Stock Market News: टू-व्हीलर इलेक्ट्रिक वाहन बनाने वाली कंपनी Ola Electric Mobility के शेयरों में पिछले कुछ महीनों से जबरदस्त गिरावट देखी जा रही है। कंपनी का शेयर अपने उच्चतम स्तर 157.40 रुपये से लुढ़ककर करीब 25 रुपये तक पहुंच गया है। इस तरह इसमें लगभग 84 प्रतिशत की भारी गिरावट दर्ज की गई है। साल 2024 में आईपीओ लाने के बाद कंपनी ने 76 रुपये के इश्यू प्राइस पर शेयर बाजार में एंट्री की थी। लिस्टिंग के बाद शेयर ने तेजी पकड़ते हुए ऑल-टाइम हाई को छुआ, लेकिन इसके बाद गिरावट का सिलसिला लगातार जारी रहा। मौजूदा स्थिति यह है कि शेयर अपने इश्यू प्राइस से भी करीब 70 प्रतिशत नीचे कारोबार कर रहा है।
इस तेज गिरावट के चलते निवेशकों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। अनुमान है कि कंपनी में निवेश करने वालों की करीब 57,000 करोड़ रुपये की पूंजी डूब चुकी है। शेयर में सुधार की उम्मीद के बजाय लगातार कमजोरी देखने को मिल रही है।
बाजार हिस्सेदारी में तेज गिरावट
कंपनी के शेयरों में आई इस बड़ी गिरावट के पीछे कई कारण बताए जा रहे हैं। सबसे अहम वजह इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर सेगमेंट में घटती बाजार हिस्सेदारी है। वर्ष 2024 के अंत तक जहां कंपनी की हिस्सेदारी करीब 35 प्रतिशत थी, वहीं अब यह घटकर 6 प्रतिशत से भी नीचे आ गई है। हालिया आंकड़ों के अनुसार यह करीब 4.2 प्रतिशत के आसपास रह गई है। बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ने और अन्य कंपनियों के मजबूत प्रदर्शन से कंपनी की पकड़ कमजोर हुई है। इससे निवेशकों का भरोसा भी प्रभावित हुआ है।
ग्राहकों की शिकायतों का असर

कंपनी की इलेक्ट्रिक स्कूटर और अन्य वाहनों को लेकर ग्राहकों की ओर से लगातार शिकायतें सामने आती रही हैं। आफ्टर सेल्स सर्विस, सर्विस सेंटर की उपलब्धता और वाहन की गुणवत्ता जैसे मुद्दों पर सवाल उठे हैं। इन समस्याओं के कारण ब्रांड की छवि को नुकसान पहुंचा है। इसी दौरान कंपनी को दिग्गज वाहन निर्माताओं से कड़ी प्रतिस्पर्धा मिल रही है। Bajaj Auto, Hero MotoCorp और TVS Motor Company जैसी कंपनियां इलेक्ट्रिक सेगमेंट में तेजी से अपनी मौजूदगी बढ़ा रही हैं। इससे बाजार में मुकाबला और कठिन हो गया है।
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रिटेल नेटवर्क में कटौती
कंपनी ने अपने रिटेल स्टोर्स की संख्या में भी बड़ी कटौती का फैसला किया है। पहले जहां देशभर में करीब 4,000 स्टोर्स थे, अब इन्हें घटाकर लगभग 550 तक सीमित करने की योजना है। विस्तार की बजाय इस तरह का सिमटना निवेशकों के लिए चिंता का विषय बन गया है। इससे यह संकेत जाता है कि कंपनी अपने खर्चों को नियंत्रित करने के लिए आक्रामक कदम उठा रही है।
ब्रोकरेज हाउस का बदला रुख
इन सभी परिस्थितियों को देखते हुए कई ब्रोकरेज कंपनियों ने भी अपने रुख में बदलाव किया है। सिटी, कोटक सिक्योरिटीज और एमके ग्लोबल जैसी संस्थाओं ने शेयर को ‘Sell’ की रेटिंग दी है। सिटी ने लक्ष्य मूल्य घटाकर 27 रुपये कर दिया है, जबकि एमके ग्लोबल ने 20 रुपये का टारगेट तय किया है। कुल मिलाकर, कंपनी के सामने इस समय बाजार हिस्सेदारी, ब्रांड छवि और निवेशकों के विश्वास को दोबारा मजबूत करने की बड़ी चुनौती है। आने वाले समय में कंपनी के प्रदर्शन पर निवेशकों की नजर बनी रहेगी।
Disclaimer: यह लेख केवल सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य से तैयार किया गया है। इसमें दी गई जानकारी विभिन्न सार्वजनिक स्रोतों, बाजार आंकड़ों और विश्लेषणों पर आधारित है। यह किसी भी प्रकार की निवेश सलाह (Investment Advice), वित्तीय परामर्श या खरीद-बिक्री की सिफारिश नहीं है।









