Operation Epic Fury: ईरान के इतिहास में 28 फरवरी 2026 की तारीख एक ऐसे मोड़ के रूप में दर्ज हो गई है, जिसने पूरे मध्य पूर्व का भूगोल और भविष्य बदल दिया है। इसी दिन ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ के तहत ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई को निशाना बनाया गया। इस अत्यंत गुप्त और साहसी सैन्य अभियान ने न केवल दुनिया को अचंभित कर दिया, बल्कि पश्चिम एशिया की दशकों पुरानी राजनीति की दिशा भी बदल दी। यह मिशन आधुनिक युद्ध रणनीति, घातक सैन्य कौशल और अचूक खुफिया तंत्र के बेजोड़ मेल का परिणाम था, जिसने तेहरान के अभेद्य किले को भेद दिया।
रणनीति के असली शिल्पकार: जनरल डैन केन की मास्टर प्लानिंग
इस ऐतिहासिक मिशन की सफलता के पीछे अमेरिकी सेना के प्रमुख जनरल डैन केन का दिमाग था। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा 2025 में नियुक्त किए गए जनरल केन खाड़ी क्षेत्र में एफ-16 पायलट के रूप में अपने लंबे और साहसी अनुभव के लिए विख्यात हैं। उन्होंने ही इस पूरे ऑपरेशन की सैन्य रूपरेखा तैयार की और विभिन्न बलों के बीच तालमेल सुनिश्चित किया। एक अज्ञात स्थान पर बने वॉर रूम से केन ने इस हमले की हर छोटी-बड़ी गतिविधि पर पैनी नजर रखी, जिससे मिशन में चूक की कोई गुंजाइश नहीं बची।
जमीनी संचालन के नायक: एडमिरल ब्रैड कूपर और यूएस सेंटकॉम की भूमिका
यूएस सेंटकॉम (CENTCOM) के प्रमुख एडमिरल ब्रैड कूपर ने इस अभियान के जमीनी संचालन और समन्वय की कमान संभाली। चूंकि सेंटकॉम पश्चिम एशिया में अमेरिकी सैन्य गतिविधियों का मुख्य केंद्र है, इसलिए इजराइली बलों और अमेरिकी नौसेना के बीच तालमेल बैठाना कूपर की सबसे बड़ी जिम्मेदारी थी। उनके नेतृत्व में ही लक्ष्यों की सटीक पहचान की गई और हवाई हमलों की निरंतर निगरानी की गई। कूपर की सूझबूझ ने ही यह सुनिश्चित किया कि हमला इतना प्रभावी हो कि ईरान को संभलने का मौका न मिले।
इजराइली सैन्य शक्ति का चेहरा: सेना प्रमुख इयाल जमीर की घातक योजना
इस संयुक्त अभियान में इजराइल के सेना प्रमुख इयाल जमीर ने अपनी रणनीतिक प्रतिभा का लोहा मनवाया। जमीर ने इजराइली वायु सेना के साथ मिलकर हमले की ऐसी रूपरेखा तैयार की, जिससे तेहरान के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले ठिकानों को भी मलबे में तब्दील कर दिया गया। अमेरिकी अधिकारियों के साथ मिलकर उन्होंने ऑपरेशन के हर चरण का सूक्ष्म विश्लेषण किया। जमीर की भागीदारी ने इस मिशन की सफलता की दर को शत-प्रतिशत तक पहुंचा दिया, जिससे दुश्मन के मुख्य ठिकानों को बिना किसी बड़ी क्षति के ध्वस्त कर दिया गया।
मोसाद का अदृश्य जाल: रोमन गोफमैन की अचूक खुफिया जानकारी
इजराइली खुफिया एजेंसी ‘मोसाद’ के प्रमुख रोमन गोफमैन को इस पूरे ऑपरेशन का असली सूत्रधार माना जा रहा है। गोफमैन के नेतृत्व में मोसाद की टीम ने कई महीनों पहले से अयातुल्ला खामेनेई की हर हरकत को ट्रैक करना शुरू कर दिया था। तकनीकी निगरानी और इंसानी जासूसी (HUMINT) के जरिए मोसाद ने ईरान के सबसे सुरक्षित नेटवर्क में सेंध लगा दी थी। इसी सटीक खुफिया जानकारी के आधार पर अमेरिकी और इजराइली लड़ाकू विमानों ने अपने लक्ष्यों पर अचूक निशाना साधा और इस वैश्विक स्तर के मिशन को अंजाम दिया।
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