Pakistan Airstrike Afghanistan: क्या पाकिस्तानी एयरस्ट्राइक में मारा गया तालिबान का सुप्रीम लीडर? जानें क्या है सच

पाकिस्तान के 'ऑपरेशन गजब लिल हक' ने अफगानिस्तान में कोहराम मचा दिया है। सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि काबुल और कंधार में हुए हमलों में तालिबान का सुप्रीम लीडर हिबतुल्लाह अखुंदज़ादा मारा गया है। इस दावे के पीछे की सच्चाई क्या है और जमीनी हकीकत क्या कहती है?

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

फ़रवरी 27, 2026

Pakistan Airstrike Afghanistan: पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच जारी कूटनीतिक कड़वाहट अब एक भीषण सैन्य टकराव का रूप ले चुकी है। शुक्रवार तड़के पाकिस्तानी वायु सेना के लड़ाकू विमानों ने सीमा लांघकर अफगानिस्तान की राजधानी काबुल समेत कई प्रमुख शहरों पर जोरदार हमले किए। इन हमलों के बाद सोशल मीडिया पर एक सनसनीखेज दावा तेजी से फैलने लगा कि पाकिस्तान की इस एयरस्ट्राइक में तालिबान के सुप्रीम लीडर हिबतुल्लाह अखुंदजादा की मौत हो गई है। यह खबर जंगल में आग की तरह फैल गई, जिसने अंतरराष्ट्रीय समुदाय और सैन्य विश्लेषकों को चौंका दिया।

“ऑपरेशन गजब-लील-हक”: अफवाहों और दावों का केंद्र बना कंधार

पाकिस्तानी सैन्य नेतृत्व द्वारा आधिकारिक तौर पर “ऑपरेशन गजब-लील-हक” की घोषणा के बाद ही सीमा पर तनाव चरम पर पहुँच गया था। शुरुआती रिपोर्टों में काबुल को हमलों का मुख्य केंद्र माना जा रहा था, लेकिन जल्द ही सबका ध्यान कंधार की ओर मुड़ गया। कंधार को तालिबान का वैचारिक और रणनीतिक गढ़ माना जाता है, जहाँ से अखुंदजादा अपना पूरा प्रशासन चलाते हैं। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि कंधार के आसमान में कई घंटों तक फाइटर जेट्स की आवाजें सुनी गईं और भारी धमाके हुए। इसी आधार पर ऑनलाइन अटकलें लगाई जाने लगीं कि यह पाकिस्तान द्वारा किया गया ‘लीडरशिप स्ट्राइक’ (शीर्ष नेतृत्व पर हमला) हो सकता है।

तालिबान का आधिकारिक बयान: “लीडरशिप पूरी तरह सुरक्षित”

अखुंदजादा की मौत की खबरों के बीच तालिबान प्रशासन ने अपनी स्थिति स्पष्ट की है। काबुल में मौजूद अंतरराष्ट्रीय पत्रकारों (AFP) ने दो घंटे तक चली बमबारी और गोलीबारी की पुष्टि की है। हालांकि, तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने सुप्रीम लीडर को निशाना बनाए जाने की बात को पूरी तरह खारिज कर दिया है। मुजाहिद ने कहा कि पाकिस्तानी विमानों ने निश्चित रूप से अफगान संप्रभुता का उल्लंघन किया है, लेकिन इस ऑपरेशन में उनके किसी भी सीनियर लीडर या कमांड इंफ्रास्ट्रक्चर को कोई नुकसान नहीं पहुँचा है। उन्होंने इन दावों को महज दुष्प्रचार करार दिया।

जमीनी जंग और हताहतों का विवरण: 8 अफगान सैनिकों की मौत

हवाई हमलों के बाद दोनों देशों की सेनाओं के बीच सीमा पर जमीनी लड़ाई भी शुरू हो गई है। अफगान रक्षा मंत्रालय ने पुष्टि की है कि डूरंड लाइन के पास हुई हिंसक झड़पों में अब तक उनके आठ सैनिकों की जान जा चुकी है। तालिबान ने इसे पाकिस्तान की सैन्य आक्रामकता का नतीजा बताया और चेतावनी दी कि वे अपनी सीमाओं की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं। सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है क्योंकि गोलाबारी का सिलसिला रुक-रुक कर जारी है।

पाकिस्तान की सफाई: “निशाना केवल TTP के आतंकी ठिकाने थे”

दूसरी ओर, पाकिस्तान ने भी इस मामले में अपनी स्थिति साफ की है। इस्लामाबाद ने स्पष्ट किया है कि उनका उद्देश्य किसी राजनीतिक नेतृत्व को खत्म करना नहीं था। पाकिस्तान का कहना है कि उनके हमले केवल तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के सुरक्षित ठिकानों पर केंद्रित थे, जो डूरंड लाइन के पास सक्रिय हैं। पाकिस्तानी अधिकारियों के अनुसार, यह एक ‘काउंटर-टेररिज्म’ अभियान का हिस्सा था। जानकारों का मानना है कि अखुंदजादा जैसे शीर्ष नेता पर सीधा हमला करना पाकिस्तान के लिए एक बड़ा रणनीतिक जोखिम हो सकता है, जिससे पूरे क्षेत्र में अनियंत्रित युद्ध छिड़ सकता है। फिलहाल, सुप्रीम लीडर की मौत की पुष्टि करने वाला कोई भी विश्वसनीय सबूत सामने नहीं आया है।

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