North Korea Military Reshuffle: किम जोंग उन ने हटाया रक्षा मंत्री, किम सोंग-गी को मिली बड़ी जिम्मेदारी

North Korea Military Reshuffle: किम जोंग उन ने उत्तर कोरिया के सैन्य नेतृत्व में बड़ा फेरबदल करते हुए रक्षा मंत्री नो क्वांग-चोल को पद से हटा दिया। उनकी जगह किम सोंग-गी को नया रक्षा मंत्री बनाया गया है। नो क्वांग-चोल को अब म्युनिशंस इंडस्ट्री डिपार्टमेंट में अहम जिम्मेदारी दी गई है।

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

अगस्त 30, 2026

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North Korea Military Reshuffle : इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच उत्तर कोरिया ने अपनी सैन्य नेतृत्व व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया है। शनिवार को देश के रक्षा मंत्री नो क्वांग चोल को उनके पद से हटा दिया गया। उत्तर कोरिया की सरकारी समाचार एजेंसी KCNA के अनुसार, यह फैसला सेना के व्यापक ‘स्ट्रक्चरल री-ऑर्गनाइजेशन प्लान’ के तहत लिया गया है। यह बदलाव सुप्रीम लीडर किम जोंग उन की अध्यक्षता में हुई महत्वपूर्ण बैठक के दौरान तय किया गया।

पार्टी में भी कम हुई नो क्वांग चोल की रैंक

नो क्वांग चोल को केवल रक्षा मंत्री के पद से हटाया नहीं गया, बल्कि सत्तारूढ़ पार्टी में उनकी जिम्मेदारी और रैंक भी कम कर दी गई है। उन्हें अब आर्मामेंट इंडस्ट्री डिपार्टमेंट का फर्स्ट डिप्टी डायरेक्टर बनाया गया है। इस बदलाव को उत्तर कोरिया की सैन्य और राजनीतिक व्यवस्था में महत्वपूर्ण फेरबदल के तौर पर देखा जा रहा है।

किम सोंग-गी बने नए रक्षा मंत्री

नो क्वांग चोल की जगह कोरियाई पीपुल्स आर्मी के जनरल पॉलिटिकल ब्यूरो के डायरेक्टर किम सोंग-गी को नया रक्षा मंत्री नियुक्त किया गया है। इसके अलावा वरिष्ठ सैन्य अधिकारी और रक्षा सलाहकार पाक जोंग-चोन को सेंट्रल मिलिट्री कमीशन का वाइस चेयरमैन बनाया गया है। उन्हें सत्तारूढ़ पार्टी के पॉलिटिकल ब्यूरो में भी शामिल किया गया है।

कई सैन्य अधिकारियों की जिम्मेदारियों में बदलाव

KCNA के मुताबिक, सेना के पुनर्गठन के साथ कई अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के पदों में भी बदलाव किए गए हैं। कुछ अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां दी गई हैं, जबकि कई को पदोन्नति मिली है। हालांकि सरकारी एजेंसी ने इस व्यापक फेरबदल के पीछे सभी व्यक्तिगत कारणों या अधिकारियों की नई भूमिकाओं का विस्तृत विवरण सार्वजनिक नहीं किया है।

किम जोंग उन ने वैज्ञानिकों से भी की मुलाकात

सैन्य नेतृत्व में बदलाव के अलावा किम जोंग उन ने शनिवार को देश के वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं और अधिकारियों से भी मुलाकात की। KCNA के अनुसार, उन्होंने रक्षा तकनीक के क्षेत्र में हुई प्रगति की सराहना की। इस दौरान महत्वपूर्ण योगदान देने वाले वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं को उत्तर कोरिया के सबसे बड़े राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

नए हथियारों के विकास में योगदान

KCNA ने बताया कि पुरस्कार पाने वाले वैज्ञानिकों ने नई कॉम्बैट वेपन सिस्टम विकसित करने से जुड़ी महत्वपूर्ण वैज्ञानिक और तकनीकी चुनौतियों को हल करने में अहम योगदान दिया है। हालांकि उत्तर कोरियाई सरकारी एजेंसी ने यह स्पष्ट नहीं किया कि इन वैज्ञानिकों ने किन नए हथियारों या सैन्य प्रणालियों के विकास में भूमिका निभाई है।

लंबी दूरी के रॉकेट सिस्टम पर बढ़ा फोकस

उत्तर कोरिया की सैन्य रणनीति में नए हथियारों के विकास पर लगातार जोर दिखाई दे रहा है। जून के अंत में किम जोंग उन ने नई लॉन्ग-रेंज मल्टीपल रॉकेट लॉन्चर और आर्टिलरी सिस्टम के परीक्षण की निगरानी की थी। ऐसे में सैन्य नेतृत्व में ताजा बदलाव को देश की रक्षा तकनीक और हथियारों की रणनीति से जोड़कर भी देखा जा रहा है।

अमेरिका-दक्षिण कोरिया सैन्य अभ्यास के बाद बदलाव

उत्तर कोरिया में सैन्य नेतृत्व का यह फेरबदल अमेरिका और दक्षिण कोरिया के बीच होने वाले वार्षिक संयुक्त सैन्य अभ्यास के समाप्त होने के तुरंत बाद हुआ है। प्योंगयांग लंबे समय से इन अभ्यासों का विरोध करता रहा है। उत्तर कोरिया का आरोप है कि अमेरिका और दक्षिण कोरिया के सैन्य अभ्यास उसके खिलाफ संभावित सैन्य कार्रवाई की तैयारी हैं।

ट्रंप ने अभ्यास का स्तर घटाने का दिया था निर्देश

इस बार अमेरिका और दक्षिण कोरिया के संयुक्त सैन्य अभ्यास पर विशेष ध्यान रहा, क्योंकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इनके स्तर को कम करने का निर्देश दिया था। ट्रंप ने कई मौकों पर इन अभ्यासों की आलोचना करते हुए इन्हें उत्तर कोरिया के लिए उकसावे वाला कदम बताया है। उन्होंने दक्षिण कोरिया को लेकर भी कई टिप्पणियां की हैं।

किम जोंग उन से मुलाकात की उम्मीद

डोनाल्ड ट्रंप और किम जोंग उन पहले भी दो बार मुलाकात कर चुके हैं। ट्रंप ने इस वर्ष उत्तर कोरियाई नेता के साथ एक और बैठक होने की उम्मीद जताई है। हालांकि, प्योंगयांग की ओर से इस दिशा में अभी तक कोई स्पष्ट सकारात्मक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

मिसाइल परीक्षण जारी, अमेरिका पर निशाना

उत्तर कोरिया ने सैन्य अभ्यासों के कम किए जाने के बावजूद अपनी मिसाइल गतिविधियां जारी रखी हैं। प्योंगयांग ने अमेरिका की कई नीतियों की भी आलोचना की है। इनमें दक्षिण कोरिया को हथियारों की बिक्री की अनुमति और उत्तर कोरिया में मानवाधिकार उल्लंघनों का रिकॉर्ड तैयार करने वाले कार्यक्रमों को अमेरिकी समर्थन देने की योजनाएं शामिल हैं। ताजा सैन्य फेरबदल के बीच क्षेत्रीय सुरक्षा पर दुनिया की नजर बनी हुई है।

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