Hockey World Cup: हॉकी वर्ल्ड कप 2026 में भारतीय हॉकी टीम को इंग्लैंड के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा। पूल डी के मुकाबले में इंग्लैंड ने शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत को 4-2 से मात दी। इस हार के साथ ही विश्व कप में इंग्लैंड के खिलाफ भारतीय टीम का लंबे समय से चला आ रहा जीत का इंतजार भी जारी रहा। भारत ने मुकाबले में अच्छी शुरुआत की थी और पहले हाफ तक बढ़त भी बनाए रखी, लेकिन दूसरे हाफ में इंग्लैंड ने जोरदार वापसी करते हुए मैच अपने नाम कर लिया।
पूल डी में भारत की एक जीत, एक हार
हरमनप्रीत सिंह की कप्तानी में खेल रही भारतीय टीम के लिए टूर्नामेंट का यह दूसरा मुकाबला था। पूल डी में भारत ने अब तक दो मैच खेले हैं, जिनमें उसे एक मुकाबले में जीत मिली है, जबकि दूसरे में हार का सामना करना पड़ा। इंग्लैंड के खिलाफ भारतीय खिलाड़ियों ने शुरुआती दो क्वार्टर में आक्रामक हॉकी खेली, लेकिन तीसरे क्वार्टर में टीम की लय बिगड़ गई। इसका फायदा इंग्लैंड ने उठाया और लगातार गोल कर मुकाबले पर पकड़ मजबूत कर ली।
पहले क्वार्टर में इंग्लैंड ने बनाई बढ़त
मुकाबले की शुरुआत में दोनों टीमों के बीच कड़ा संघर्ष देखने को मिला। भारतीय टीम ने गेंद पर नियंत्रण बनाने और इंग्लैंड के डिफेंस पर दबाव डालने की कोशिश की। हालांकि, पहले क्वार्टर के 14वें मिनट में इंग्लैंड को सफलता मिली। बंदुरक निकोलस ने गोल करते हुए अपनी टीम को 1-0 की बढ़त दिला दी। भारतीय डिफेंस ने ज्यादातर समय अच्छा प्रदर्शन किया, लेकिन क्वार्टर के अंतिम हिस्से में हुई चूक का इंग्लैंड ने पूरा फायदा उठाया।
हरमनप्रीत के गोल से भारत ने की वापसी
पहले क्वार्टर में पिछड़ने के बाद भारतीय टीम ने दूसरे क्वार्टर में अपने खेल का स्तर बढ़ाया। कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने शानदार गोल करते हुए भारत को मुकाबले में वापस ला दिया। उनके गोल से स्कोर 1-1 की बराबरी पर पहुंच गया। इस गोल के बाद भारतीय खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बढ़ा और उन्होंने इंग्लैंड पर लगातार दबाव बनाना शुरू किया। टीम के आक्रामक खेल ने इंग्लिश डिफेंस को भी मुश्किल में डाल दिया।
दिलप्रीत ने भारत को दिलाई बढ़त
भारतीय टीम ने दूसरे क्वार्टर में अपना दबदबा बनाए रखा और 25वें मिनट में एक और गोल कर दिया। दिलप्रीत सिंह ने शानदार फिनिश के जरिए भारत को 2-1 की बढ़त दिलाई। इसके बाद भारतीय खिलाड़ियों ने इंग्लैंड के हमलों को रोकने की कोशिश की और पहले हाफ के अंत तक अपनी बढ़त कायम रखी। हाफ टाइम तक भारत मजबूत स्थिति में दिखाई दे रहा था और उम्मीद थी कि टीम दूसरे हाफ में भी अपना प्रदर्शन जारी रखेगी।
तीसरे क्वार्टर में इंग्लैंड की शानदार वापसी
दूसरे हाफ की शुरुआत होते ही इंग्लैंड ने खेल की दिशा बदल दी। इंग्लिश खिलाड़ियों ने भारतीय डिफेंस पर लगातार दबाव बनाया और 38वें मिनट में रशमेयर स्टुअर्ट ने गोल करते हुए स्कोर 2-2 से बराबर कर दिया। इस गोल के बाद भारतीय टीम पर दबाव बढ़ गया। इसके कुछ ही मिनट बाद इंग्लैंड को फिर सफलता मिली। 43वें मिनट में क्रॉफ्ट हेनरी ने गोल दागकर अपनी टीम को 3-2 की बढ़त दिला दी।
तीसरे क्वार्टर में भारत का डिफेंस पड़ा कमजोर
तीसरे क्वार्टर में भारतीय टीम उस लय में नजर नहीं आई, जो उसने पहले हाफ में दिखाई थी। इंग्लैंड ने लगातार हमले किए और भारतीय खिलाड़ियों को अपने डिफेंस में व्यस्त रखा। दो गोल खाने के बाद भारत ने बराबरी की कोशिश की, लेकिन इंग्लिश डिफेंस ने उसके आक्रमण को प्रभावी तरीके से रोक दिया। तीसरे क्वार्टर के अंत तक इंग्लैंड 3-2 की बढ़त के साथ मजबूत स्थिति में पहुंच चुका था।
चौथे क्वार्टर में भारत नहीं कर सका वापसी
अंतिम क्वार्टर में भारतीय टीम ने बराबरी के लिए कई प्रयास किए, लेकिन इंग्लैंड के डिफेंस ने कोई मौका नहीं दिया। भारतीय खिलाड़ी गोल करने के करीब पहुंचे, लेकिन फाइनल टच और फिनिशिंग में कमी दिखाई दी। दूसरी ओर इंग्लैंड ने अपने मौकों का बेहतर इस्तेमाल किया। 55वें मिनट में बंदुरक निकोलस ने अपना दूसरा गोल करते हुए इंग्लैंड की बढ़त को 4-2 कर दिया।
32 साल से जारी है इंग्लैंड के खिलाफ जीत का इंतजार
इंग्लैंड की इस जीत के साथ हॉकी वर्ल्ड कप में भारत के खिलाफ उसका दबदबा कायम रहा। भारतीय टीम ने विश्व कप में आखिरी बार इंग्लैंड को 1994 में हराया था। इसके बाद से दोनों टीमों के बीच विश्व कप मुकाबलों में भारत को जीत का इंतजार है। 2026 वर्ल्ड कप में भी यह इंतजार खत्म नहीं हो सका। अब भारतीय टीम की नजर टूर्नामेंट के आगामी मुकाबलों में मजबूत वापसी करने पर होगी।
Read More : रेलवे के लिए कमाई का इंजन बनी Vande Bharat, 162 ट्रेनें दौड़ीं; AC चेयर कार से हुई शानदार कमाई










