North Korea: उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन ने एक बार फिर अपनी सैन्य शक्ति का प्रदर्शन कर वैश्विक स्तर पर हलचल पैदा कर दी है। हाल ही में किम जोंग उन ने देश के अपग्रेडेड ‘600mm रॉकेट लॉन्चर सिस्टम’ की एक पूरी बैटरी का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने इस हथियार की विनाशकारी क्षमता की जमकर तारीफ की। किम ने आक्रामक लहजे में कहा कि जब इस हथियार का उपयोग किया जाएगा, तो दुश्मन को “ईश्वरीय सुरक्षा” भी नहीं बचा पाएगी। उन्होंने इसे रणनीतिक मिशनों के लिए एक अचूक हथियार बताया, जो अपनी जबरदस्त ऊर्जा को एक बिंदु पर केंद्रित कर लक्ष्य को क्षण भर में राख में बदलने की शक्ति रखता है।
दुनिया का सबसे विशाल रॉकेट आर्टिलरी सिस्टम: KN-25 की खासियतें
अमेरिकी खुफिया एजेंसियों और रक्षा विशेषज्ञों ने इस सिस्टम को ‘KN-25’ का कोड नाम दिया है। 600mm कैलिबर और लगभग आठ मीटर की लंबाई के साथ, इसे वर्तमान में दुनिया का सबसे बड़ा रॉकेट आर्टिलरी सिस्टम माना जा रहा है। अनुमान है कि इसके प्रत्येक रॉकेट का वजन लगभग तीन टन है। उत्तर कोरिया ने साल 2024 में इसे एक नया और उन्नत चेसिस प्रदान किया है, जो काफी हद तक KN-23 शॉर्ट-रेंज बैलिस्टिक मिसाइल के समान है। यह अपग्रेड न केवल इसे अधिक गतिशीलता प्रदान करता है, बल्कि युद्ध के मैदान में इसकी मारक क्षमता को भी पहले से कहीं अधिक घातक बनाता है।
400 किलोमीटर की मारक क्षमता: निशाने पर पूरा दक्षिण कोरिया
इस हथियार की सबसे बड़ी चिंताजनक बात इसकी 400 किलोमीटर की मारक रेंज है। इस दूरी के कारण पूरा दक्षिण कोरिया उत्तर कोरियाई रॉकेटों की सीधी जद में आ गया है। KN-25 पारंपरिक आर्टिलरी और टैक्टिकल बैलिस्टिक मिसाइल के बीच के अंतर को पूरी तरह समाप्त कर देता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह सिस्टम दक्षिण कोरिया के प्रमुख सैन्य ठिकानों और राजधानी सियोल को निशाना बनाने के लिए डिजाइन किया गया है। इसकी अचानक हमला करने की क्षमता और एक साथ कई रॉकेट दागने की शक्ति इसे रक्षा प्रणालियों के लिए एक बड़ी चुनौती बनाती है।
परमाणु क्षमता और उन्नत नेविगेशन प्रणाली से लैस
शुरुआत में माना जा रहा था कि यह लॉन्चर केवल पारंपरिक विस्फोटकों (High-Explosive Warheads) के लिए बना है, लेकिन प्योंगयांग ने बाद में स्पष्ट किया कि यह ‘टैक्टिकल न्यूक्लियर हथियार’ (सामरिक परमाणु हथियार) ले जाने में भी पूरी तरह सक्षम है। किम जोंग उन द्वारा इसे “स्ट्रेटेजिक मिशन” के लिए उपयुक्त बताना सीधे तौर पर इसकी परमाणु शक्ति की ओर इशारा करता है। इसके अलावा, इसमें एक नई ‘नेविगेशन और कंट्रोल सिस्टम’ तकनीक जोड़ी गई है। यह प्रणाली बाहरी इलेक्ट्रॉनिक हस्तक्षेप (Jamming) से सुरक्षित है, जो इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर के दौरान भी हथियार की सटीकता को बनाए रखने में मदद करती है।
सैन्य प्राथमिकताएं और राजनीतिक संदेश: भविष्य की रणनीति
इस घातक हथियार का प्रदर्शन उत्तर कोरिया की सत्तारूढ़ पार्टी की एक महत्वपूर्ण कांग्रेस बैठक से ठीक पहले किया गया है। विश्लेषकों का मत है कि किम जोंग उन इस शक्ति प्रदर्शन के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय समुदाय, विशेषकर अमेरिका और उसके सहयोगियों को एक कड़ा राजनीतिक संदेश देना चाहते हैं। इस बैठक में किम द्वारा भविष्य की नई सैन्य प्राथमिकताओं और परमाणु कार्यक्रम के विस्तार की घोषणा करने की उम्मीद है। यह रॉकेट लॉन्चर बैटरी न केवल उत्तर कोरिया की बढ़ती तकनीक का प्रतीक है, बल्कि यह क्षेत्र में हथियारों की नई होड़ को भी जन्म दे सकती है।
Read More: Mahakal Aarti Fee : महाकालेश्वर मंदिर संध्या-शयन आरती ऑनलाइन शुल्क पर बढ़ा विवाद, सियासी घमासान तेज









