Rahul Gandhi Protest: राहुल गांधी के समर्थन में उतरे उमर अब्दुल्ला, बोले- ‘यही तो विपक्ष का काम है’

दिल्ली के संसद मार्ग थाने पर राहुल गांधी के प्रदर्शन को जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला का समर्थन मिला है। उमर ने कहा कि सरकार से सवाल करना और उसे जवाबदेह बनाना विपक्ष का काम है। उन्होंने धार्मिक मुद्दों पर नेताओं को सावधानी बरतने की सलाह दी। कश्मीर में विकास और पर्यावरण के संतुलन पर भी अपनी राय रखी।

Rahul Gandhi Protest

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

अगस्त 21, 2026

Rahul Gandhi Protest: दिल्ली के संसद मार्ग थाने के बाहर राहुल गांधी के प्रदर्शन को लेकर जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की प्रतिक्रिया सामने आई है। उमर अब्दुल्ला ने राहुल गांधी का बचाव करते हुए कहा कि सरकार से सवाल करना और उसे जवाबदेह बनाना विपक्ष की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी वही कर रहे हैं, जिसकी एक विपक्षी नेता से उम्मीद की जाती है।

‘विपक्ष का नेता विरोध नहीं करेगा तो फिर क्या फायदा?’

श्रीनगर में एक कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों से बातचीत में उमर अब्दुल्ला ने राहुल गांधी के प्रदर्शन पर सवाल उठाने वालों को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि अगर विपक्ष का नेता विरोध नहीं करेगा तो फिर उसके विपक्ष में होने का क्या फायदा है।

उमर अब्दुल्ला ने राजनीतिक नेताओं के लिए अलग-अलग मानदंड अपनाए जाने पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि जब जम्मू-कश्मीर में विपक्ष के नेता सरकार से सवाल करते हैं तो उनके सवालों को लेकर कोई आपत्ति नहीं जताई जाती, लेकिन राहुल गांधी के ऐसा करने पर सवाल खड़े किए जाते हैं।

राहुल गांधी के प्रदर्शन को लेकर उमर बोले- ‘यही विपक्ष का काम है’

मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि राहुल गांधी सरकार से सवाल पूछकर और उसे जवाबदेह बनाने की कोशिश कर रहे हैं। उनके मुताबिक, विपक्षी नेता का यही संवैधानिक और राजनीतिक दायित्व है।

उमर ने कहा कि वह चाहते हैं कि राहुल गांधी इसी तरह सरकार से सवाल पूछते रहें, क्योंकि लोकतंत्र में एक मजबूत विपक्ष सरकार की नीतियों और फैसलों पर सवाल उठाता है। उन्होंने कहा कि विपक्ष का काम सिर्फ सरकार की आलोचना करना नहीं, बल्कि जनता से जुड़े मुद्दों को उठाना भी है।

कश्मीर में धर्म को लेकर बयान पर उमर अब्दुल्ला की नसीहत

जम्मू-कश्मीर में अतीत में दबाव के जरिए इस्लाम के प्रसार से जुड़ी विपक्ष के नेता की टिप्पणी पर भी उमर अब्दुल्ला ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने राजनीतिक नेताओं को धार्मिक मामलों पर टिप्पणी करते समय सावधानी बरतने की सलाह दी. उन्होंने कहा कि राजनीतिक नेताओं को धार्मिक विषयों पर जरूरत से ज्यादा टिप्पणी करने से बचना चाहिए। उनके मुताबिक, धर्म से जुड़े मुद्दों पर धार्मिक नेताओं को अपनी बात रखने देना बेहतर है।

‘वह विपक्ष के नेता हैं, धर्म के नेता नहीं’

उमर अब्दुल्ला ने कहा कि राजनीतिक पद और धार्मिक नेतृत्व अलग-अलग भूमिकाएं हैं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि विपक्ष के नेता का काम राजनीतिक मुद्दों पर सरकार से सवाल करना है, जबकि धार्मिक मामलों को धार्मिक नेतृत्व पर छोड़ देना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि संवेदनशील धार्मिक विषयों पर नेताओं को बयान देते समय लोगों की भावनाओं का भी ध्यान रखना चाहिए। उन्होंने राजनीतिक लाभ के लिए धार्मिक भावनाओं का इस्तेमाल करने से बचने की अपील की।

बाबरी मस्जिद और मुसलमानों पर हमलों का भी उमर ने किया जिक्र

उमर अब्दुल्ला ने हिंसा और धार्मिक तनाव का जिक्र करते हुए लोगों की भावनाओं से खिलवाड़ नहीं करने की चेतावनी दी। उन्होंने बाबरी मस्जिद विध्वंस और देश के अलग-अलग हिस्सों में मुसलमानों के खिलाफ हुई हिंसा का उल्लेख करते हुए कहा कि किसी भी तरह का जबरन किया गया काम सामाजिक तनाव को बढ़ाता है।

उन्होंने कहा कि अगर अतीत में किसी समुदाय पर दबाव डालकर कोई काम कराया गया, तो ऐसे ही उदाहरणों को दूसरे मामलों में भी देखा जाना चाहिए। उमर ने राजनीतिक नेताओं से अपील की कि वे धार्मिक और भावनात्मक मुद्दों को राजनीतिक फायदे के लिए इस्तेमाल न करें।

कश्मीर में घटती हरियाली पर उमर अब्दुल्ला का संतुलित विकास पर जोर

कश्मीर में लगातार कम होती हरियाली और बढ़ते निर्माण कार्यों के सवाल पर मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि लोगों को घर बनाने से रोका नहीं जा सकता, लेकिन जमीन के इस्तेमाल को सीमित रखने की कोशिश जरूर की जानी चाहिए।

उमर अब्दुल्ला ने कहा कि एक बार जमीन पर निर्माण हो जाने के बाद उसे दोबारा पहले जैसा बनाना मुश्किल होता है। उन्होंने कहा कि सरकार बिजली और पानी जैसी सुविधाएं दोबारा विकसित कर सकती है, लेकिन जमीन को वापस पाना संभव नहीं है। इसलिए विकास की प्रक्रिया में पर्यावरण संरक्षण को साथ लेकर चलना जरूरी है।

‘घर बनाएं, लेकिन हरियाली बचाने की कोशिश करें’

मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील की कि घर बनाते समय जितना संभव हो, हरियाली और प्राकृतिक क्षेत्रों को बचाया जाए। उन्होंने कहा कि विकास और पर्यावरण संरक्षण एक-दूसरे के विरोधी नहीं हैं, बल्कि दोनों के बीच संतुलन बनाकर आगे बढ़ना जरूरी है।

उनके मुताबिक, कश्मीर की प्राकृतिक खूबसूरती और हरियाली उसकी पहचान का अहम हिस्सा है। ऐसे में विकास परियोजनाओं के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

किश्तवाड़ की घटना पर उमर अब्दुल्ला ने जताई चिंता

किश्तवाड़ की स्थिति और एक गर्भवती स्कूली छात्रा की मौत से जुड़े सवाल पर मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने इसे बेहद दुखद स्थिति बताया। उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि प्रशासन और कानून-व्यवस्था से जुड़े अधिकारी मामले की जांच जल्द पूरी करेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि घटना की गंभीरता को देखते हुए संबंधित अधिकारियों को तेजी से कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि जांच पूरी होने के बाद मामले से जुड़े तथ्यों को सामने लाया जाएगा और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

‘जांच जल्द पूरी हो’, उमर ने प्रशासन से की अपील

उमर अब्दुल्ला ने कहा कि प्रशासन और कानून-व्यवस्था बनाए रखने वाले अधिकारियों को मामले की जांच जल्द से जल्द पूरी करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं में पीड़ित परिवार और आम लोगों को निष्पक्ष कार्रवाई की उम्मीद रहती है।

राहुल गांधी के प्रदर्शन से लेकर धार्मिक बयानों, पर्यावरण संरक्षण और किश्तवाड़ की घटना तक उमर अब्दुल्ला ने अलग-अलग मुद्दों पर अपनी राय रखी। उनके बयानों में एक ओर विपक्ष के अधिकारों का समर्थन दिखा, तो दूसरी ओर धार्मिक मामलों में राजनीतिक हस्तक्षेप और पर्यावरणीय नुकसान को लेकर सावधानी बरतने की अपील भी सामने आई।