OECD Report 2026: आर्थिक सहयोग और विकास संगठन (ओईसीडी) ने भारत की जीडीपी वृद्धि दर 2025-26 के लिए 7.6%, 2026-27 के लिए 6.1% और 2027-28 के लिए 6.4% आंकी है इससे देश विश्व की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बना रहेगा।ओईसीडी की अंतरिम आर्थिक आउटलुक रिपोर्ट में कहा गया है कि,पश्चिम एशिया में चल रहा संघर्ष वैश्विक अर्थव्यवस्था की मजबूती की परीक्षा ले रहा है।
दुनिया की अर्थव्यवस्था पर OECD की चेतावनी
ईरान-इजराइल और अमेरिका के बीच चल रही जंग का असर अब धीरे-धीरे विभिन्न देशों की अर्थव्यवस्था पर भी दिखने लगा है।होर्मुज जलडमरूमध्य से माल ढुलाई रुकने और कुछ ऊर्जा अवसंरचनाओं के बंद होने या क्षतिग्रस्त होने से ऊर्जा की कीमतों में उछाल आया है। इससे ऊर्जा तथा उर्वरक जैसी अन्य महत्वपूर्ण वस्तुओं की वैश्विक आपूर्ति भी बाधित हुई है। इससे लागत बढ़ रही है और मांग पर दबाव पड़ रहा है साथ ही मुद्रास्फीति का दबाव भी बढ़ रहा है।
2026 में घट रही चीन की विकास दर
रिपोर्ट में कहा गया है कि,चीन की विकास दर 2025 में 5.0% से घटकर 2026 में 4.4% और 2027 में 4.3% रहने का अनुमान है।इसका कारण उपभोक्ताओं के लिए सरकारी सब्सिडी का समाप्त होना,ऊर्जा आयात की कीमतों में वृद्धि,रियल एस्टेट क्षेत्र में जारी समायोजन और आर्थिक मंदी-विरोधी उपायों से निवेश वृद्धि का कमजोर होना है।
2026 में कंट्रोल से बाहर रहेगी महंगाई-ओईसीडी
दुनियाभर की इकोनॉमी पर नजर रखने वाली संस्था OECD ने अपने ताजा अनुमानों में साफ कहा है कि,2026 में महंगाई पूरी तरह कंट्रोल में नहीं आएगी खास बात यह है….यूरोप में ब्याज दरें बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं।ओईसीडी का अनुमान है कि,दूसरे क्वार्टर में यूरोपियन सेंट्रल बैंक ब्याज दरों में हल्की बढ़ोतरी कर सकता है इसका मतलब है लोन महंगे हो सकते हैं और खर्च करने की ताकत पर असर पड़ेगा।
पश्चिम एशिया में संघर्ष का दुनिया पर असर
वैश्विक जीडीपी वृद्धि 2026 में लगभग 2.9% पर स्थिर रहने का अनुमान है।इससे मजबूत प्रौद्योगिकी-संबंधित निवेश और धीरे-धीरे कम होती प्रभावी टैरिफ दरों के कारण 2027 में बढ़कर 3% हो जाएगी।हालांकि,पश्चिम एशिया में चल रहा संघर्ष विकास पर दबाव डाल रहा है और वैश्विक मांग को लेकर काफी अनिश्चितता पैदा कर रहा है।रिपोर्ट में कहा गया है कि,ये अनुमान इस धारणा पर आधारित हैं कि ऊर्जा बाजार में मौजूदा व्यवधान अस्थायी है और 2026 के मध्य से कीमतों में कमी आएगी।









