Congress MLAs Expelled: ओडिशा राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग पर कांग्रेस का बड़ा एक्शन, सोफिया फिरदौस समेत तीन विधायक पार्टी से निष्कासित

ओडिशा राज्यसभा चुनाव 2026 के नतीजों ने कांग्रेस खेमे में आग लगा दी है। पार्टी के साझा उम्मीदवार की हार और बीजेपी समर्थित दिलीप राय की जीत के बाद, कांग्रेस ने अपनी ही पार्टी के तीन कद्दावर विधायकों को बाहर का रास्ता दिखा दिया है। आखिर इन विधायकों ने क्यों बगावत की? जानिए पूरी कहानी।

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

मार्च 17, 2026

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Congress MLAs Expelled: ओडिशा की राजनीति में उस वक्त हड़कंप मच गया जब प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने अनुशासनहीनता के खिलाफ एक बड़ा कदम उठाते हुए अपने तीन मौजूदा विधायकों को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया। राज्यसभा चुनाव के दौरान पार्टी व्हिप का उल्लंघन और विपक्षी उम्मीदवार के पक्ष में ‘क्रॉस वोटिंग’ करने के गंभीर आरोपों के चलते यह कड़ी कार्रवाई की गई है। कांग्रेस के इस फैसले ने स्पष्ट कर दिया है कि भविष्य में किसी भी प्रकार की गुटबाजी या भीतरघात को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

किन विधायकों पर गिरी गाज? निष्कासन की पूरी लिस्ट

ओडिशा प्रदेश कांग्रेस कमेटी (OPCC) द्वारा जारी आदेश के अनुसार, जिन तीन विधायकों को प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित किया गया है, उनमें रमेश जेना, दशरथी गमांग और सोफिया फिरदौस के नाम शामिल हैं। इन तीनों ही नेताओं पर आरोप है कि उन्होंने चुनाव के दौरान कांग्रेस और बीजेडी के संयुक्त गठबंधन की नीतियों के विपरीत जाकर मतदान किया। चुनाव के ठीक बाद आए इस फैसले ने राज्य के राजनीतिक गलियारों में खलबली मचा दी है और पार्टी के भीतर अन्य असंतुष्ट खेमों के लिए भी एक कड़ा संदेश भेजा है।

ओडिशा राज्यसभा चुनाव का गणित और ‘खेला’

सोमवार को राज्यसभा की सीटों के लिए हुई गिनती के दौरान यह साफ हो गया कि ओडिशा में विपक्ष के साथ बड़ा ‘खेला’ हो गया है। राज्य की कुल 4 राज्यसभा सीटों पर मतदान हुआ था, जिसमें संख्या बल के आधार पर समीकरण कुछ और थे, लेकिन वोटिंग के दिन पासा पलट गया। जानकारी के मुताबिक, न केवल कांग्रेस के 3 विधायक, बल्कि बीजू जनता दल (BJD) के भी 8 विधायकों ने अपनी पार्टी की लाइन से हटकर मतदान किया। इन सभी 11 विधायकों ने भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार दिलीप राय के पक्ष में वोट डाला, जिससे चुनावी नतीजे पूरी तरह बदल गए।

बीजेपी की बड़ी जीत और नवीन पटनायक को लगा झटका

इस क्रॉस वोटिंग का सीधा फायदा भारतीय जनता पार्टी को मिला। सदन के समीकरणों के बावजूद, बीजेपी ने 4 में से 3 सीटों पर अपनी जीत पक्की कर ली है। बीजेडी और कांग्रेस के संयुक्त उम्मीदवार डॉ. दत्तेश्वर मैदान में थे और बीजेडी प्रमुख नवीन पटनायक को इस बात की भनक तक नहीं थी कि उनके अपने विधायक इस तरह बगावत कर देंगे। मतदान संपन्न होने के बाद कई विधायकों ने सार्वजनिक रूप से यह स्वीकार किया कि उन्होंने अपनी अंतरात्मा की आवाज पर या अन्य कारणों से क्रॉस वोटिंग की है, जिसने पटनायक की रणनीतियों को धराशायी कर दिया।

अनुशासन बनाए रखने के लिए कांग्रेस की कड़ी घेराबंदी

ओडिशा प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने अपने बयान में कहा है कि पार्टी की गरिमा और अनुशासन को बनाए रखना सर्वोपरि है। विधायकों का यह कृत्य न केवल पार्टी के साथ विश्वासघात था, बल्कि उन मतदाताओं का भी अपमान था जिन्होंने उन्हें कांग्रेस के चुनाव चिह्न पर जिताया था। पीसीसी नेतृत्व ने स्पष्ट किया कि लोकतंत्र में पार्टी के सिद्धांतों से ऊपर कुछ भी नहीं है। फिलहाल बीजेडी के उन 8 विधायकों पर कोई आधिकारिक अपडेट नहीं आया है जिन्होंने क्रॉस वोटिंग की थी, लेकिन कांग्रेस की इस त्वरित कार्रवाई ने नवीन पटनायक की पार्टी पर भी नैतिक दबाव बना दिया है।

ओडिशा की राजनीति में मची भारी उथल-पुथल

इन तीन विधायकों के निष्कासन के बाद ओडिशा की सियासत अब एक नए मोड़ पर खड़ी है। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में ये निष्कासित विधायक आधिकारिक तौर पर पाला बदल सकते हैं। वहीं, कांग्रेस और बीजेडी के भीतर मची इस रार का सीधा फायदा बीजेपी को मिलता दिख रहा है। अन्य दल भी इस पूरी स्थिति पर पैनी नजर रखे हुए हैं क्योंकि इससे विधानसभा के भीतर के समीकरण भी प्रभावित हो सकते हैं।

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