UP News: सपा में मचेगी भारी टूट? ओपी राजभर के आरोपों से गरमाई यूपी की सियासत, जानें पूरा सच

यूपी की राजनीति में मंत्री ओपी राजभर ने अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है। राजभर ने अखिलेश पर जमीन निवेश में घोटाले का आरोप लगाते हुए आईएएस भरत यादव और सैफई परिवार के रिश्तों पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने मांग की है कि एमपी के जमीन विवाद की जांच हो, ताकि सफेदपोश निवेशकों का सच सामने आ सके।

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Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

जून 24, 2026

UP News: उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर जुबानी जंग अपने चरम पर है। सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के प्रमुख और योगी सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। ओपी राजभर ने अखिलेश यादव द्वारा मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव का बचाव किए जाने पर तीखे सवाल उठाए हैं। ओपाी राजभर ने सपा प्रमुख की इस टिप्पणी को उनकी ‘राजनीतिक घबराहट’ और ‘बौखलाहट’ करार देते हुए कई गंभीर आरोप जड़े हैं। उन्होंने सीधे तौर पर अखिलेश यादव से पूछा है कि मोहन यादव के मामले में वे इतना शोर क्यों मचा रहे हैं और आखिर वे क्या छिपाने की कोशिश कर रहे हैं?

आईएएस भरत यादव के बहाने सैफई परिवार पर निशाना

बताते चले कि, ओम प्रकाश राजभर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक विस्तृत पोस्ट के जरिए अखिलेश यादव को कटघरे में खड़ा किया है। ओपी राजभर ने दावा किया कि एमपी कैडर के आईएएस अधिकारी भरत यादव, जो राज्य सड़क विकास निगम के चेयरमैन हैं, उनके माध्यम से सपा मुखिया का गहरा रिश्ता है। ओपी राजभर ने आरोप लगाया कि भरत यादव, सपा के पूर्व कोषाध्यक्ष और कद्दावर नेता चंद्रपाल यादव के दामाद हैं। मंत्री ने तंज कसते हुए कहा कि अखिलेश यादव शायद यह रिश्ता दुनिया से छिपाना चाहते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मध्य प्रदेश में हाईवे का मार्ग तय करने वाले भरत यादव के माध्यम से अखिलेश और उनके सहयोगियों ने वहां की जमीनों में भारी निवेश किया है।

अखिलेश की तिलमिलाहट पर ओपी राजभर का तंज

मंत्री ओपी राजभर ने अपने हमले को धार देते हुए इसे ‘जमीन खाने’ के मामले से जोड़ दिया। उन्होंने दावा किया कि सैफई परिवार को जमीनों के सौदों का पुराना अनुभव है। ओपी राजभर ने याद दिलाया कि कैसे लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे के दौरान रूट को मनमाने तरीके से मोड़ा गया था, ताकि सैफई परिवार के निजी फायदे के लिए जमीनों के दाम बढ़ सकें। उन्होंने आरोप लगाया कि निजी लाभ के लिए एक्सप्रेसवे की दूरी 30 किलोमीटर बढ़ाई गई थी। राजभर का कहना है कि गोमती रिवर फ्रंट घोटाले की रिपोर्ट सामने आने के बाद से अखिलेश डरे हुए हैं कि कहीं मध्य प्रदेश एक्सप्रेसवे का कथित घोटाला भी सामने न आ जाए, जिससे उनका निवेश डूब जाएगा।

सपा-बीजेपी का सियासी घमासान

उल्लेखनीय है कि विवाद की शुरुआत तब हुई जब अखिलेश यादव ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव के जमीन विवाद को बीजेपी की अंदरूनी साजिश करार दिया था। अखिलेश ने दावा किया था कि बीजेपी मध्य प्रदेश, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्रियों को बदलने की फिराक में है। इस बयान के बाद ओपी राजभर ने जवाबी हमला बोलते हुए जांच एजेंसियों से मांग की है कि वे मध्य प्रदेश में उत्तर प्रदेश के ‘सफेदपोश’ निवेशकों की पहचान करें। इस पूरे घटनाक्रम ने सपा और बीजेपी के बीच जारी बयानबाजी को और तेज कर दिया है, जिससे राज्य की सियासी हवा पूरी तरह गरमा गई है।