Asaduddin Owaisi: ‘हिजाब वाली PM’ वाले बयान पर मचा बवाल, नितेश राणे और ओवैसी में छिड़ी जुबानी जंग

एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने सोलापुर में भारतीय संविधान की तुलना पाकिस्तान से करते हुए कहा कि भारत में हिजाब पहनने वाली बेटी भी प्रधानमंत्री बन सकती है। ओवैसी के इस बयान पर भाजपा नेता नितेश राणे ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए इसे 'हिंदू राष्ट्र' बताया, जिससे महाराष्ट्र की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है।

Asaduddin Owaisi

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

जनवरी 10, 2026

Asaduddin Owaisi: एआईएमआईएम (AIMIM) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने महाराष्ट्र के सोलापुर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए भारतीय संविधान की समावेशी शक्ति और लोकतांत्रिक मूल्यों पर जोर दिया। उन्होंने भारत और पाकिस्तान के संवैधानिक ढांचों की तुलना करते हुए भारतीय लोकतंत्र को श्रेष्ठ बताया।

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संवैधानिक समानता और लोकतांत्रिक अधिकारों की तुलना

बताते चले कि, सोलापुर के कार्यक्रम में ओवैसी ने कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच सबसे बड़ा अंतर वहां का संविधान है। उन्होंने तर्क दिया कि पाकिस्तान के संविधान में प्रधानमंत्री जैसे शीर्ष पदों के लिए धार्मिक शर्तें अनिवार्य हैं, जो केवल एक विशेष धर्म के व्यक्ति को ही वहां का नेतृत्व करने की अनुमति देती हैं। इसके विपरीत, डॉ. भीमराव अंबेडकर द्वारा रचित भारत का संविधान जाति, धर्म या लिंग के आधार पर कोई भेदभाव नहीं करता। ओवैसी के अनुसार, यही समानता भारतीय लोकतंत्र की असली ताकत है।

हिजाब पहनने वाली मुस्लिम महिला के नेतृत्व की संभावना

अपने संबोधन के दौरान ओवैसी ने एक बड़ा विजन साझा करते हुए कहा कि उनका सपना है कि एक दिन इस देश की प्रधानमंत्री हिजाब पहनने वाली एक बेटी बने। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह केवल उनकी व्यक्तिगत इच्छा नहीं है, बल्कि भारतीय संविधान की उस भावना का प्रतीक है जो हर नागरिक को समान अवसर और अधिकार प्रदान करती है। उन्होंने जोर दिया कि भारत का कानून किसी के पहनावे या मजहब के आधार पर उसे सर्वोच्च पद से वंचित नहीं रख सकता।

अल्पसंख्यक समुदायों के लिए शिक्षा का आह्वान

ओवैसी ने युवाओं और अल्पसंख्यकों से अपील की कि वे देश की लोकतांत्रिक प्रक्रिया में अपनी भूमिका बढ़ाएं। उन्होंने कहा कि समाज में बदलाव का एकमात्र रास्ता शिक्षा और राजनीतिक जागरूकता है। ओवैसी ने देश की विविधता को भारत की सबसे बड़ी पहचान बताया और कहा कि संविधान से मिले अधिकारों की रक्षा करना और भेदभाव के खिलाफ आवाज उठाना हर जागरूक नागरिक का कर्तव्य है।

नितेश राणे ने ओवैसी के बयान को बताया असंभव

ओवैसी की इस टिप्पणी के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में उबाल आ गया है। भाजपा नेता और मंत्री नितेश राणे ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि भारत एक हिंदू राष्ट्र है। उन्होंने दावा किया कि यहाँ हिजाब या बुर्का पहनने वाली महिला कभी प्रधानमंत्री या मुंबई की मेयर नहीं बन सकती। राणे ने विवादित बयान देते हुए यह भी कहा कि जिन्हें ऐसी इच्छाएं हैं, उन्हें इस्लामिक देशों का रुख करना चाहिए।

एआईएमआईएम का जवाब

भाजपा के पलटवार पर एआईएमआईएम नेता वारिस पठान ने मोर्चा संभाला। उन्होंने कहा कि भारत किसी व्यक्ति की निजी सोच या धमकियों से नहीं, बल्कि बाबा साहेब के संविधान से चलता है। पठान ने दोहराया कि कानून के अनुसार कोई भी योग्य नागरिक देश के किसी भी संवैधानिक पद पर आसीन हो सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ओवैसी का बयान संवैधानिक मूल्यों पर आधारित है और पार्टी किसी भी प्रकार के दबाव में नहीं आएगी।

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