पंजाब में दिवालिया होने पर 41 हजार से अधिक GST रजिस्ट्रेशन रद्द

चंडीगढ़. पंजाब में पिछले करीब साढ़े तीन वर्षों के दौरान बड़ी संख्या में जीएसटी रजिस्ट्रेशन रद किए गए हैं। विधानसभा में सरकार ने जानकारी दी कि अप्रैल 2022 से दिसंबर 2025 तक राज्य में कुल 41,290 जीएसटी रजिस्ट्रेशन रद किए गए, जिनमें व्यापार बंद होने, असफलता या दिवालिया होने जैसे कारण भी शामिल हैं। यह जानकारी वित्त मंत्री हरपाल चीमा ने विधानसभा में विधायक डॉ. सुखविंदर कुमार सखी की ओर से पूछे गए सवाल के लिखित जवाब में दी। विधायक ने पूछा था कि अप्रैल 2022 से दिसंबर 2025 तक पंजाब में कितनी जीएसटी रजिस्ट्रेशन विशेष तौर पर व्यापार असफल

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Published On :

मार्च 9, 2026

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चंडीगढ़.

पंजाब में पिछले करीब साढ़े तीन वर्षों के दौरान बड़ी संख्या में जीएसटी रजिस्ट्रेशन रद किए गए हैं। विधानसभा में सरकार ने जानकारी दी कि अप्रैल 2022 से दिसंबर 2025 तक राज्य में कुल 41,290 जीएसटी रजिस्ट्रेशन रद किए गए, जिनमें व्यापार बंद होने, असफलता या दिवालिया होने जैसे कारण भी शामिल हैं।

यह जानकारी वित्त मंत्री हरपाल चीमा ने विधानसभा में विधायक डॉ. सुखविंदर कुमार सखी की ओर से पूछे गए सवाल के लिखित जवाब में दी। विधायक ने पूछा था कि अप्रैल 2022 से दिसंबर 2025 तक पंजाब में कितनी जीएसटी रजिस्ट्रेशन विशेष तौर पर व्यापार असफल होने, व्यापार बंद होने या दिवालिया होने के कारण रद की गई हैं।

वित्त मंत्री ने जवाब में बताया कि इस अवधि के दौरान करदाताओं द्वारा दी गई आवेदनों के आधार पर कुल 41,290 जीएसटी रजिस्ट्रेशन रद की गई हैं। इन रद की गई रजिस्ट्रेशन में व्यापार असफल होने, व्यापार बंद होने या दिवालिया होने के कारण भी शामिल हैं। विधायक के एक अन्य सवाल के जवाब में मंत्री ने बताया कि टैक्स पालन से जुड़े मुद्दों या नोटिस के कारण अधिकारियों ने 36,017 जीएसटी रजिस्ट्रेशन रद की गई हैं।
डॉ. सुखविंदर कुमार सखी ने यह भी पूछा था कि प्रभावित छोटी पार्टियों या कारोबारियों के लिए कोई भलाई योजना, बीमा या पेंशन योजना है या नहीं। इस पर वित्त मंत्री ने बताया कि आयुष्मान भारत मुख्यमंत्री सेहत बीमा योजना पंजाब राज्य के लाभार्थियों के लिए एक प्रमुख स्वास्थ्य बीमा योजना है।

मौजूदा प्रावधानों के अनुसार जिन लाभार्थियों का जीएसटी एक्ट 2017 के तहत सालाना टर्नओवर 2 करोड़ रुपये तक है और जिन्होंने संबंधित वित्तीय वर्ष के सभी रिटर्न दाखिल किए हैं, वे इस योजना के तहत प्रति परिवार प्रति वर्ष 5 लाख रुपये तक का नकद रहित स्वास्थ्य बीमा कवर पाने के हकदार हैं। इस योजना के तहत सरकारी और सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में कैशलेस और पेपरलेस इलाज उपलब्ध कराया जाता है।
विधानसभा में यह भी जानकारी दी गई कि अप्रैल 2022 से दिसंबर 2025 तक कुल 1963 इंस्पेक्शनों के दौरान 157,11,34,388 रुपये की रिकवरी की गई है। इसके अलावा जीएसटी एक्ट के तहत टैक्स दाताओं के लिए राहत फंड जैसा कोई अलग फंड नहीं बनाया गया है। मंत्री ने स्पष्ट किया कि जीएसटी एक्ट के तहत इस तरह का कोई फंड फिलहाल अस्तित्व में नहीं है।

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