ODI World Cup 2027: क्या 2027 वर्ल्ड कप में भी नहीं दिखेगी वेस्टइंडीज? रैंकिंग ने बढ़ाई बड़ी धड़कनें

वनडे विश्व कप 2027 की रेस अब बेहद रोमांचक और डरावनी हो गई है। हाल ही में बांग्लादेश की पाकिस्तान पर जीत ने वेस्टइंडीज को रैंकिंग में 10वें पायदान पर धकेल दिया है। क्या 1975 और 1979 की चैंपियन टीम एक बार फिर विश्व कप के मुख्य दौर से बाहर हो जाएगी?

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

मार्च 23, 2026

ODI World Cup 2027: क्रिकेट जगत में वनडे विश्व कप का अपना एक अलग ही रसूख है। हालांकि आईसीसी का अगला बड़ा टूर्नामेंट साल 2027 में खेला जाना है, लेकिन इसके समीकरणों और इसमें शामिल होने वाली टीमों को लेकर अभी से चर्चाएं तेज हो गई हैं। क्रिकेट के गलियारों में इस बात को लेकर सुगबुगाहट है कि कहीं दो बार की विश्व चैंपियन टीम इस बार भी मुख्य टूर्नामेंट से बाहर न हो जाए। भले ही अंतिम सूची जारी होने में अभी समय है, लेकिन वर्तमान रैंकिंग और आईसीसी के नियम कुछ चौंकाने वाले संकेत दे रहे हैं।

वनडे विश्व कप का महत्व और रोहित शर्मा का अधूरा सपना

हर चार साल में होने वाला यह टूर्नामेंट क्रिकेट का सबसे प्रतिष्ठित खिताब माना जाता है। भारतीय कप्तान रोहित शर्मा भी कई बार कह चुके हैं कि उनका सबसे बड़ा लक्ष्य वनडे विश्व कप जीतना है। साल 2007 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण करने वाले रोहित ने टी20 विश्व कप तो जीता है, लेकिन वनडे विश्व कप का ताज अभी भी उनकी पहुंच से दूर है। प्रशंसकों को उम्मीद है कि 2027 का यह टूर्नामेंट रोहित और टीम इंडिया के लिए यादगार साबित होगा।

साउथ अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया करेंगे मेजबानी

आईसीसी वनडे विश्व कप 2027 का आयोजन अक्टूबर और नवंबर के महीनों में किया जाएगा। इस बार टूर्नामेंट की मेजबानी का जिम्मा संयुक्त रूप से साउथ अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया के पास है। आईसीसी ने इस बार प्रारूप में बदलाव करते हुए टीमों की संख्या बढ़ा दी है। साल 2023 में जहाँ केवल 10 टीमों ने हिस्सा लिया था, वहीं 2027 में कुल 14 टीमें मैदान में उतरेंगी। आईसीसी फिर से अपने पुराने लोकप्रिय फॉर्मेट की ओर लौट रहा है।

क्वालीफिकेशन का गणित: किसे मिलेगी डायरेक्ट एंट्री?

मेजबान होने के नाते साउथ अफ्रीका और जिम्बाब्वे को इस टूर्नामेंट में सीधे प्रवेश (Direct Entry) मिल चुका है। हालांकि, तीसरा मेजबान देश नामीबिया आईसीसी का पूर्ण सदस्य (Full Member) नहीं है, इसलिए उसे क्वालीफायर मुकाबले खेलकर अपनी जगह बनानी होगी। बाकी बची आठ टीमों का फैसला आईसीसी की वनडे रैंकिंग के आधार पर किया जाएगा। आईसीसी ने तय किया है कि मार्च 2027 तक जो टीमें टॉप रैंकिंग में होंगी, वे सीधे क्वालीफाई करेंगी।

वेस्टइंडीज की टीम पर मंडरा रहे हैं संकट के बादल

सबसे बड़ी चिंता की बात वेस्टइंडीज और बांग्लादेश जैसी टीमों के लिए है। वर्तमान रैंकिंग पर नजर डालें तो बांग्लादेश नौवें और वेस्टइंडीज दसवें स्थान पर है। चूंकि साउथ अफ्रीका पहले से ही टॉप 8 में शामिल है, इसलिए रैंकिंग में नौवें स्थान तक की टीम को मौका मिल सकता है। ऐसे में बांग्लादेश तो सुरक्षित नजर आ रहा है, लेकिन दो बार की विश्व विजेता वेस्टइंडीज की टीम बाहर होती दिख रही है। अगर कैरेबियाई टीम को मुख्य ड्रा में आना है, तो उन्हें मार्च 2027 तक अपनी रैंकिंग में सुधार करना होगा, अन्यथा उन्हें फिर से क्वालीफायर के कठिन दौर से गुजरना पड़ेगा।

सुनहरे इतिहास वाली टीम का गिरता ग्राफ

वेस्टइंडीज क्रिकेट का एक समय पूरी दुनिया पर राज था। क्लाइव लॉयड की कप्तानी में इस टीम ने 1975 और 1979 के शुरुआती दोनों विश्व कप जीते थे। 1983 में भी वे फाइनल तक पहुंचे थे, जहाँ भारत ने उन्हें हराकर उनका विजय रथ रोका था। तब से लेकर आज तक वेस्टइंडीज दोबारा कभी वनडे विश्व कप नहीं जीत पाई है। अब स्थिति यह है कि इस दिग्गज टीम के टूर्नामेंट में शामिल होने पर ही सवालिया निशान लग गए हैं। आने वाले महीनों में रैंकिंग की यह जंग बेहद दिलचस्प होने वाली है।

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