए आघात हैं।

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अंतरराष्ट्रीय चिंता और मानवाधिकार

इस एयरस्ट्राइक ने केवल स्थानीय स्तर पर नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी चिंता पैदा कर दी है। नागरिक क्षेत्रों और चिकित्सा संस्थानों पर हमले को अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार कानून के तहत गंभीर माना जाता है। क्रिकेटर जैसे लोकप्रिय हस्तियों द्वारा इस घटना पर प्रतिक्रिया देने से वैश्विक स्तर पर अफगान नागरिकों की मुश्किलों और पीड़ा पर ध्यान आकर्षित हुआ है।