Odisha Rajya Sabha: ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में राज्यसभा चुनाव के दौरान एक बड़ा राजनीतिक उलटफेर देखने को मिला है। बीजू जनता दल (BJD) और कांग्रेस के खेमे में जबरदस्त बगावत की खबरें सामने आई हैं, जिसने राज्य की सियासत में हलचल पैदा कर दी है। ओटीवी न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, लगभग 10 विपक्षी विधायकों ने पार्टी लाइन से हटकर ‘क्रॉस वोटिंग’ की है। इस बगावत ने नवीन पटनायक के नेतृत्व वाली बीजेडी और विपक्षी कांग्रेस के रणनीतिकारों को सकते में डाल दिया है। बताया जा रहा है कि इन विधायकों ने बीजेपी समर्थित उम्मीदवार और दिग्गज व्यवसायी दिलीप राय के पक्ष में मतदान किया है।
बगावत की लिस्ट: कांग्रेस और बीजेडी के किन दिग्गजों ने बदला पाला?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, क्रॉस वोटिंग करने वालों में कांग्रेस के तीन प्रमुख चेहरे—दशरथी गोमांगो, सोफिया फिरदौस और रमेश चंद्र जेना शामिल हैं। वहीं, बीजू जनता दल को सबसे बड़ा झटका लगा है, जहाँ चक्रामणि कन्हार, देवी रंजन त्रिपाठी, सुभाषिनी जेना, सौविक बिस्वाल और नबा मुल्लिक जैसे विधायकों ने बागी रुख अपनाया। इसके अलावा, बीजेडी के निलंबित विधायक नबा किशोर मल्लिक, सनातन महाकुड और अरबिंद महापात्र ने भी संयुक्त गठबंधन के उम्मीदवार के बजाय दिलीप राय का समर्थन किया। इन विधायकों का एक साथ पाला बदलना ओडिशा की राजनीति में सत्ता के नए समीकरणों की ओर इशारा कर रहा है।
अंतरात्मा की आवाज और ‘अनैतिक गठबंधन’ पर उठे गंभीर सवाल
बगावत करने वाले विधायकों ने अपने फैसले के पीछे ‘अंतरात्मा की आवाज’ और ‘बीजू बाबू की विरासत’ का हवाला दिया है। बीजेडी विधायक देवी त्रिपाठी ने खुलकर स्वीकार किया कि उन्होंने दिलीप राय को वोट दिया है। त्रिपाठी ने बीजेडी और कांग्रेस के बीच हुए कथित गुप्त समझौते को ‘अनैतिक गठबंधन’ करार देते हुए कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने सवाल उठाया कि उन्हें ऐसे उम्मीदवार का समर्थन करने के लिए क्यों मजबूर किया गया जो उनके सिद्धांतों के खिलाफ था। इसी तरह सौविक बिस्वाल ने भी तीखे तेवर दिखाते हुए कहा कि उन्होंने उसे चुना जिसे ‘बीजू बाबू का आशीर्वाद’ प्राप्त है।
नवीन पटनायक का कड़ा रुख: चुनाव नियमों के उल्लंघन का लगाया आरोप
इस पूरे घटनाक्रम पर बीजू जनता दल के प्रमुख नवीन पटनायक ने गहरी नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने मतदान प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाते हुए चुनाव आयोग के अधिकारियों की आलोचना की। पटनायक का दावा है कि ब्रह्मगिरि विधानसभा क्षेत्र की एक विधायक ने मतदान के दौरान गलती की थी, जिसे सुधारने के लिए नियम विरुद्ध तरीके से उन्हें दूसरा बैलेट पेपर जारी किया गया। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक मर्यादाओं और चुनावी नियमों का खुला उल्लंघन बताया है। पटनायक ने मांग की है कि मतदान अधिकारी की इस ‘अवैध’ कार्रवाई की गंभीरता से जांच होनी चाहिए।
बीजू बाबू की विरासत बनाम गठबंधन की राजनीति: भविष्य की राह
ओडिशा में हुई यह क्रॉस वोटिंग केवल एक चुनाव तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनावों से पहले एक बड़े ध्रुवीकरण का संकेत है। बागी विधायकों का कहना है कि वे बीजू पटनायक के आदर्शों से समझौता नहीं करेंगे, चाहे इसके लिए उन्हें पार्टी से बाहर ही क्यों न कर दिया जाए। सौविक बिस्वाल ने तो यहाँ तक पूछ लिया कि जब उनके पिता को निकाला गया था, तो अब उन पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही? स्पष्ट है कि ओडिशा की राजनीति में अब नवीन पटनायक के ‘एकछत्र राज’ को उनके अपने ही विधायकों की असहमति से बड़ी चुनौती मिल रही है।
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