Omar Abdullah News: मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की सूझबूझ ने पेश की मिसाल, अब सोशल मीडिया पर तारीफ

श्रीनगर के कश्मीर हाट में 'अपने कारीगर को जानें' कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने राष्ट्रीय ध्वज के रंगों वाले रिबन को काटने से इनकार कर दिया। उन्होंने तिरंगे के सम्मान और प्रोटोकॉल का पालन करते हुए रिबन को खोलने का निर्देश दिया। सीएम की इस संवेदनशीलता और सूझबूझ का वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

अप्रैल 16, 2026

Omar Abdullah News: जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला अपनी संवेदनशीलता और प्रोटोकॉल के प्रति सतर्कता के लिए जाने जाते हैं। बुधवार, 15 अप्रैल को श्रीनगर के कश्मीर हाट में आयोजित एक सरकारी कार्यक्रम के दौरान उन्होंने अपनी इसी सूझबूझ का परिचय दिया। मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय ध्वज के रंगों वाले रिबन को काटने से मना कर दिया, जिसकी अब चारों ओर सराहना हो रही है।

तिरंगे के प्रति दिखाई निष्ठा

बताते चले कि, यह पूरी घटना श्रीनगर के ऐतिहासिक कश्मीर हाट, एग्जीबिशन ग्राउंड में घटित हुई। यहां हस्तशिल्प और स्थानीय कला को बढ़ावा देने के लिए ‘अपने कारीगर को जानें’ (Know Your Artisan) कार्यक्रम का उद्घाटन समारोह आयोजित किया गया था। जैसे ही मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला फीता काटने के लिए आगे बढ़े, उनकी नजर रिबन पर पड़ी। रिबन का रंग तिरंगे (केसरिया, सफेद और हरे) जैसा था। राष्ट्रध्वज के रंगों का अपमान न हो, इसके लिए उन्होंने तुरंत कैंची चलाने से मना कर दिया और राष्ट्रीय प्रतीकों के प्रति गहरी निष्ठा प्रदर्शित की।

आयोजकों को मुख्यमंत्री के कड़े निर्देश

उद्घाटन स्थल पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों और आयोजकों को मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने रिबन को बीच से काटकर दो टुकड़ों में करने के बजाय, उसे एक तरफ से खोलने (Unfasten) को कहा। उनके इस आदेश के बाद बिना किसी अपमानजनक कृत्य के कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन किया गया। इस दौरान मुख्यमंत्री के साथ उपमुख्यमंत्री सुरिंदर कुमार चौधरी और सलाहकार नासिर असलम वानी भी मौजूद थे, जिन्होंने सीएम के इस विवेकपूर्ण निर्णय का समर्थन किया।

संवेदनशील और सतर्क जननेता की छवि

उमर अब्दुल्ला को राजनीतिक हलकों में हमेशा से एक मर्यादित और अनुशासित नेता के रूप में देखा जाता है। राष्ट्रगान, ध्वज संहिता और प्रोटोकॉल के पालन को लेकर वे हमेशा गंभीर रहे हैं। इस घटना ने एक बार फिर सिद्ध किया कि वे केवल औपचारिकता के लिए नहीं, बल्कि भावनात्मक रूप से राष्ट्रीय प्रतीकों का सम्मान करते हैं। विरोधियों के खिलाफ भी संयमित भाषा का उपयोग करने वाले उमर की यह सतर्कता सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा का विषय बन गई है।

पिता और पुत्र की राजनीतिक शैली में अंतर

इस घटना ने अब्दुल्ला परिवार की राजनीति के दो अलग पहलुओं को उजागर किया है। जहां उमर अब्दुल्ला अपनी रणनीतिक संयम और शांत स्वभाव के लिए प्रसिद्ध हैं, वहीं उनके पिता डॉ. फारूक अब्दुल्ला अपने मुखर और आक्रामक अंदाज के लिए जाने जाते हैं। हालांकि, शैली अलग होने के बावजूद दोनों नेताओं ने हमेशा अंतरराष्ट्रीय मंचों पर देश के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया है। उमर का यह कदम उनकी देशभक्ति और धर्मनिरपेक्ष विचारधारा के प्रति उनके दृढ़ विश्वास को दर्शाता है।

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो

आपको बता दे कि,घटना का वीडियो इंटरनेट पर वायरल होने के बाद जनता के बीच राष्ट्रीय ध्वज संहिता (Flag Code of India) को लेकर चर्चा तेज हो गई है। मुख्यमंत्री के इस कदम को ‘प्रोटोकॉल की मास्टरक्लास’ कहा जा रहा है। प्रशासनिक अधिकारियों का मानना है कि इस तरह के छोटे लेकिन महत्वपूर्ण फैसले राष्ट्रीय एकता और सम्मान को मजबूती प्रदान करते हैं। फिलहाल, पूरा जम्मू-कश्मीर प्रशासन सीएम की इस त्वरित और सटीक प्रतिक्रिया की सराहना कर रहा है।