Noida Violence: उत्तर प्रदेश के औद्योगिक केंद्र नोएडा में वेतन वृद्धि की मांग को लेकर पिछले चार दिनों से चल रहा मजदूरों का आंदोलन सोमवार को बेहद हिंसक हो गया। जिले के विभिन्न क्षेत्रों में हजारों की संख्या में मजदूर सड़कों पर उतर आए हैं, जिससे कानून-व्यवस्था की स्थिति गंभीर बनी हुई है। मजदूरों का आरोप है कि महंगाई के इस दौर में उनसे बहुत कम वेतन पर काम लिया जा रहा है, जिससे उनके परिवारों का भरण-पोषण असंभव हो गया है।
नोएडा फेज-2 में भड़की हिंसा: पुलिस की गाड़ियों में तोड़फोड़ और आगजनी
सोमवार को नोएडा फेज-2 स्थित औद्योगिक इकाइयों के पास मजदूरों का आक्रोश फूट पड़ा। वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर हो रहा शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन अचानक हिंसक झड़प में तब्दील हो गया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की गाड़ियों को निशाना बनाया और उनमें जमकर तोड़फोड़ की। देखते ही देखते स्थिति इतनी बिगड़ गई कि उपद्रवियों ने कुछ वाहनों को आग के हवाले कर दिया। बेकाबू भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। इलाके में भारी पत्थरबाजी के कारण कई निजी संपत्तियों को भी नुकसान पहुंचा है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का बड़ा बयान: “शांति के खिलाफ रचा जा रहा षडयंत्र”
नोएडा में बढ़ते तनाव के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मुजफ्फरनगर की एक जनसभा से इस मुद्दे पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। सीएम योगी ने इसे राज्य की प्रगति को बाधित करने की कोशिश बताया। उन्होंने कहा, “जब उत्तर प्रदेश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में सुरक्षा, सुशासन और औद्योगिकीकरण का एक नया मॉडल खड़ा कर रहा है, तब कुछ लोग इस शांति और समृद्धि को रोकने के लिए अशांति फैलाने का षडयंत्र कर रहे हैं।” मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार बेटी, व्यापारी और किसान की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और ऐसी घटनाओं को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
औद्योगिक श्रमिकों से अपील: कोरोना काल की मदद को याद करें
सीएम योगी ने प्रदर्शनकारी मजदूरों और औद्योगिक इकाइयों के कार्मिकों से शांति बनाए रखने की अपील की। उन्होंने सरकार और श्रमिकों के बीच के भावनात्मक जुड़ाव का जिक्र करते हुए कहा, “श्रमिकों को याद करना चाहिए कि कोरोना काल में जब पूरी दुनिया डरी हुई थी, तब हमारी डबल इंजन की सरकार ने अपनी जान की परवाह किए बिना मजदूरों को घर पहुंचाने के लिए गाड़ियां उपलब्ध करवाई थीं और उनके लिए क्वारंटाइन सेंटरों में भोजन-पानी की व्यवस्था की थी।” उन्होंने कहा कि सरकार हमेशा श्रमिकों के हितों के साथ खड़ी रही है, इसलिए उन्हें किसी के बहकावे में नहीं आना चाहिए।
मजदूरों की मांग: वेतन विसंगति और अन्य अनियमितताओं पर नाराजगी
प्रदर्शनकारी मजदूरों का कहना है कि यह केवल वेतन वृद्धि का मामला नहीं है, बल्कि कार्यस्थलों पर व्याप्त कई अन्य अनियमितताएं भी उनकी नाराजगी का कारण हैं। मजदूरों के अनुसार, उनकी कार्यक्षमता के अनुरूप उन्हें उचित मानदेय नहीं मिल रहा है और न ही बुनियादी सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। चार दिनों से अपनी आवाज उठा रहे इन मजदूरों का कहना है कि जब तक प्रशासन और कंपनियां उनकी जायज मांगें नहीं मानतीं, उनका संघर्ष जारी रहेगा। हालांकि, सोमवार को हुई हिंसा के बाद अब प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है।
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम: नोएडा में भारी पुलिस बल की तैनाती
हिंसा और आगजनी की घटनाओं के बाद नोएडा के औद्योगिक क्षेत्रों को छावनी में तब्दील कर दिया गया है। स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए भारी पुलिस बल के साथ-साथ पीएसी (PAC) की कंपनियां तैनात की गई हैं। पुलिस ड्रोन के जरिए उपद्रवियों की पहचान कर रही है और पत्थरबाजी में शामिल लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जिला प्रशासन ने कंपनियों के मालिकों और मजदूर संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत की कोशिशें तेज कर दी हैं ताकि इस गतिरोध को सुलझाया जा सके और शांति बहाल हो सके।









