ओवैसी ने शरद पवार के सांसद बनने पर उठाए सवाल, क्या इस बार नहीं बन पाएंगे सांसद?

मुंबई   लोकसभा सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने वरिष्ठ नेता शरद पवार के संसदीय भविष्य को लेकर बड़ा दावा कर दिया है। उन्होंने रविवार को कहा कि पवार के पास दोबारा राज्यसभा में जाने के लिए जरूरी विधायक नहीं है। साथ ही उन्होंने दावा किया है कि आने वाले समय में इसे लेकर बड़ा 'तमाशा' होगा। AIMIM चीफ की तरफ से यह दावा ऐसे समय पर किया गया है, जब महाराष्ट्र में BMC समेत कई बड़े निकायों के चुनाव होने हैं। पवार का कार्यकाल मार्च में खत्म हो रहा है। ओवैसी ने कहा, 'पवार साहब का राज्यसभा टर्म कब तक का है?

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Published On :

जनवरी 5, 2026

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मुंबई 

 लोकसभा सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने वरिष्ठ नेता शरद पवार के संसदीय भविष्य को लेकर बड़ा दावा कर दिया है। उन्होंने रविवार को कहा कि पवार के पास दोबारा राज्यसभा में जाने के लिए जरूरी विधायक नहीं है। साथ ही उन्होंने दावा किया है कि आने वाले समय में इसे लेकर बड़ा 'तमाशा' होगा। AIMIM चीफ की तरफ से यह दावा ऐसे समय पर किया गया है, जब महाराष्ट्र में BMC समेत कई बड़े निकायों के चुनाव होने हैं। पवार का कार्यकाल मार्च में खत्म हो रहा है।

ओवैसी ने कहा, 'पवार साहब का राज्यसभा टर्म कब तक का है? मार्च तक। उसके पास उनके पास ताकत कहां है। उनके गठबंधन में इतने विधायक कहां हैं। अगर वह जाते हैं, तो कैसे जाएंगे। यह तो उनको पूछना चाहिए…। अगर वह दोबारा राज्यसभा जाएंगे पवार साहब तो कैसे जाएंगे? नंबर चाहिए न। तो पता चल जाएगा आपको। अभी तमाशा होगा देखिए।'

कई दिग्गजों का कार्यकाल पूरा होगा

इन राज्यसभा चुनावों का महत्व इसलिए भी ज्यादा है, क्योंकि इसमें कई नेताओं का कार्यकाल खत्म हो रहा है। इनमें केंद्र सरकार में मंत्री एवं विभिन्न दलों के प्रमुख नेता शामिल है। अगर मंत्री फिर से चुनकर नहीं आते हैं तो उनका सरकार में रहना मुश्किल हो जाएगा और अन्य प्रमुख नेताओं के लिए भी दिक्कतें बढ़ेगी।

जिन प्रमुख नेताओं कार्यकाल पूरा हो रहा है उनमें कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, पूर्व प्रधानमंत्री एच डी देवगौड़ा, दिग्विजय सिंह, शरद पवार, केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी, बी एल बर्मा, जॉर्ज कुरियन आदि शामिल है। इनके अलावा प्रेमचंद गुप्ता, राज्यसभा के उप सभापति हरिवंश नारायण सिंह, रामनाथ ठाकुर, उपेंद्र कुशवाहा, प्रियंका चतुर्वेदी, रामदास अठावले, रामगोपाल यादव, नीरज शेखर, राम जी, शक्ति सिंह गोहिल, अभिषेक मनु सिंघवी, थंबी दुरई, तिरुचि शिवा और मनोनीत सुप्रीम कोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई शामिल है।

सबसे ज्यादा दस सीटें उत्तर प्रदेश में रिक्त होंगी

2026 में जिन 72 सीटों के लिए चुनाव होंगे उनमें अप्रैल में 37 सीटों के लिए, जून में 23 सीटों के लिए, जुलाई में एक सीट के लिए और नवंबर में 11 सीटों के लिए चुनाव होने हैं। अप्रैल माह में जिन 37 सीटों के लिए चुनाव होंगे, उनमें असम, बिहार, छत्तीसगढ़, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, महाराष्ट्र, उड़ीसा, तमिलनाडु, तेलंगाना, पश्चिम बंगाल शामिल है, जबकि नवंबर में होने वाले 11 सीटों के चुनाव में सबसे महत्वपूर्ण उत्तर प्रदेश की 10 सीटें होगी। इसके अलावा जून में होने वाले 23 सीटों के चुनाव में आंध्र प्रदेश, झारखंड, कर्नाटक, मध्य प्रदेश जैसे महत्वपूर्ण राज्य हैं।

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