West Bengal Election 2026 : जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने पश्चिम बंगाल के हालिया घटनाक्रमों पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए इसे एक बड़ी लोकतांत्रिक विफलता करार दिया है। अब्दुल्ला ने सीधे तौर पर आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में चुनावी प्रक्रिया के दौरान एक बहुत बड़ी गलती की गई है, जिससे कोई भी इनकार नहीं कर सकता। उनके अनुसार, बड़ी संख्या में वास्तविक मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए गए, जिससे वे अपने मताधिकार का प्रयोग करने से वंचित रह गए।
मुख्यमंत्री ने अदालत के रुख पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि चुनावों के बाद सुनवाई करने का कोई औचित्य नहीं रह जाता। जब लोग वोट ही नहीं डाल पाए, तो बाद में न्याय मिलने का क्या लाभ? उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि अगर भाजपा इसी तरह जीतना चाहती थी, तो वह सफल रही, लेकिन अब देखना होगा कि देश के बाकी हिस्सों में जनता का क्या रुख रहता है।
मदरसा सीलिंग विवाद: “मैं किसी के डिक्टेशन पर काम नहीं करता”
शोपियां में एक मदरसा सील किए जाने के मुद्दे पर पीडीपी (PDP) द्वारा लगाए गए चुप्पी के आरोपों का उमर अब्दुल्ला ने डटकर मुकाबला किया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वह अपनी कार्यशैली किसी दूसरी राजनीतिक पार्टी के दबाव में तय नहीं करते। मुख्यमंत्री ने कहा, “मैं न खामोश हूँ और न ही मेरी सरकार चुप है। मुझे कब और क्या बोलना है, यह मैं खुद तय करता हूँ।” उन्होंने आगे स्पष्ट किया कि जहां भी जनता से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दे आते हैं, वहां सरकार या पार्टी संगठन (नेशनल कॉन्फ्रेंस) की ओर से उचित प्रतिक्रिया दी जाती है। उनका यह बयान पीडीपी के उन दावों का जवाब था जिसमें उमर सरकार पर संवेदनशील धार्मिक और सामाजिक मुद्दों पर मौन रहने का आरोप लगाया गया था।
विधायकों की बगावत की अटकलों को बताया सिरे से खारिज
नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) के विधायकों के पार्टी छोड़ने और भाजपा में शामिल होने की चल रही चर्चाओं पर उमर अब्दुल्ला ने स्थिति स्पष्ट की। इन खबरों को बेबुनियाद बताते हुए उन्होंने कहा कि अगर उनके विधायक पार्टी छोड़ने की तैयारी में होते, तो वे निश्चिंत होकर सार्वजनिक कार्यक्रमों में शामिल नहीं हो रहे होते। उन्होंने उन लोगों पर पलटवार किया जो ऐसी अफवाहें फैला रहे हैं। उमर ने कहा कि आरटीआई (RTI) से यह साबित हो चुका है कि किसने राज्यसभा चुनाव में भाजपा की मदद की थी। उन्होंने अपनी पार्टी की एकजुटता पर भरोसा जताते हुए कहा कि नेशनल कॉन्फ्रेंस में ऐसा कोई भी विधायक नहीं है जो संगठन को धोखा देकर भाजपा की राह पकड़े।
कैबिनेट विस्तार और फेरबदल पर मुख्यमंत्री की रहस्यमयी मुस्कान
प्रशासनिक गलियारों में चर्चा का विषय बने कैबिनेट फेरबदल के सवाल पर उमर अब्दुल्ला ने काफी हल्का-फुल्का लेकिन सटीक अंदाज अपनाया। जब मीडिया कर्मियों ने उनसे पूछा कि क्या आने वाले दिनों में जम्मू-कश्मीर मंत्रिमंडल में कोई बड़ा बदलाव या विस्तार होने जा रहा है, तो मुख्यमंत्री ने केवल मुस्कुराकर जवाब दिया। उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा, “आप लोगों को इसकी इतनी फिक्र क्यों हो रही है?” उन्होंने आगे जोड़ा कि सरकार में फेरबदल एक प्रशासनिक प्रक्रिया है और जब भी इसकी आवश्यकता महसूस होगी या सही समय आएगा, तब इसे उचित तरीके से कर लिया जाएगा। फिलहाल, उनका ध्यान राज्य की स्थिरता और विकास कार्यों पर केंद्रित है।
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