1500 हेक्टेयर जमीन पर होगी जैविक खेती, 1500 किसानों को योजना से जोड़ा जाएगा

मधुबन (पूर्वी चंपारण) परंपरागत कृषि विकास योजना के तहत जिले में जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए किसानों के समूह तैयार किए जा रहे हैं। भारत सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना में पूर्वी चंपारण जिले के मधुबन, तेतरिया, पकड़ीदयाल, कल्याणपुर, चकिया और केसरिया प्रखंड को शामिल किया गया है।योजना के तहत जिले में 1500 हेक्टेयर भूमि पर जैविक खेती कराने की तैयारी चल रही है। छह प्रखंडों में बनेंगे 75 समूह योजना के तहत क्लस्टर के माध्यम से किसानों का चयन किया जा रहा है। जिले के छह प्रखंडों में कुल 75 समूह बनाए जाएंगे।जिसमें करीब 1500 किसानों को

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Published On :

अगस्त 17, 2026

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मधुबन (पूर्वी चंपारण)
परंपरागत कृषि विकास योजना के तहत जिले में जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए किसानों के समूह तैयार किए जा रहे हैं।

भारत सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना में पूर्वी चंपारण जिले के मधुबन, तेतरिया, पकड़ीदयाल, कल्याणपुर, चकिया और केसरिया प्रखंड को शामिल किया गया है।योजना के तहत जिले में 1500 हेक्टेयर भूमि पर जैविक खेती कराने की तैयारी चल रही है।

छह प्रखंडों में बनेंगे 75 समूह
योजना के तहत क्लस्टर के माध्यम से किसानों का चयन किया जा रहा है। जिले के छह प्रखंडों में कुल 75 समूह बनाए जाएंगे।जिसमें करीब 1500 किसानों को शामिल किया जाना है। फिलहाल, मधुबन समेत छह प्रखंडों में 30 समूहों का गठन कर 600 किसानों को योजना से जोड़ा जा चुका है।

मिट्टी की सेहत सुधारना मुख्य उद्देश्य
जैविक खेती को बढ़ावा देने का मुख्य उद्देश्य मिट्टी की सेहत में सुधार करना है। रसायनिक खादों और कीटनाशकों के लगातार इस्तेमाल से मिट्टी की उर्वरता और गुणवत्ता प्रभावित हो रही है। जैविक खेती के माध्यम से मिट्टी की प्राकृतिक उर्वरता को बनाए रखने और उसे पुनः बेहतर करने का प्रयास किया जाएगा।साथ ही आम लोगों को रसायनमुक्त, सुरक्षित और स्वास्थ्यवर्धक खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने पर भी जोर रहेगा।

समूह बनाकर होगी खेती
योजना के तहत किसानों को समूह के रूप में संगठित कर जैविक खेती के लिए प्रेरित किया जाएगा। इससे किसानों को जैविक खेती की तकनीक अपनाने, उत्पादन बढ़ाने और सामूहिक रूप से बेहतर बाजार उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

किसानों को मिलेगी आर्थिक सहायता
जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए विभाग की ओर से निर्धारित राशि किसानों को उपलब्ध कराई जाएगी।इससे किसानों को जैविक खेती अपनाने में आर्थिक परेशानी नहीं होगी और वे खेती में जैविक तरीकों का इस्तेमाल कर सकेंगे।

योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों को जैविक खेती के लिए प्रेरित करना है।इसके लिए किसानों के समूह बनाकर उन्हें जैविक खेती से जोड़ा जा रहा है।इससे मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने के साथ किसानों को सुरक्षित और टिकाऊ खेती की ओर बढ़ने में मदद मिलेगी।

मुनेश्वर प्रसाद सिंह, प्रखंड कृषि पदाधिकारी, मधुबन

 

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