खर्च घटाने का OPPO का दांव: Realme बनेगा सब-ब्रैंड, यूज़र्स के मन में उठे सवाल

नई दिल्ली स्मार्टफोन बनाने वाली चीनी कंपनी Realme को ओप्पो की सब-ब्रांड के तौर पर शामिल किया जा रहा है। बुधवार को रियलमी ने बताया कि उसे BBK Electronics के तहत आने वाली एक और चीनी कंपनी Oppo की सब-ब्रांड बनाया जा रहा है। खर्चों में कटौती करने के लिए कंपनियों ने ये बड़ा फैसला लिया है। इससे दोनों कंपनियों को अपने संसाधनों को एक साथ लाने और खर्चों को कम करने में मदद मिलेगी। बता दें कि भारत समेत कई देशों में रियलमी के स्मार्टफोन्स को काफी पसंद किया जाता है। ऐसे में लोगों के मन में एक सवाल

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Published On :

जनवरी 7, 2026

नई दिल्ली

स्मार्टफोन बनाने वाली चीनी कंपनी Realme को ओप्पो की सब-ब्रांड के तौर पर शामिल किया जा रहा है। बुधवार को रियलमी ने बताया कि उसे BBK Electronics के तहत आने वाली एक और चीनी कंपनी Oppo की सब-ब्रांड बनाया जा रहा है। खर्चों में कटौती करने के लिए कंपनियों ने ये बड़ा फैसला लिया है। इससे दोनों कंपनियों को अपने संसाधनों को एक साथ लाने और खर्चों को कम करने में मदद मिलेगी। बता दें कि भारत समेत कई देशों में रियलमी के स्मार्टफोन्स को काफी पसंद किया जाता है। ऐसे में लोगों के मन में एक सवाल जरूर आएगा कि क्या अब मार्केट में Realme के स्मार्टफोन आना बंद हो जाएंगे। आइये, इसके बारे में डिटेल में जानते हैं।

Oppo की सब ब्रांड के तौर पर काम करेगी रियलमी
Reuters की खबर के अनुसार, रियलमी को ओप्पो की सब-ब्रांड बनाया जा रहा है। भारत, दक्षिण पूर्व एशिया और यूरोप में इस कंपनियों के स्मार्टफोन बेचे और पसंद किए जाते हैं। बता दें कि रिलमी, चीनी कंज्यूमर हार्डवेयर दिग्गज BBK इलेक्ट्रॉनिक्स की कंपनी है। इसके तहत ही Oppo और Vivo स्मार्टफोन ब्रांड भी आते हैं।

क्या बंद हो जाएंगे रियलमी के स्मार्टफोन?
अगर आपको लग रहा है कि अब मार्केट में रियलमी के स्मार्टफोन आना बंद हो जाएंगे तो ऐसा नहीं है। रियलमी के स्मार्टफोन अभी भी लॉन्च किए जाएंगे और वे रियलमी के नाम से ही मार्केट में एंट्री लेंगे। लेकिन, रियलमी अब एक स्वतंत्र ब्रांड नहीं बल्कि ओप्पो की सब ब्रांड के तौर पर काम करेगी। यह नथिंग की सब ब्रांड CMF और वीवो की सब ब्रांड IQOO की तरह ही हो जाएगी। हालांकि, इसके फोन, टैबलेट और ऑडियो प्रोडक्ट रियलमी के नाम से ही मार्केट में बिकेंगे।

क्यों लिया गया ये फैसला?
रियलमी ने अपना पहला स्मार्टफोन सबसे पहले भारत में ही लॉन्च किया था। इसके बजट और मिड रेंज स्मार्टफोन को काफी पसंद किया जाता है। इसके बाद भी एक सब ब्रांड के तौर पर काम करने का फैसला लेना लोगों को चौंका रहा है। ऐसा कंपनी ने कॉस्ट कटिंग करने यानी पैसा बचाने के लिए किया है। ओप्पो की सब ब्रांड के तौर पर काम करने से ओप्पो और रियलमी दोनों ब्रांड्स का पैसा बचेगा। वे एक दूसरे के रीसोर्स का इस्तेमाल कर पाएंगे। इससे पैसे बचाने और कंपनी को प्रॉफिट करने में मदद मिलेगी।

सैमसंग और वीवो को मिलेगी चुनौती
ITC की 2025 की तीसरी तिमाही की रिपोर्ट के अनुसार भारत में दूसरी सबसे बड़ी स्मार्टफोन कंपनी ओप्पो थी। इस लिस्ट में वीवो पहले और तीसरे नंबर पर सैमसंग थी। वहीं, रियलमी छठे नंबर पर थी। अब ओप्पो की सब ब्रांड बनने के बाद ये दोनों ब्रांड मिलकर भारत की सबसे बड़ी स्मार्टफोन कंपनी बन सकती हैं। इससे सैमसंग और वीवो को बड़ी चुनौती मिलेगी।

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