US Iran War: पश्चिम एशिया (Mid-East) में जारी भीषण सैन्य संघर्ष के बीच आए युद्धविराम के प्रस्ताव पर जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। जहां एक ओर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस समझौते को ‘विश्व शांति के लिए बड़ा दिन’ बता रहे हैं, वहीं उमर अब्दुल्ला ने इस पूरे युद्ध की सार्थकता पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं। उन्होंने विशेष रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को फिर से खोलने के मुद्दे पर अमेरिका की घेराबंदी की है।
उमर अब्दुल्ला की निराशा पर सवाल
बताते चले कि, सीएम उमर अब्दुल्ला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर अपनी निराशा जाहिर करते हुए लिखा कि, जिस होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने की बात की जा रही है वह युद्ध शुरु होने से पहले सभी के लिए उपलब्ध था. उन्होंने अमेरिका से कड़े सवाल पूछते हुए कहा कि, आखिर इस 39 दिनों के विनाशकारी युद्ध से अमेरिका को क्या हासिल हुआ ?उमर अबदुल्ला का तर्क है कि, जिस स्थिति को बहाल करने के लिए हज़ारों जानें जोखिम में डाली गईं, वह स्थिति संघर्ष से पूर्व भी मौजूद थी, जिससे इस सैन्य अभियान के औचित्य पर सवाल उठते हैं.
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का सीजफायर प्रस्ताव
वहीं, इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर जारी बमबारी और हमलों के अभियान को अस्थायी रुप से रोकने की घोषणा की. ट्रंप ने दोनों पक्षों की ओर से दो सप्ताह के लिए संघर्ष विराम (Ceasefire) का प्रस्ताव रखा है। राष्ट्रपति ने संकेत दिया कि ईरान द्वारा प्रस्तुत 10-सूत्रीय शांति रूपरेखा पर विचार किया जा सकता है। ट्रंप ने इसे कूटनीतिक जीत बताते हुए कहा कि ईरान अब पुनर्निर्माण की प्रक्रिया शुरू कर सकता है और अमेरिका इसमें हर तरह की आवश्यक सामग्री की आपूर्ति सुनिश्चित करेगा।
ईरान का 10-सूत्रीय समझौता प्रस्ताव
ईरान ने इस समस्या के दीर्घकालिक समाधान के लिए जो 10-सूत्रीय खाका पेश किया है, उसमें अपनी संप्रभुता को लेकर कड़ा रुख अपनाया गया है। तेहरान की मुख्य मांगों में से एक है कि अमेरिका “आक्रमण न करने” की पक्की गारंटी दे और हॉर्मुज़ जलमार्ग पर ईरान का नियंत्रण स्वीकार करे। ईरान का यह अडिग रुख स्पष्ट करता है कि वह इस अहम रणनीतिक मार्ग पर अपनी पकड़ ढीली नहीं करना चाहता। ट्रंप ने ‘ट्रुथ सोशल’ पर पोस्ट कर स्वीकार किया कि यह प्रस्ताव भविष्य की बातचीत का ठोस आधार बन सकता है।
वैश्विक ऊर्जा बाजार में स्थिरता
अमेरिकी राष्ट्रपति ने इस घटनाक्रम को ‘विश्व शांति’ के साथ-साथ आर्थिक समृद्धि से भी जोड़ा है। उन्होंने कहा कि अमेरिका होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों के यातायात को सुचारू बनाने में मदद करेगा, जिससे बहुत सारा पैसा कमाया जाएगा। ट्रंप ने यहाँ तक दावा किया कि यह मध्य पूर्व का ‘स्वर्ण युग’ साबित हो सकता है। ज्ञात हो कि होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक तेल शिपमेंट के लिए दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है और यहाँ तनाव बढ़ने से वैश्विक ऊर्जा बाजारों और आर्थिक स्थिरता पर बड़ा खतरा मंडरा रहा था।










