Odisha Flood News: भारी बारिश से बाढ़ जैसे हालात, कई इलाकों का संपर्क टूटा

ओडिशा में लगातार भारी बारिश के बाद कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। जलभराव और उफनती नदियों के कारण कई जगहों पर आवागमन प्रभावित हुआ और संपर्क टूट गया। प्रशासन की चुनौतियां बढ़ गई हैं। आखिर किन इलाकों में स्थिति सबसे ज्यादा गंभीर है और बारिश का असर कितना बढ़ सकता है, जानिए।

Odisha Flood News

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

अगस्त 17, 2026

Odisha Flood News:  ओडिशा के कई हिस्सों में लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। मयूरभंज जिले के सुलियापदा ब्लॉक में बारिश के कारण झलियामारा इलाके में कोस्था-देउली मुख्य सड़क का एक हिस्सा पानी में बह गया। सड़क क्षतिग्रस्त होने से करीब 15 ग्राम पंचायतों का संपर्क प्रभावित हो गया है। प्रशासन की ओर से राहत और बचाव कार्य तेज कर दिए गए हैं।

करीब 300 राहत शिविरों में पहुंचाए गए लोग

राज्य में बिगड़ते हालात के बीच प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, तटीय क्षेत्रों और विभिन्न स्कूलों में करीब 300 राहत शिविर बनाए गए हैं। इन शिविरों में बाढ़ और जलभराव से प्रभावित लोगों को रखा गया है। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी भी सोमवार को सबसे ज्यादा प्रभावित भद्रक और जाजपुर जिलों का दौरा कर स्थिति का जायजा ले सकते हैं।

18 अगस्त तक बारिश का अलर्ट

भारत मौसम विज्ञान विभाग यानी IMD ने ओडिशा में 18 अगस्त तक बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान जताया है। बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र अवदाब में बदलने के बाद राज्य के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ गई हैं। पिछले 24 घंटों के दौरान भी कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की गई। सोमवार सुबह 5:30 बजे तक बालासोर शहर में 93.1 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई।

तीन जिलों में रेड अलर्ट जारी

मौसम विभाग ने बालासोर, क्योंझर और मयूरभंज में अत्यंत भारी बारिश की आशंका को देखते हुए रेड अलर्ट जारी किया है। वहीं भद्रक, जाजपुर, केंद्रापाड़ा, जगतसिंहपुर, कटक, सुंदरगढ़, झारसुगुड़ा, संबलपुर, देवगढ़, अंगुल और ढेंकनाल में ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है। इन जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है। बरगढ़, सोनपुर, बौध, पुरी, खुर्दा और नयागढ़ में येलो अलर्ट जारी किया गया है।

उत्तर ओडिशा में करीब 100 बचाव दल तैनात

राज्य की मुख्य सचिव अनु गर्ग ने बताया कि उत्तर ओडिशा के संवेदनशील इलाकों में लगभग 100 बचाव दल तैनात किए गए हैं। जल संसाधन विभाग के वरिष्ठ इंजीनियरों को प्रभावित क्षेत्रों में भेजा गया है। उन्हें तटबंधों की निगरानी और सुरक्षा सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी गई है। इसके अलावा भद्रक, जाजपुर और बालासोर जिलों में राहत एवं बचाव अभियान की निगरानी के लिए तीन वरिष्ठ अधिकारियों को तैनात किया गया है।

कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द, स्कूल बंद

बाढ़ और भारी बारिश की स्थिति को देखते हुए ओडिशा सरकार ने कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी हैं। प्रशासन ने राहत और बचाव कार्यों में किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए अधिकारियों और कर्मचारियों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं। खराब मौसम को देखते हुए सोमवार को कई इलाकों में स्कूल और अन्य शैक्षणिक संस्थान बंद रखे गए।

मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की सलाह

मौसम विभाग ने समुद्री इलाकों में भी सावधानी बरतने की सलाह दी है। मछुआरों को 18 अगस्त तक उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी के साथ ओडिशा, पश्चिम बंगाल, बांग्लादेश और उत्तर आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों में समुद्र में नहीं जाने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने लोगों से मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने की अपील की है।

दीवार गिरने से महिला और पोते की मौत

बालासोर जिले में भारी बारिश के बीच दीवार गिरने से दर्दनाक हादसा हुआ। जलेश्वर प्रखंड के कपासुड़ा गांव में रविवार रात पड़ोसी के मकान की दीवार गिरकर जेना परिवार के घर की छत पर जा गिरी। हादसे के समय 65 वर्षीय राधिका जेना और उनके 18 वर्षीय पोते ज्योति प्रकाश स्वैन सो रहे थे। दोनों की मलबे में दबने से मौत हो गई, जबकि उनकी पोती स्मृतिरेखा स्वैन गंभीर रूप से घायल हुई। उसका इलाज जारी है।

रेलवे ट्रैक के नीचे की मिट्टी बही

मयूरभंज जिले में भारी बारिश और भूस्खलन का असर रेल सेवाओं पर भी पड़ा है। बारिपदा-बांगिरिपोसी रेल मार्ग पर बारिश के पानी के कारण रेलवे पटरी के नीचे की मिट्टी और कंक्रीट करीब 50 मीटर तक बह गए। यह घटना स्टेशन बाजार क्षेत्र के सुनागड़िया के पास हुई। स्थिति को देखते हुए इस मार्ग पर ट्रेन सेवाएं अस्थायी रूप से रोक दी गई हैं।

रेल मार्ग की बहाली का काम जारी

दक्षिण पूर्व रेलवे के अधिकारियों के अनुसार, बेतनोटी और भंजपुर के बीच केएम 52/2 से 52/3 के बीच एलसी-36 के पास भूस्खलन की जानकारी मिली है। रेलवे की टीमें मौके पर पहुंचकर क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत और रेल मार्ग को जल्द बहाल करने में जुटी हैं। लगातार बारिश के कारण राहत और बहाली कार्यों में भी चुनौतियां सामने आ रही हैं। प्रशासन फिलहाल संवेदनशील इलाकों में हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है।

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