Noida International Airport: पीएम मोदी करेंगे उद्घाटन, उत्तर भारत के आसमान में शुरू होगा ‘DXN’ का नया युग!

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज जेवर में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पहले चरण का उद्घाटन करेंगे। 1.2 करोड़ यात्री क्षमता, 3900 मीटर लंबा रनवे और अत्याधुनिक स्विस तकनीक से लैस यह एयरपोर्ट 'DXN' कोड के साथ उड़ान भरने को तैयार है।

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

मार्च 28, 2026

Noida International Airport: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 28 मार्च को जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पहले चरण का उद्घाटन करेंगे। स्विस ऑपरेटर ज्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनेशनल एजी द्वारा समर्थित यह परियोजना उत्तर भारत में बढ़ते हवाई यातायात और भीड़भाड़ का समाधान मानी जा रही है। इसे प्रति वर्ष 7 करोड़ यात्रियों की क्षमता तक विस्तार करने के लिए डिजाइन किया गया है।

यह एयरपोर्ट इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय (आईजीआई) हवाई अड्डे के बाद इस क्षेत्र का दूसरा अंतर्राष्ट्रीय प्रवेश द्वार बनेगा। आईजीआई एयरपोर्ट पहले से ही लगभग पूरी क्षमता पर काम कर रहा है, ऐसे में जेवर एयरपोर्ट और आईजीआई मिलकर डबल एयरपोर्ट सिस्टम के तहत भविष्य की मांग को पूरा करेंगे।

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पहले चरण की क्षमता और सुविधाएं

एयरपोर्ट के पहले चरण में प्रति वर्ष 12 मिलियन यात्रियों को संभालने की क्षमता होगी। इसमें 3,900 मीटर लंबा रनवे बनाया गया है, जो बड़े विमानों को संभालने में सक्षम है। हाईटेक नेविगेशन सिस्टम, इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम और आधुनिक एयरफील्ड लाइटिंग से लैस यह एयरपोर्ट हर मौसम में चौबीसों घंटे संचालन कर सकेगा। इसे IATA कोड DXN आवंटित किया गया है।

पश्चिमी यूपी को बड़ा फायदा

यमुना एक्सप्रेस-वे के किनारे स्थित यह एयरपोर्ट नोएडा, ग्रेटर नोएडा, आगरा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के यात्रियों के लिए बड़ी सुविधा लेकर आएगा। सड़क नेटवर्क, आने वाले मेट्रो लिंक और रेल कॉरिडोर से इसे जोड़ा जाएगा। इससे पूरे क्षेत्र में लास्ट-माइल कनेक्टिविटी मजबूत होगी।

उड़ान परिचालन की शुरुआत

उद्घाटन के बाद 45 दिन से 2 महीने के भीतर उड़ानें शुरू होने की उम्मीद है। प्रारंभिक सेवाएं घरेलू मार्गों पर केंद्रित होंगी। अंतरराष्ट्रीय उड़ानें 2026 के अंत तक शुरू करने की योजना है।इंडिगो, अकासा एयर और एयर इंडिया एक्सप्रेस जैसी एयरलाइंस शुरुआती परिचालन का नेतृत्व करेंगी। पहले 45 दिनों में लगभग 10 प्रमुख भारतीय शहरों के लिए सीधी उड़ानें शुरू हो सकती हैं।

विकास और निवेश

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड द्वारा विकसित किया जा रहा है, जो ज्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनेशनल एजी की सहायक कंपनी है।

यह परियोजना उत्तर प्रदेश और केंद्र सरकार के साथ पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल के तहत बनाई जा रही है। कंसेशन पीरियड 1 अक्टूबर 2021 से शुरू होकर 40 वर्षों तक रहेगा। पहले चरण में लगभग ₹11,200 करोड़ का निवेश किया गया है। इसके लिए भारतीय स्टेट बैंक से भी लोन लिया गया है।

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट उत्तर भारत के लिए एक बड़ा बदलाव साबित होगा। यह न केवल दिल्ली-एनसीआर के यात्रियों को राहत देगा बल्कि पश्चिमी यूपी और आसपास के क्षेत्रों को भी वैश्विक विमानन नेटवर्क से जोड़ने में अहम भूमिका निभाएगा। आधुनिक तकनीक, विशाल क्षमता और बेहतर कनेक्टिविटी के साथ यह एयरपोर्ट आने वाले वर्षों में भारत के प्रमुख विमानन केंद्रों में से एक बन सकता है।

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