Noida Workers Protest 2026: नोएडा में प्राइवेट कर्मचारियों का हल्ला बोल, सरकार की वेतन वृद्धि को ठुकरा कर प्रदर्शन जारी

नोएडा के औद्योगिक क्षेत्रों में न्यूनतम वेतन को लेकर घमासान मचा हुआ है। निजी कंपनियों के कर्मचारी ₹20,000 न्यूनतम सैलरी की मांग पर अड़े हैं, जिसे लेकर मंगलवार को भी भारी प्रदर्शन जारी रहा।

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

अप्रैल 14, 2026

Noida Workers Protest 2026: नोएडा के औद्योगिक क्षेत्रों में न्यूनतम वेतन को लेकर शुरू हुआ आंदोलन अब एक बड़े संकट का रूप ले चुका है। प्राइवेट कंपनियों के हजारों कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर हैं, जिससे शहर के प्रमुख औद्योगिक केंद्रों में काम पूरी तरह ठप हो गया है। सरकार की कोशिशों के बावजूद कर्मचारी अपनी मांग से पीछे हटने को तैयार नहीं हैं।

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“11 हजार में दम नहीं, 20 हजार से कम नहीं”: कर्मचारियों का हुंकार

Noida Workers Protest 2026
नोएडा में प्राइवेट कर्मचारियों का हल्ला बोल

नोएडा फेस-2 और सेक्टर-63 जैसे इलाकों में प्रदर्शनकारियों का गुस्सा फूट पड़ा है। कर्मचारियों का स्पष्ट कहना है कि वर्तमान महंगाई के दौर में ₹11,000 की न्यूनतम मजदूरी में परिवार पालना नामुमकिन है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में कर्मचारी “20 हजार से कम नहीं” के नारे लगाते दिख रहे हैं। मंगलवार को प्रदर्शन के दौरान पुलिस और श्रमिकों के बीच तीखी झड़प भी हुई, जिसके बाद स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा।कर्मचारियों का तर्क है कि अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में समान कार्य के लिए बेहतर वेतन दिया जा रहा है, जबकि नोएडा में उनका शोषण हो रहा है।

सरकार का फैसला

सोमवार को हुए उग्र प्रदर्शन और तोड़फोड़ के बाद उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने आनन-फानन में न्यूनतम मजदूरी दरों में बढ़ोतरी का आदेश जारी किया। ये आदेश 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी होंगे, जिसमें विभिन्न श्रेणियों में अधिकतम ₹3,000 तक की वृद्धि की गई है। इस बढ़ोत्तरी के बावजूद श्रमिक संगठन और कर्मचारी संतुष्ट नहीं हैं। उनका कहना है कि यह वृद्धि ऊंट के मुंह में जीरे के समान है। सरकार ने भविष्य में ‘वेज बोर्ड’ के माध्यम से समीक्षा का वादा किया है, लेकिन कर्मचारी तत्काल ठोस समाधान चाहते हैं।

उत्पादन ठप और आर्थिक नुकसान

हड़ताल का सबसे बुरा असर नोएडा की फैक्ट्रियों पर पड़ा है। मंगलवार को भी मजदूर काम पर नहीं लौटे, जिससे उत्पादन प्रक्रिया पूरी तरह रुक गई है। फैक्ट्री मालिकों का कहना है कि अचानक वेतन में इतनी बड़ी वृद्धि से उत्पादन लागत बढ़ जाएगी, जिससे व्यापार घाटे में जा सकता है। हालांकि, प्रबंधन बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन वे इसके लिए समय मांग रहे हैं। काम बंद होने से माल की आपूर्ति रुक गई है, जिसका असर आने वाले दिनों में बाजार पर दिख सकता है।

350 गिरफ्तार, सीसीटीवी से पहचान जारी

सोमवार को हुई हिंसा और आगजनी को लेकर पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है। सेक्टर-63 में फैक्ट्रियों के बाहर जली हुई गाड़ियां और टूटे हुए शीशे कल के तांडव की गवाही दे रहे हैं। पुलिस के अनुसार, भीड़ ने सीसीटीवी कैमरे तोड़कर फैक्ट्रियों में घुसपैठ की थी। इस मामले में अब तक 350 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। प्रशासन सीसीटीवी फुटेज और वीडियो के जरिए अन्य उपद्रवियों की पहचान कर रहा है। पूरे इलाके में भारी पुलिस बल तैनात है और श्रम विभाग दोनों पक्षों के बीच मध्यस्थता की कोशिश कर रहा है।

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